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IAS सुप्रिया साहू कौन हैं? UN ने किया सम्मानित, लखनऊ यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई, 1991 में बनी थीं अफसर – Uttar Pradesh News

Last Updated:December 12, 2025, 13:26 IST

IAS Supriya Sahu: तमिलनाडु की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुप्रिया साहू चर्चा में हैं. उन्हें यूएन चैंपियंस ऑफ द अर्थ अवॉर्ड 2025 से सम्मानित किया गया है. आईएएस सुप्रिया साहू ने 1989 में यूपीएससी परीक्षा पास की थी.IAS सुप्रिया साहू कौन हैं? UN ने किया सम्मानित, लखनऊ यूनिवर्सिटी से की पढ़ाईIAS Supriya Sahu: आईएएस सुप्रिया साहू का उत्तर प्रदेश से गहरा नाता है

नई दिल्ली (IAS Supriya Sahu). सीनियर आईएएस अधिकारी सुप्रिया साहू को संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) 2025 का ‘चैंपियंस ऑफ द अर्थ’ पुरस्कार मिला है. ‘प्रेरणा और कार्य’ (Inspiration and Action) श्रेणी के तहत यह अवॉर्ड जीतकर उन्होंने वैश्विक मंच पर भारत का नाम रोशन किया है. यह सम्मान संयुक्त राष्ट्र का सर्वोच्च पर्यावरण पुरस्कार है. उन्हें यह सम्मान तमिलनाडु में पर्यावरण सुधारने, जलवायु बदलाव से लड़ने और बिना प्रदूषण वाली कूलिंग टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने में बेहतरीन काम करने के लिए मिला है.

1991 बैच की तमिलनाडु कैडर की आईएएस सुप्रिया साहू 3 दशकों से अधिक के अपने करियर में सार्वजनिक प्रशासन, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण पर काम कर रही हैं. सुप्रिया साहू का करियर केवल प्रशासनिक दक्षता तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि उन्होंने जमीनी स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण अभियान भी चलाए हैं. उन्होंने अपने करियर के शुरुआती चरण में नीलगिरि जिले की कलेक्टर के तौर पर ‘ऑपरेशन ब्लू माउंटेन’ जैसा जमीनी अभियान चलाया था.

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है नाम

‘ऑपरेशन ब्लू माउंटेन’ अभियान का उद्देश्य नीलगिरि में एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक (single-use plastic) को खत्म करना था. इसके कारण एक ही दिन में सबसे अधिक पेड़ लगाने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बना, जोकि आईएएस सुप्रिया साहू के नाम पर दर्ज है. आईएएस सुप्रिया साहू ने तमिलनाडु को जलवायु बदलाव रोकने, उससे तालमेल बिठाने और गर्मी से बचाने के मामले में दुनिया में सबसे आगे लाने पर जोर दिया है. वह पर्यावरण की बेहतरी के लिए कई तरह की पहल कर चुकी हैं.

उत्तर प्रदेश से है खास नाता

सुप्रिया साहू का जन्म 27 जुलाई 1968 को हुआ था. उन्होंने अपनी स्कूली और ग्रेजुएशन की शिक्षा पूरी करने के बाद लखनऊ विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश से वनस्पति विज्ञान में मास्टर ऑफ साइंस (M.Sc.) की डिग्री हासिल की थी. सुप्रिया साहू ने साल 1989 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास की थी. फिर ट्रेनिंग के बाद वह 1991 बैच की आईएएस अधिकारी बनीं. उन्हें तमिलनाडु कैडर आवंटित किया गया था. करियर के शुरुआती दौर में वह नीलगिरि जिले की कलेक्टर रही थीं. वह कौन बनेगा करोड़पति शो का हिस्सा भी रह चुकी हैं.

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड और प्रमुख अभियान

आईएएस सुप्रिया साहू को उनके जमीनी स्तर के प्रयासों के लिए अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिली है:

प्लास्टिक प्रतिबंध: नीलगिरि कलेक्टर के रूप में उन्होंने सिंगल-यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने का सफल अभियान चलाया.
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड: इस अभियान के दौरान एक ही दिन में सबसे अधिक पेड़ लगाकर उन्होंने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया.
‘मीनदुम मंजप्पई’: उन्होंने तमिलनाडु में कपड़े के थैलों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख अभियान मीनदुम मंजप्पई (Meendum Manjappai – फिर से पीला थैला) शुरू किया, जो काफी लोकप्रिय हुआ.

संभाल चुकी हैं कई बड़ी जिम्मेदारियां

सुप्रिया साहू वर्तमान में तमिलनाडु सरकार के पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और वन विभाग में अपर मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत हैं. वह केंद्र सरकार की प्रतिनियुक्ति पर दूरदर्शन की महानिदेशक (DG) के रूप में भी काम कर चुकी हैं. उनके नेतृत्व में राज्य ने तमिलनाडु ग्रीन क्लाइमेट कंपनी की स्थापना की है, राज्य ने 100 मिलियन से अधिक पेड़ लगाने, 65 नए आरक्षित वन स्थापित करने और मैंग्रोव कवर को दोगुना करने का प्रयास किया है. वह स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग में भी अपर मुख्य सचिव रह चुकी हैं.

About the AuthorDeepali Porwal

With more than 10 years of experience in journalism, I currently specialize in covering education and civil services. From interviewing IAS, IPS, IRS officers to exploring the evolving landscape of academic sys…और पढ़ें

First Published :

December 12, 2025, 13:26 IST

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