उदयपुर में खुला ‘वर्ल्ड ऑफ ह्यूमैनिटी’ – दिव्यांगों को इलाज से लेकर स्किल ट्रेनिंग तक फ्री सुविधा

उदयपुर : नारायण सेवा संस्थान का नया सेवा परिसर ‘वर्ल्ड ऑफ ह्यूमैनिटी’ दिव्यांग लोगों के लिए सच में बड़ी राहत लेकर आया है. यह सिर्फ अस्पताल नहीं है, बल्कि एक ऐसा स्थान है जहां दिव्यांगजन का इलाज, देखभाल, ट्रेनिंग और आत्मनिर्भर बनने तक की पूरी व्यवस्था एक ही जगह पर मिलती है – वह भी बिल्कुल निःशुल्क. यहां सबसे बड़ा फायदा यह है कि चाहे सर्जरी हो, फिजियोथेरेपी हो, कृत्रिम हाथ-पैर लगवाने हों, रहना-खाना हो, या फिर कोई कौशल प्रशिक्षण – हर चीज बिना पैसे लिए की जाएगी. बहुत से दिव्यांग लोग इलाज का खर्च नहीं उठा पाते, ऐसे में यह हॉस्पिटल उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है.
इस 11 मंजिल के आधुनिक भवन में 450 बेड, दो हाई-टेक ऑपरेशन थिएटर और बड़ा रिहैबिलिटेशन सेंटर बनाया गया है. यहां हड्डी, पोलियो, क्लबफुट जैसी समस्याओं का उन्नत इलाज होगा. ऑपरेशन के बाद फिजियोथेरेपी और रिहैब मिलकर मरीज को दोबारा खड़ा होने और चलने-फिरने में मदद करेंगे. मतलब – जो लोग सालों से बिना इलाज के घरों में बैठे थे, अब उनके पास नया जीवन शुरू करने का मौका होगा.
दिव्यांगों को तुरंत मिलेंगे कृत्रिम हाथ-पैरयहां एक खास सुविधा है – कृत्रिम हाथ-पैर और ऑर्थोटिक उपकरणों की फैब्रिकेशन यूनिट. यानी मरीज को जो भी उपकरण चाहिए, वह अस्पताल में ही तुरंत तैयार होकर दे दिया जाएगा. इससे दिव्यांगजन की चलने-फिरने, काम करने और खुद से चीजें करने की क्षमता बढ़ेगी. हॉस्पिटल सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं है. यहां दिव्यांग युवाओं को मोबाइल रिपेयरिंग, कंप्यूटर, फैशन डिजाइनिंग, टेलरिंग, मैकेनिकल कौशल जैसी ट्रेनिंग भी दी जाएगी, ताकि वे खुद के पैरों पर खड़े हो सकें और कमाई भी कर सकें.
स्किल ट्रेनिंग से बदलेगा दिव्यांगों का भविष्यविशेष योग्य बच्चों के लिए यहां आवासीय स्कूल भी बनाया गया है, जहां शिक्षा से लेकर पोषण, थेरेपी और काउंसलिंग तक – सब कुछ एक ही जगह पर मिलेगा. इससे ऐसे बच्चों को सुरक्षित और बेहतर भविष्य मिलेगा. पूरी बिल्डिंग ग्रीन और सस्टेनेबल तकनीक से बनाई गई है. अत्याधुनिक मशीनें, 3-D प्रिंटिंग, मॉड्यूलर OT, वॉटर ट्रीटमेंट सिस्टम – सब कुछ आधुनिक समय की जरूरतों के मुताबिक है. कुल मिलाकर, यह सेवा केंद्र दिव्यांगजन के लिए सिर्फ अस्पताल नहीं है, बल्कि नई शुरुआत, नया आत्मविश्वास और एक सम्मानजनक जीवन का रास्ता है. यहां आने वाला हर व्यक्ति यह महसूस करेगा कि वह समाज के लिए बोझ नहीं, बल्कि एक मजबूत और सक्षम इंसान है.



