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Last Updated:December 21, 2025, 21:27 IST
Bhilwara Lord Vishnu Winter Puja: भीलवाड़ा जिले के एकमात्र भगवान विष्णु मंदिर में सर्दियों में विशेष मोन श्रृंगार किया जा रहा है. रंग-बिरंगे वस्त्र, ऊनी आवरण और पारंपरिक सजावट से भगवान विष्णु का श्रृंगार किया गया है. यह विशेष आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का केंद्र बन गया है. भक्त बड़ी संख्या में दर्शन करने आ रहे हैं. सर्दियों की ठंड के बीच यह परंपरा मंदिर और आसपास के लोगों में धार्मिक उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर रही है.
भीलवाड़ा – सर्दी का असर अब धीरे धीरे तेज होने लगीं हैं सर्दी ने लोगों की धूजणी छुड़ा दी हैं जहां सर्दी के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा हैं तो आज हम आपको ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहें हैं जहां भगवान पर साफतौर पर ठंड का असर दिखाई दे रहा हैं. पौष के महीने से सर्दी का प्रकोप बढ़ने लगा हैं. जिसके खानपान और रहन-सहन के बदलाव से भगवान भी अछूते नहीं है तेज सर्दी के चलते भीलवाड़ा के भोपालगंज में स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में भगवान लक्ष्मी नारायण का विशेष श्रृंगार किया जाता है.
साथ ही दो महीने तक भगवान को विशेष व्यंजनों का भोग लगता है. जिसमें भगवान को शुद्ध घी से निर्मित खिरण और नमकीन चावल का भोग लगाया जाता है. इस भोग को मोन भोग भी कहा जाता है. यह भोग भक्तों द्वारा अर्पित किया जाता है.
मंदिर ट्रस्टी ओमप्रकाश अग्रवाल ने कहा कि सनातन धर्म में भगवान विष्णु ही आदि देव हैं. उन्हीं से सभी देवी- देवता और सृष्टि की उत्पत्ति हुई है. भीलवाड़ा के इस मंदिर में भगवान विष्णु माता लक्ष्मी के साथ विराजमान हैं, यह एकमात्र मंदिर है जहां भगवान विष्णु ओर माता रानी साथ विराजे हैं. पौष और माघ मास में ठंड तेज होती है. इसलिए भगवान की सेवा का विशेष क्रम शुरू किया गया. दो महीने भगवान का प्रतिदिन विशेष शृंगार किया जाएगा. प्रतिदिन भगवान को शुद्ध घी से निर्मित खिरण और नमकीन चावल का भोग लगाना शुरू किया है, जो पौष ओर माघ दो महीने तक लगाया जाएगा.
60 दिन तक भगवान का विशेष श्रृंगार होता हैयहां एक भक्त को एक बार ही भोग सेवा का अवसर दिया जाता है. सर्दी के मौसम में दो माह तक लगातार विशेष आयोजन किए जाएंगे. भगवान को विशेष भोग लगता है. जिसमें खिरण और नमकीन चावल महीने का दो महीने तक भक्तों द्वारा लगाया जाता है. भगवान का प्रतिदिन जलाभिषेक होता है विशेष पूजा होती है और अति विशेष श्रृंगार प्रतिदिन किया जाता है. 60 दिन तक भगवान का विशेष श्रृंगार होता है जो दर्शनीय ओर नयनाभिराम होता है. यहां नियमित रूप से 365 दिन पांचों आरती आरती ओर तीनों भोग के साथ विधि विधान से पूजा पाठ किया जाता है. मंदिर में गोशाला बनी है उन्हीं गायों के के दूध से भगवान को भोग लगाया जाता है. भगवान के लिए रसोई घर अलग से बना हुआ है. इस रसोई घर में भगवान के लिए भोग का बनाया जाता है, भगवान के विशेष आयोजन पौष से माघ महीने तक किए जाएंगे.
भीलवाड़ा का एक मात्र लक्ष्मी नारायण मंदिरमंदिर ट्रस्टी ओमप्रकाश अग्रवाल ने बताया कि सनातन धर्म में भगवान विष्णु ही आदि देव हैं. उन्हीं से सभी देवी- देवता और सृष्टि की उत्पत्ति हुई है. भीलवाड़ा के इस मंदिर में भगवान विष्णु माता लक्ष्मी के साथ विराजमान हैं, यह एकमात्र मंदिर है जहां भगवान विष्णु ओर माता रानी साथ विराजे हैं.
दो माह तक विशेष भोग लगाया जाएगापौष और माघ मास में ठंड तेज होती है. इसलिए भगवान की सेवा का विशेष क्रम शुरू किया गया. दो महीने भगवान का प्रतिदिन विशेष शृंगार किया जाएगा. प्रतिदिन भगवान को शुद्ध घी से निर्मित खिरण और नमकीन चावल का भोग लगाना शुरू किया है, जो पौष ओर माघ दो महीने तक लगाया जाएगा. यहां एक भक्त को एक बार ही भोग सेवा का अवसर दिया जाता है.
About the AuthorJagriti Dubey
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Location :
Bhilwara,Rajasthan
First Published :
December 21, 2025, 21:27 IST
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भीलवाड़ा का विष्णु मंदिर बना श्रद्धालुओं का केंद्र,ठंड में हो रहा मोन श्रृंगार



