Health

क्या होता हैं कोसम का फ़ल जानें इसका स्वाद 

केशव कुमार/महासमुंद. जंगलों में पाया जाने वाला कोसम पेड़, हमारे लिए कई मायनों में उपयोगी साबित होता है. पूर्व काल में इसका बहुत महत्व था, वैसे तो आज भी है. लेकिन, आधुनिक युग में प्राचीन काल के जैसे प्राकृतिक चीजों का उपयोग अत्यंत कम हो चुका है. प्राचिन काल से हमारे पूर्वज जंगली जड़ी-बूटियों से रोगों का निदान करते आ रहे हैं. कई तरह के जंगली जड़ी-बूटी का उपयोग कर हम अनेक रोगों से राहत पा सकते हैं और इन में कोसम भी शामिल है. कोसम के फल को उपयोग में लाया जाता है. बाकी, इसके पत्तों का कोई उपयोग नहीं किया जाता है. इसकी टहनियां अधिकतर आग जलाने में उपयोग की जाती हैं.

कोसम का फल आमतौर पर खट्टा होता है. लेकिन कुछ कोसम के प्रजाति के फल न के बराबर खट्टे होते हैं. जो खाने में बहुत अच्छे लगते हैं. इसमें नमक-मिर्च मिलाकर खाने में और भी स्वाद आ जाता है. कोसम पेड़ में फल चैत वैशाख में लगता है और आषाढ़ सावन तक पक जाता है, इसका फल पेड़ में लम्बे समय तक रहता है. लेकिन अधिक बारिश-तूफान होने पर ये टहनियों से झड़ जाते हैं. इसका फल भादों कुंवार तक रहता है.

ऐसे तैयार करते हैं कोसम का तेलकोसम का तेल निकालने के लिए उसके ऊपरी परत (छिलका) को हटाकर उसके मध्य भाग (जिसे खाया जाता है) को हटा देते हैं और बीज को अलग कर लिया जाता है. फिर उसके बीज के उपरी छिलके को भी हटा देते हैं और उसे अच्छे से सुखाकर, कूटकर आटा की तरह बना लिया जाता है. फिर उसे एक कपड़े में पोटली बांधकर, एक बर्तन में पानी भरकर उसके ऊपर उस पोटली को रख देते हैं. फिर उसे चूल्हे में चढ़ाकर गर्म किया जाता है, जिससे कूटे हुए कोसम में नमी आ जाती है और उसे पोटली में भरकर तिरही में पेरा जाता है, जिससे हमें कोसम का तेल प्राप्त हो जाता है.

Tags: Chhattisagrh news, Health News, Local18, Mahasamund News

FIRST PUBLISHED : July 7, 2024, 14:46 IST

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