अतर सिंह भड़ाना को जिंदा जलाना चाहते थे हमलावर, गहरी थी साजिश, पीट-पीटकर जगह-जगह से तोड़ डाली हड्डियां

भरतपुर. राजस्थान के भरतपुर जिले में बयाना के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या के मामले में जांच के दौरान वारदात की बर्बरता और हमलावरों की मंशा को लेकर कई गंभीर मामले सामने आए हैं. पुलिस की चल रही जांच के मुताबिक, हमलावरों ने भड़ाना पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला किया. आरोप है कि उन्हें इतनी बेरहमी से पीटा गया कि उनके हाथ-पैर की हड्डियां टूट गई और सिर पर गंभीर चोटें आई. पोस्टमार्टम में उनके शरीर पर 40 से अधिक चोटों के निशान मिलने की बात सामने आई है. परिजनों का आरोप है कि हमलावरों की मंशा केवल हत्या करने तक सीमित नहीं थी, बल्कि वे भड़ाना और उनके कर्मचारियों को जिंदा जलाना भी चाहते थे.
सुरक्षा गार्ड गगन शर्मा के मुताबिक रात करीब सात बजे सभी लोग खाना खा रहे थे. भड़ाना बाहर टहल रहे थे. अचानक कुछ लोग पहाड़ी पर आए और लाइट काट दी. चारों ओर अंधेरा हो गया. लाठी-डंडों से हमले के कारण चीखने की आवाजें आने लगीं. किसी ने उनके सिर पर लाठी या डंडा मारा और वे बेहोश हो गए. पुलिस के पहुंचने पर उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया. गगन शर्मा अभी अस्पताल में भर्ती हैं और हालत सही न होने के कारण बयान देने से इनकार कर रहे हैं. मामले में 94 से अधिक आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की जानकारी सामने आई है. पुलिस जमीन और खनन पट्टे से जुड़े पुराने विवाद को ध्यान में रखकर जांच कर रही है.
पहले हमला, फिर आग लगाने का आरोप
मामला वैर थाना क्षेत्र के भोड़ा गांव स्थित खनन साइट का है. रविवार शाम करीब सात बजे अतर सिंह भड़ाना खनन क्षेत्र में बने आवास के आसपास थे. पत्नी कमलेश के अनुसार, रविवार शाम वे अपने पति के साथ खान क्षेत्र में बने आवास पर थीं. तभी गांव के करीब 80 लोग डंडे और हथियार लेकर पहुंचे. उन्होंने पति को पकड़ लिया और लाठी-डंडों से हमला शुरू कर दिया. सिर से खून निकलने लगा. जब तक वे बेहोश नहीं हुए, हमलावर मारते रहे. बचाव में आए खान कर्मचारी गगन, पूनम सिंह, प्रदीप और सुरक्षा गार्ड पर भी हमला कर दिया. इसके बाद कार्यालय और कमरों में आग लगा दी गई. थ्रेसर मशीनों में भी तोड़फोड़ की गई. आग लगाने की घटना को लेकर परिजनों ने आरोप लगाया है कि हमलावर उन्हें जिंदा जलाना चाहते थे.
पोस्टमार्टम में 40 से ज्यादा चोटों के निशान मिले
जयपुर में मेडिकल बोर्ड से कराए गए पोस्टमार्टम में भड़ाना के शरीर पर 40 से अधिक चोटों के निशान मिलने की जानकारी सामने आई है. उनके दाएं पैर और दोनों हाथों में फ्रैक्चर पाए गए. सिर पर गहरा घाव था, जिसे मौत का कारण बताया गया. शरीर पर कई जगह गंभीर चोटें मिलीं. वारदात के बाद गोली लगने की आशंका भी जताई गई थी, लेकिन एक्स-रे और पोस्टमार्टम में इसकी पुष्टि नहीं हुई. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया था. हरियाणा के पाली गांव में उनका अंतिम संस्कार किया गया.
14 दिन पहले भी दी गई थी धमकी
इस हत्याकांड में एक अहम पहलू यह भी सामने आया है कि भड़ाना को कथित तौर पर करीब 14 दिन पहले धमकी दी गई थी. दावा है कि उनसे कहा गया था कि यदि वे खान पर आए तो उन्हें मार दिया जाएगा. घटना से पहले खनन क्षेत्र को लेकर तनाव बना हुआ था. भड़ाना खनन पट्टे में कमलेश चंद और मुकेश चंद के साथ साझेदार थे. जमीन और खनन से जुड़े विवाद को वारदात की संभावित वजह माना जा रहा है. बताया गया है कि जमीन विवाद को लेकर 2016 से 2024 के बीच कई मुकदमे भी दर्ज हुए थे. हालांकि, धमकी और हत्या के बीच संबंध की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
94 से अधिक आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज, सीबीआई जांच की मांग
भरतपुर के एसपी राजेश कुमार मीना ने बताया कि मृतक की पत्नी की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है. आरोपियों की तलाश में दबिश दी गई, लेकिन कई लोगों के गांव से चले जाने की जानकारी सामने आई. मामले में 94 से अधिक आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की बात सामने आई है. पुलिस जमीन विवाद, पूर्व में मिली धमकी और घटना के दौरान आगजनी समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है. उधर, परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच की मांग की है. पुलिस की कार्रवाई और घटनास्थल पर पहुंचने में हुई देरी को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि हमले की साजिश किसने रची, वारदात में किसकी क्या भूमिका थी और आग लगाने के पीछे आरोपियों की वास्तविक मंशा क्या थी.



