बोर्ड परीक्षा में करना है टॉप! एक्सपर्ट की इन स्मार्ट टिप्स को तैयारी का आधार बनाएं, मिलेंगे बेहतर अंक

Last Updated:December 19, 2025, 13:29 IST
Board Exam Prepration Tips: फरवरी में शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षाएं विद्यार्थियों के जीवन का महत्वपूर्ण चरण हैं. शिक्षाविद अजय सिंह के अनुसार, परीक्षा से पहले का समय नए टॉपिक पढ़ने के बजाय रिवीजन के लिए सर्वोत्तम होता है. एनसीईआरटी की पुस्तकों पर ध्यान और पिछले दस वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करना जरूरी है. लिखने का अभ्यास, समय प्रबंधन और परीक्षा हॉल में रणनीति अपनाना छात्रों की सफलता में सहायक होता है. मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए सकारात्मक सोच बनाए रखना जरूरी है.
ख़बरें फटाफट
कोटा. फरवरी माह से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षाएं विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन का एक महत्वपूर्ण चरण होती है. इस समय छात्रों में स्वाभाविक रूप से तनाव और दबाव देखने को मिलता है, लेकिन सही रणनीति, नियमित अभ्यास और सकारात्मक सोच के साथ इस चुनौती को आसानी से पार किया जा सकता है. शिक्षाविदों का मानना है कि परीक्षा से पहले का यह समय नए टॉपिक पढ़ने के बजाय दोहराव (रिवीजन) के लिए सबसे उपयुक्त होता है. शिक्षा के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखने वाले अजय सिंह ने बताया कि सबसे पहले विद्यार्थियों को एनसीईआरटी की पुस्तकों पर विशेष ध्यान देना चाहिए. बोर्ड परीक्षाओं के अधिकांश प्रश्न एनसीईआरटी आधारित होते हैं.
किताब के प्रत्येक अध्याय, परिभाषा, उदाहरण और अभ्यास प्रश्नों का अच्छी तरह से दोहराव करना आवश्यक है. बेसिक कॉन्सेप्ट मजबूत होंगे, तभी छात्र किसी भी तरह के प्रश्न को आत्मविश्वास के साथ हल कर पाएंगे. इसके साथ ही, पिछले दस वर्षों के प्रश्नपत्र हल करना बेहद फायदेमंद साबित होता है. पुराने प्रश्नपत्रों से छात्रों को यह समझने में मदद मिलती है कि परीक्षा में किस प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं, किस अध्याय से कितने अंकों के सवाल आते हैं और पेपर का स्तर कैसा रहता है. यह अभ्यास न केवल ज्ञान बढ़ाता है, बल्कि समय प्रबंधन की क्षमता भी विकसित करता है.
लिखने का पर्याप्त अभ्यास भी है बेहद जरूरी
अजय सिंह ने बताया कि मध्यम स्तर के विद्यार्थियों को अक्सर यह शिकायत रहती है कि उन्हें उत्तर आता है, लेकिन परीक्षा के दौरान वे उसे सही ढंग से लिख नहीं पाते. इसका मुख्य कारण लिखने का पर्याप्त अभ्यास न होना और लेखन गति का कम होना है. ऐसे विद्यार्थियों को निराश होने की जरूरत नहीं है. उन्हें रोज़ाना उत्तर लिखने का अभ्यास करना चाहिए, जिससे उनकी गति और प्रस्तुति दोनों में सुधार हो सके. परीक्षा में उत्तर को साफ, क्रमबद्ध और स्पष्ट भाषा में लिखना अच्छे अंक दिलाने में सहायक होता है. परीक्षा हॉल में अपनाई गई रणनीति भी परिणाम को काफी हद तक प्रभावित करती है. छात्र सबसे पहले वे प्रश्न हल करें जो उन्हें अच्छी तरह आते हों. इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और शुरुआत में ही अंक सुरक्षित हो जाते हैं. इसके बाद कठिन या समय लेने वाले प्रश्नों की ओर बढ़ना चाहिए.
तैयारी के लिए समय का बंटवारा करना बेहद जरूरी
उन्होंने बताया कि समय का सही बंटवारा करना बेहद जरूरी है, ताकि अंत में कोई प्रश्न छूट न जाए. इसके अलावा, छात्रों को मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना चाहिए. पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और हल्का व्यायाम पढ़ाई की क्षमता को बेहतर बनाते हैं। अत्यधिक तनाव से बचते हुए सकारात्मक सोच बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है. अंततः यही कहा जा सकता है कि बोर्ड परीक्षा कोई डर का विषय नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के ज्ञान और मेहनत को परखने का एक अवसर है. नियमित रिवीजन, एनसीईआरटी पर मजबूत पकड़, पुराने प्रश्नपत्रों का अभ्यास और सही परीक्षा रणनीति अपनाकर हर विद्यार्थी अच्छे अंक प्राप्त कर सकता है. आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है.
About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
First Published :
December 19, 2025, 13:29 IST
homecareer
बोर्ड परीक्षा में करना है टॉप! एक्सपर्ट की इन टिप्स को तैयारी का बना लें आधार



