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Winter Agriculture Tips | Minus Degree Temperature Farming | Cold Wave Farming Techniques | Frost Protection in Crops | Winter Crop Safety | Polyhouse Farming Winter | Mulching Techniques

Last Updated:January 10, 2026, 14:50 IST

Winter Agriculture Tips: माइनस डिग्री तापमान में सब्जियों की खेती किसानों के लिए चुनौतीपूर्ण होती है, लेकिन आधुनिक कृषि तकनीकें इसे आसान बना रही हैं. लो टनल, पॉलीहाउस, मल्चिंग और हल्की सिंचाई जैसी विधियों से पाले और ठंड से फसलों को बचाया जा सकता है. ये उपाय मिट्टी की नमी और तापमान संतुलित रखते हैं, जिससे सब्जियां सुरक्षित रहती हैं. इन तकनीकों से उत्पादन बढ़ता है और सर्दियों में किसानों को बेहतर आय मिलती है.

Winter Agriculture News: शेखावाटी अंचल सहित सीकर जिले में इन दिनों सर्द हवाओं के साथ तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. पिछले दिनों फतेहपुर का न्यूनतम तापमान माइनस -0.2 तक पहुंच गया और अभी भी न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु के नजदीक है. तापमान के जमाव बिंदु के नजदीक पहुंचने से किसानों की चिंता बढ़ गई है. मौसम विभाग के संकेतों के अनुसार आने वाले दिनों में पाले की संभावना बनी हुई है, जिससे खेतों में खड़ी सब्जियों और अन्य संवेदनशील फसलों को भारी नुकसान हो सकता है.

पाले के खतरे को देखते हुए किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए एहतियाती उपाय अपनाने लगे हैं. खेतों में खड़े सब्जी के पौधों को कड़ाके की ठंड और पाले से सुरक्षित रखने के लिए किसान लोटनल (पॉलीथिन) और नेट का उपयोग कर रहे हैं. लोटनल को पौधों के ऊपर डालकर ठंडी हवाओं और पाले के प्रभाव को कम करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे पौधों के जलने और खराब होने से बचाव हो सके.

सर्दी से बचाव के लिए लोटनल का उपयोग कर रहे किसान सीकर शहर के नजदीकी पीपली नगर क्षेत्र में एक किसान महेश सैनी ने करीब 10 बीघा क्षेत्र में खेत में लगे पेड़-पौधों और सब्जी की फसल पर लोटनल और नेट लगाया है.. किसान का कहना है कि पिछले वर्षों में पाले के कारण फसलों को नुकसान झेलना पड़ा था, इसलिए पिछले 5 सालों से सर्दी के समय फसल को पाले से बचने के लिए लोटनल का उपयोग कर रहे हैं. किसानों को उम्मीद है कि समय रहते किए गए ये उपाय उनकी मेहनत और फसलों को पाले की मार से बचाने में कारगर साबित होंगे.

पाला पड़ने पर पौधों को नुकसान नहींयुवा किसान ओमप्रकाश सैनी व अजीत सैनी ने बताया कि वह खेत में विभिन्न प्रकार की सब्जियों की पैदावार करते हैं. अब सीकर में बढ़ती सर्दी और गिरते तापमान के कारण खेत में खड़े ककड़ी, टमाटर, बैंगन, मिर्ची, तूरई सहित अन्य पेड़ पौधे को पाले से बचाने के लिए लोटनल का प्रयोग करते है ताकि पाला पड़ने पर पौधों को नुकसान नहीं हो. युवा किसान ने बताया कि जब पारा माइनस में चला जाता है तो पेड़ पौधों पर ओस व पानी की बूंदे बर्फ के रूप में जम जाती है, जिससे विशेषकर सब्जी पेड़ पौधे जलकर नष्ट हो जाते हैं.

पानी भी ड्रिप सिस्टम से दिया जाता हैऐसे में कड़ाके की ठंड और पाले से पौधों को बचाने के लिए लोटनल यानी पॉलिथीन और नेट लगाकर पौधों के अनुकूल तापमान को बनाकर रखा जाता है. इसके साथ ही पेड़ पौधों में पानी भी ड्रिप सिस्टम से दिया जाता है. जिससे पौधों को जितने पानी की आवश्यकता होती है उतना ही पानी मिले और पानी की भी बचत हो सके. आपको बता दे की सीकर सहित शेखावाटी के किसान कृषि के क्षेत्र में जहां नए-नए नवाचार कर रहे हैं तो वही इसके साथ ही अच्छी पैदावार व फसल को नुकसान से बचने के लिए भी हमेशा नए प्रयोग करते रहते हैं.

About the AuthorJagriti Dubey

With more than 6 years above of experience in Digital Media Journalism. Currently I am working as a Content Editor at News 18 in Rajasthan Team. Here, I am covering lifestyle, health, beauty, fashion, religion…और पढ़ें

Location :

Sikar,Rajasthan

First Published :

January 10, 2026, 14:50 IST

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ठंड से नहीं होगा नुकसान! ये विंटर एग्रीकल्चर टिप्स बदल रहे किसानों की खेती

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