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मुसीबत और दोस्ती क्या होती है? घर की नीलामी ने गणपत सिंह को सिखाया असली सबक

Last Updated:January 10, 2026, 13:10 IST

Motivational speaker Ganpat Singh Rajpurohit: मोटिवेशनल स्पीकर गणपत सिंह राजपुरोहित इन दिनों अपने भावुक बयान को लेकर चर्चा में हैं. उन्होंने अपने जीवन के उस कठिन दौर को साझा किया, जब हालातों के चलते उनके घर की नीलामी तक की नौबत आ गई थी. इस संकट में उन्होंने सच्चे और दिखावटी दोस्तों का फर्क समझा. गणपत सिंह ने बताया कि मुसीबत इंसान को तोड़ती नहीं, बल्कि मजबूत बनाती है. आज वे अपने संघर्षों से सीख लेकर युवाओं को आत्मबल, भरोसे और सच्ची दोस्ती का महत्व समझा रहे हैं.

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मुसीबत और दोस्ती क्या होती है? घर की नीलामी ने गणपत सिंह को सिखाया असली सबक मोटिवेशनल स्पीकर गणपत सिंह राजपुरोहित

Ganpat Singh Rajpurohit: सोशल मीडिया और युवाओं के बीच इन दिनों शिक्षक एवं मोटिवेशनल स्पीकर गणपत सिंह राजपुरोहित का एक भावुक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में उन्होंने अपने जीवन की सबसे कठिन घड़ी, अपने घर की नीलामी और उस समय दोस्तों के असली चेहरे को लेकर जो बात कही. गणपत सिंह के इस वीडियो ने हजारों लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया. वायरल वीडियो में वे बेहद सरल शब्दों में बता रहे हैं कि मुसीबत क्या होती है और सच्ची दोस्ती की पहचान कैसे होती है.

वीडियो में गणपत सिंह ने बता रहे हैं कि उनके जीवन में एक समय ऐसा भी आया जब कर्ज और कमज़ोर परिस्थितियों के चलते उनके घर की नीलामी की नौबत आ गई. उन्होंने कहा कि वही वक्त था, जब उन्होंने लोगों को सिर्फ बातें करते नहीं, बल्कि सच में परखा. कई ऐसे दोस्त, जो खुशियों में कंधे से कंधा मिलाकर चलते थे, मुश्किल समय में फोन उठाना तक भूल गए. उन्होंने भावुक होकर कहा, मुसीबत में इंसान अकेला नहीं होता, बस लोग साथ छोड़ देते हैं.

किसी खास दोस्त ने नहीं दिया साथ

गणपत सिंह वीडियो में बता रहे हैं कि जब मेरा IAS का मैंस की एग्जाम तैयारी चली रही थी तब घर वालों ने बैंक से करीब 20 लाख रुपए का कर्ज ले रखा था कर्ज नहीं चुकाने के चलते बैंक ने घर के नीलामी के आदेश जारी कर दिए. उस समय मेरे पास इतने पैसे नहीं थे, तब दोस्तों की मदद लेनी चाही. इसके बाद घर की नीलामी को लेकर एक भावुक मैसेज सभी दोस्तों को भेजा. उन्होंने बताया कि मैसेज देखकर अधिकांश दोस्तों ने रिप्लाई तक नहीं किया. जो लोग देने में सक्षम थे उन्होंने भी मेरी कोई मदद नहीं की. फिर जिस दोस्त से मेरी बात तक नहीं हुई और जिसको मैंने मैसेज नहीं भेजा उसका कॉल आया और बैंक में जाकर 16 लाख रुपए जमा करवाएं और उनको कहा बैंक मैनेजर से कहा कि बाकी के पैसे मैं दूंगा.

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