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एमपी के प्याज की राजस्थान में जबरदस्त डिमांड, कम समय में मिलती है बंपर पैदावार, किसानों की बनी पहली पसंद

Last Updated:December 07, 2025, 08:18 IST

राजस्थान के करौली में देसी प्याज की पौध किसानों और किचन गार्डन वालों में लोकप्रिय हो रही है. मध्यप्रदेश के विजयपुर से आए किसान इस पौध को बेच रहे हैं. पौध कम समय में तैयार होती है और उच्च पैदावार देती है. बाजार में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है और इसकी बिक्री कुछ ही घंटों में हो जाती है. स्थानीय किसान बताते हैं कि बीज डालने की तुलना में यह पौध बहुत सस्ती और आसान विकल्प है. बीज महंगे आते हैं और रिस्क भी ज्यादा होता है.करौली

राजस्थान के करौली जिले में इन दिनों एक खास देसी प्याज की पौध किसानों और घर में किचन गार्डन लगाने वालों के बीच जबरदस्त लोकप्रिय हो रही है. हर साल की तरह इस बार भी मध्यप्रदेश के विजयपुर शहर से दर्जनों किसान-व्यापारी करौली पहुंचे हैं, जो यह पौध बेच रहे हैं. खास बात यह है कि इसकी डिमांड भी खूब हो रही है.

करौली

स्थानीय किसान इस पौध को इतने उत्साह से खरीद रहे हैं. प्याज के ये पौध कुछ ही घंटों में ट्रॉली भर पौधे बिक जा रही है. यह देसी पौध बाजार में सिर्फ 1 से 1.5 महीने के लिए ही उपलब्ध होती है. जयपुर, करौली और आस-पास के जिलों में इसके खरीदारों की संख्या हर साल बढ़ती जा रही है.

करौली

एमपी से आने वाले किसान बताते हैं कि यह पौध उनकी जमीन की विशेष मिट्टी में तैयार होती है, जिसकी वजह से इसकी क्वालिटी और पैदावार सामान्य पौधों से कहीं बेहतर होती है. बेहतर उत्पादन प्राप्त होने के चलते राजस्थान में इसकी डिमांड खूब होती है. इसकी एक और खासियत यह है कि यह पौध कम समय में तैयार हो जाती है.

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करौली

व्यापारी किसानों के अनुसार, यह देसी पौध लाल प्याज की जबरदस्त पैदावार देती है. एक बीघा खेत में लगाने पर इसकी उत्पादन क्षमता 200 मन तक पहुंच सकती है. सलाद और सब्जियों में इस्तेमाल होने वाला लाल प्याज इस पौध से ज्यादा कुरकुरा और स्वादिष्ट माना जाता है.

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विजयपुर से आए किसान समय सिंह बताते हैं कि यह पौध खास तरह के हाइब्रिड बीज से तैयार की जाती है. इसे तैयार करने के लिए खेत में पहले बढ़िया बीज डाला जाता है फिर पानी देकर मिट्टी को नम रखा जाता है. समय-समय पर निराई-गुड़ाई होती है. लगभग 45 दिनों में पौध बाजार में बेचने लायक तैयार हो जाती है.

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इस देसी पौध को बेच रहे व्यापारियों का दावा है कि 1 किलो पौध से 20 किलो या उससे ज्यादा प्याज आसानी से तैयार हो जाता है. यानी कम लागत में ज्यादा मुनाफा, यही वजह है कि इसकी लोकप्रियता साल दर साल बढ़ती जा रही है. कीमत भी कम होने के चलते लोग अपने अपने गार्डन में लगाने के लिए भी खरीदते हैं, क्योंकि सीमित देखभाल की जरूरत पड़ती है.

First Published :

December 07, 2025, 08:18 IST

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एमपी के प्याज की राजस्थान में जबरदस्त डिमांड, जानें इस देसी किस्म की खासियत

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