Rajasthan

Electric Vehicle Charging Station In Rajasthan – राजस्थान में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन को लेकर आई यह खबर

इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग स्टेशन के लिए तीन व्यावसायिक मॉडल को अनुमति दी गई है।

जयपुर। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग स्टेशन के लिए तीन व्यावसायिक मॉडल को अनुमति दी गई है। इसमें स्वामित्व वाले चार्जिंग स्टेशन के अलावा अब डिस्कॉम भी चार्जिंग स्टेशन लगा सकेंगे। वहीं, पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप के तहत भी चार्जिंग स्टेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। खास यह है कि इलेक्ट्रिक वाहनों से ग्रिड को बिजली सप्लाई की संभावना भी तलाशी जाएगी। इसके लिए विस्तृत अध्ययन होगा।

चार्जिंग स्टेशन से बिजली खपत भी बढ़ेगी। इससे ग्रिड से आमजन तक बिजली सप्लाई में किसी तरह की दिक्कत नहीं हो, इसके संतुलन के लिए डिस्कॉम में इलेक्ट्रिक वाहन सेल का गठन करना अनिवार्य होगा। यह सेल तय चार्जिंग स्टेशनों पर आवश्यक बिजली खपत और अन्य जगह बिजली की जरूरत के संतुलन पर नजर रखेगा। उसी आधार पर बिजली खरीद की भी प्लानिंग होगी। राज्य विद्युत विनियामक आयोग पहले ही इस मामले में आदेश दे चुका है, लेकिन कवायद अब शुरू हुई है।

सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन के लिए प्रोत्साहन
-ऐसे स्टेशन को ओपन एक्सेस के माध्यम से किसी भी स्त्रोत से बिजली खरीद की अनुमति होगी।

-स्टेशन वितरण लाइसेंसधारी को सूचित करते हुए बैटरी स्वेपिंग स्टेशन स्थापित कर सकेगा।
-रूफ टॉप सौर पैनल सुविधा के साथ भी स्टेशन संचालित किए जा सकेंगे।

-रिन्यूएबल एनर्जी टेरिफ रेगुलेशन, 2020 के अनुसार 31 मार्च 2023 से पहले लगाए गए सोलर पॉवर प्रोजेक्ट द्वारा कैप्टिव रूट के तहत इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों को बिजली की आपूर्ति के लिए प्रसारण प्रभारी और व्हीलिंग प्रभार में 100 फीसदी छूट मिलेगी।

रात में चार्जिंग पर 15 फीसदी छूट
राजस्थान में इलेक्ट्रिक वाहनों को रिचार्ज करने (निर्धारित रिचार्ज स्टेशन) के लिए 6 रुपए प्रति यूनिट बिजली दर होगी। स्थाई शुल्क 40 से 135 रुपए रहेगा। पहली बार टाइम ऑफ डे (टीओडी) व्यवस्था लागू की गई है, यानि चार्जिंग स्टेशन पर रात में वाहन चार्ज करते हैं तो बिजली उपभोग दर में 15 प्रतिशत छूट मिलेगी। यह समय रात 11 से सुबह छह बजे तक है।

डिस्कॉम की भी जिम्मेदारी तय
-स्मार्ट चार्जिंग को बढ़ावा देने के लिए सभी चार्जिंग स्टेशन पर स्मार्ट मीटर लगाना सुनिश्चित करेगा।

-इलेक्ट्रिक वाहन सेल स्मार्ट चार्जिंग फीचर्स के संबंध में व्हीकल टू ग्रिड और ग्रिड टू व्हीकल के संबंध में अध्ययन करेंगे। इसे राज्य नोडल एजेंसी को भेजना होगा,जिससे डिस्कॉम भविष्य में बिजली की आवश्यकता में योजना बनाई जा सके।

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