Winter Curd Tips | Thick Curd Recipe | Ghar Par Dahi Jamane Ka Tarika | Winter Dahi Setting Tips

Last Updated:November 28, 2025, 12:27 IST
Dahi Jamane Ke Tips: सर्दियों में दही जमाना चुनौती बन जाता है, लेकिन कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर आप घर पर ही गाढ़ी और क्रीमी दही तैयार कर सकते हैं. गर्म वातावरण बनाना, सही दूध का तापमान और किण्वन का सही समय—ये छोटे-छोटे टिप्स दही की गुणवत्ता को बढ़ाते हैं. इस तरीके से बनी दही देखकर लोग भी आपका सीक्रेट जानना चाहेंगे.
भीलवाड़ा: ठंड के मौसम में दूध से दही जमाना कई घरों में चुनौती बन जाता है. गर्मियों में जहां दही आसानी से 6 से 8 घंटे में तैयार हो जाता है, वहीं ठंड पड़ते ही जमने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है. इसका मुख्य कारण लैक्टोबैसिलस नामक जीवाणु का कम तापमान में सक्रिय न होना है. यह जीवाणु दूध को फाड़कर उसे दही का रूप देता है, लेकिन जैसे ही वातावरण ठंडा होने लगता है, यह माइक्रोब धीमी गति से काम करता है. ऐसे में थोड़ी सावधानी और कुछ आसान घरेलू ट्रिक्स अपनाकर सर्दियों में भी बढ़िया, मुलायम और स्वादिष्ट दही तैयार किया जा सकता है.

दही जमाने से पहले यह समझना जरूरी है कि आप इसे किस उद्देश्य से बना रहे हैं. अगर किसी को कम फैट वाला स्लिम दही पसंद है, तो टोंड या गाय का दूध सबसे अच्छा विकल्प है, क्योंकि उसमें फैट की मात्रा कम होती है. वहीं अगर आप गाढ़ा, क्रीमी और मलाईदार दही चाहते हैं, तो भैंस का दूध उपयोग करना अधिक फायदेमंद रहता है, क्योंकि उसमें वसा ज्यादा होती है। सही दूध का चयन दही की गुणवत्ता पर सबसे अधिक प्रभाव डालता है. इसलिए शुरुआत में दूध की किस्म तय कर लें, ताकि मनचाहा फ्लेवर और टेक्सचर हासिल हो सके.

ठंड में दही जमने की असली समस्या तापमान से जुड़ी होती है. जैसे-जैसे बाहरी तापमान गिरता है, दूध में मौजूद लैक्टोबैसिलस की सक्रियता कम हो जाती है और इसकी वजह से दही और देरी से जमता है. कई बार दही पानीदार, पतला या अधजमा रह जाता है. ऐसे में धैर्य और सही वातावरण दही जमाने की बुनियादी जरूरत बन जाते हैं. दही को ठंडी जगह के बजाय ऐसी जगह रखें जहां हल्की गर्मी बनी रहे. यह जीवाणु को सक्रिय रखेगा और जमने की प्रक्रिया को तेज करेगा. अगर सही तापमान मिल जाए तो सर्दियों में भी दही उतना ही बढ़िया जमता है जितना गर्मियों में जमता है.
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दूध को दही के लिए तैयार करते समय उसे पहले उबाल लें और फिर थोड़ा ठंडा होने दें. दही जमाने के लिए दूध न ज्यादा गर्म हो और न बिल्कुल ठंडा, बल्कि गुनगुना होना चाहिए. इसके बाद इसमें दही का जामन मिलाएं या फिर कोई अच्छा कल्चर उपलब्ध हो तो उसका उपयोग करें. कई लोग घर में दही न होने पर हरी मिर्च के डंठल डालकर भी दही जमाते हैं, क्योंकि उसकी सतह पर प्राकृतिक लैक्टोबैसिलस जीवाणु उपस्थित होते हैं जो दही जमाने में सहायता करते हैं. यह देसी तरीका वर्षों से आजमाया जाता रहा है और सर्दी में भी अच्छी तरह असर दिखाता है.

जामन मिलाने के बाद दूध को बिना छेड़छाड़ किए 8 से 10 घंटे तक स्थिर अवस्था में छोड़ देना सबसे जरूरी कदम है. दही जमते समय उसे हिलाने या चम्मच डालकर परखने की जल्दबाज़ी कई बार दही को पतला और बिगड़ा हुआ बना देती है. दही जितना शांत वातावरण में जमता है, उसका टेक्सचर उतना बेहतर निकलता है। इसलिए उसे छेड़े बिना सेट होने का समय दें। ठंड में कभी-कभी यह अवधि 10 घंटे से भी अधिक लग सकती है, पर धैर्य दही की गुणवत्ता तय करता है. पूरी तरह जमने के बाद ही बर्तन हिलाएं या दही को फ्रिज में रखें.

दही जमने के लिए सबसे बेहतर परिणाम तब मिलते हैं जब इसे गर्म स्थान पर रखा जाए. आप इसे चूल्हे, गैस या गर्म बर्तन के पास रख सकते हैं. चाहें तो दही का बर्तन किसी बड़े भगोने में गुनगुना पानी भरकर उसमें रख दें, इससे तापमान लंबे समय तक बना रहेगा. यदि धूप हल्की हो तो बर्तन को धूप में रखना भी लाभकारी रहता है. इतना तापमान मिलने पर लैक्टोबैसिलस तेजी से एक्टिव होता है और दही जल्दी सेट होता है. इन आसान टिप्स को अपनाकर सर्दियों में भी घर पर मुलायम, खट्टा और स्वादिष्ट दही तैयार किया जा सकता है.
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November 28, 2025, 12:27 IST
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