सर्दियों का सुपरफूड कड़कनाथ अंडा! एक्सपर्ट ने गिनाए फायदे, आपको जरूर जानने चाहिए

खंडवा. सर्दियों के मौसम में लोग अपने खानपान में ऐसी चीजें शामिल करने लगते हैं, जो शरीर को गर्मी के साथ-साथ ताकत भी दें. इन्हीं पौष्टिक चीजों में एक नाम तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, कड़कनाथ का काला अंडा. आम अंडे की तुलना में इसका स्वाद और गुण बिल्कुल अलग होते हैं. एक्सपर्ट इसे प्रोटीन का असली बादशाह कहते हैं. आजकल फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल को लेकर लोग पहले से ज्यादा सजग हैं. ऐसे में जब बात प्रोटीन और इम्युनिटी की आती है, तो कड़कनाथ के अंडे ने अपनी खास जगह बना ली है. यह सिर्फ एक अंडा नहीं बल्कि एक नैचुरल मेडिसिन की तरह काम करता है.
कड़कनाथ एक विशेष प्रजाति की मुर्गी/मुर्गा है, जो मध्य प्रदेश के झाबुआ और अलीराजपुर जैसे आदिवासी इलाकों में पाई जाती है. इसका मांस और अंडा दोनों काले रंग के होते हैं. यही नहीं, इस प्रजाति को ब्लैक मीट चिकन के नाम से भी जाना जाता है. कड़कनाथ के शरीर में मेलानिन की मात्रा ज्यादा होने के कारण इसका रंग गहरा काला होता है और यही इसे बाकी मुर्गियों से अलग बनाता है. मध्य प्रदेश के खंडवा निवासी डॉ अनिल पटेल लोकल 18 को बताते हैं कि कड़कनाथ का अंडा भले ही महंगा हो लेकिन इसके फायदे इसके दाम से कहीं ज्यादा हैं. एक साधारण अंडे में लगभग 6 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है जबकि कड़कनाथ के अंडे में यह मात्रा 10 से 12 ग्राम तक होती है. इसमें फैट बहुत कम होता है और एमिनो एसिड, विटामिन बी12, आयरन और जिंक भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. डॉ पटेल के अनुसार, कड़कनाथ अंडा न सिर्फ मसल्स बनाने में मदद करता है बल्कि यह इम्युनिटी बढ़ाने और सर्दियों में शरीर को गर्म रखने का भी काम करता है. इसमें पाए जाने वाले मिनरल्स हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और कमजोरी को दूर करते हैं.
किन बीमारियों से बचा सकता है कड़कनाथ अंडा?1. डायबिटीज- इसमें पाए जाने वाले नैचुरल प्रोटीन और कम फैट की वजह से यह शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में मदद करता है.
2. ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियां- इसमें कोलेस्ट्रॉल बहुत कम होता है, जिससे दिल की सेहत बेहतर रहती है.
3. एनीमिया (खून की कमी)- कड़कनाथ के अंडे में आयरन प्रचुर मात्रा में होता है, जो शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाता है.
4. सर्दी-जुकाम और संक्रमण- इसकी गर्म तासीर और हाई इम्युनिटी बूस्टिंग एलिमेंट्स सर्दी-जुकाम से बचाव में कारगर हैं.
5. थकान और कमजोरी- इसके पोषक तत्व शरीर को ऊर्जा देते हैं और लंबे समय तक सक्रिय बनाए रखते हैं.
गांवों में ज्यादा लोकप्रिय
डॉ पटेल आगे बताते हैं कि कड़कनाथ का अंडा गांवों और आदिवासी इलाकों में आसानी से मिल जाता है लेकिन शहरों में इसकी उपलब्धता कम है. इसकी दुर्लभता और पौष्टिकता के कारण इसका मूल्य साधारण अंडों से तीन से चार गुना ज्यादा होता है.
कैसे करें सेवन?सर्दियों में इसे उबालकर या हल्का तला हुआ खाया जा सकता है. सुबह के नाश्ते में या वर्कआउट के बाद इसका सेवन करने से शरीर को तुरंत एनर्जी मिलती है. हालांकि एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि जिन लोगों को पाचन संबंधी समस्या है, वे इसे सीमित मात्रा में खाएं क्योंकि इसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है. बहरहाल कड़कनाथ का काला अंडा सर्दियों में शरीर के लिए एक नैचुरल एनर्जी बूस्टर है. यह न सिर्फ ठंड से बचाव करता है बल्कि मसल्स, हड्डियों और इम्युनिटी को मजबूत बनाता है. आज जब लोग हेल्दी और नैचुरल फूड की तलाश में हैं, तो कड़कनाथ का अंडा उनके लिए एक शानदार विकल्प बनकर उभरा है. अगर आप इस सर्दी में अपने खानपान में कोई बदलाव लाने की सोच रहे हैं, तो कड़कनाथ अंडे को अपनी डाइट का हिस्सा जरूर बनाएं क्योंकि यह सिर्फ अंडा नहीं बल्कि सेहत का खजाना है.
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



