आज 5 नगर निगम समेत 273 निकायों में अध्यक्ष का फैसला, बाड़ाबंदी के बीच होगा मतदान

जयपुर. राजस्थान में शहरों की सरकार के मुखिया तय होने का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है. आज पांच नगर निगम समेत 273 नगरीय निकायों में मेयर, सभापति और चेयरमैन के चुनाव होंगे. मतदान के बाद मतगणना के साथ ही इन निकायों में बोर्ड की तस्वीर साफ हो जाएगी. इससे पहले भाजपा और कांग्रेस ने अपने पार्षदों को एकजुट रखने के लिए कई जगह बाड़ाबंदी की है. निर्दलीय पार्षदों की संख्या अधिक होने से कई निकायों में मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है.
राजस्थान के 305 नगर निकायों में 9 और 11 सितंबर को दो चरणों में पार्षदों के चुनाव हुए थे. 32 निकायों में अध्यक्ष का चुनाव निर्विरोध हो चुका है. वहीं जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम तथा सुकेत नगर पालिका के कुछ वार्डों में दोबारा मतदान होने के कारण इन चार निकायों में अध्यक्ष का चुनाव 25 सितंबर को होगा. ऐसे में सोमवार को 273 निकायों के अध्यक्ष पद का फैसला होगा.
उदयपुर, बीकानेर, अलवर, पाली और अजमेर में मेयर का चुनाव
राज्य के पांच नगर निगम में आज मेयर चुना जाएगा. उदयपुर के 80 वार्डों में भाजपा के 53, कांग्रेस के 23 और अन्य के 4 पार्षद हैं. यहां भाजपा ने पारस सिंघवी और कांग्रेस ने डॉ. पूनम कंवर को प्रत्याशी बनाया है. बीकानेर में 80 वार्डों में कांग्रेस के 42, भाजपा के 27 और अन्य के 11 पार्षद हैं. यहां कांग्रेस की ओर से अनिल कल्ला और भाजपा की ओर से सुरेंद्र सिंह मैदान में हैं. अलवर के 65 वार्डों में भाजपा के 28, कांग्रेस के 23 और 14 निर्दलीय पार्षद हैं. भाजपा ने सुमनलता अग्रवाल और कांग्रेस ने कमलेश शर्मा को प्रत्याशी बनाया है. पाली में भाजपा के 21, कांग्रेस के 29 और 15 निर्दलीय पार्षद हैं. यहां भाजपा ने नमिता बुबकिया और कांग्रेस ने सुमित्रा जैन को मेयर पद के लिए उतारा है. अजमेर के 80 वार्डों में कांग्रेस के 37, भाजपा के 32 और 11 निर्दलीय पार्षद हैं. भाजपा की अनामिका शर्मा और कांग्रेस की किरण गढ़वाल के बीच मुकाबला है.
जयपुर, जोधपुर और कोटा का फैसला 25 सितंबर को
दोबारा मतदान के कारण जयपुर, जोधपुर और कोटा में मेयर का चुनाव 25 सितंबर को होगा. जयपुर के 150 वार्डों में भाजपा के 78, कांग्रेस के 57 और 15 निर्दलीय पार्षद हैं. जोधपुर में भाजपा के 45, कांग्रेस के 44 और 10 निर्दलीय पार्षद हैं. कोटा के 100 वार्डों में भाजपा के 57, कांग्रेस के 39 और 4 निर्दलीय पार्षद हैं.
32 निकायों में निर्विरोध अध्यक्ष
राज्य में 32 निकायों में अध्यक्ष निर्विरोध चुने जा चुके हैं. इनमें 28 पर भाजपा, 2 पर कांग्रेस और 2 पदों पर भाजपा समर्थित निर्दलीय अध्यक्ष बने हैं. भरतपुर और भीलवाड़ा नगर निगम में भी मेयर निर्विरोध चुने गए. भरतपुर में अनुराधा और भीलवाड़ा में जसवंत कंवर मेयर बनी हैं. छह नगर परिषदों में भी निर्विरोध सभापति चुने गए हैं. भिवाड़ी में डॉ. गुंजन खटाना, डीग में अर्पित गुप्ता, पुष्कर में राजेंद्र बाकोलिया, निंबाहेड़ा में शिल्पा भूतड़ा, हिंडौन में विजय कुमारी चतुर्वेदी और धौलपुर में गिरीश गर्ग निर्विरोध सभापति चुने गए हैं.
कई निकायों में निर्दलीय तय करेंगे समीकरण
राज्य निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 201 नगरीय निकायों में अध्यक्ष पद के लिए सीधा मुकाबला है. इनमें 172 नगर पालिकाएं, 24 नगर परिषद और पांच नगर निगम शामिल हैं. दूसरी ओर कई निकायों में निर्दलीय और अन्य दलों के पार्षदों की संख्या ऐसी है कि बोर्ड गठन के समीकरण उनके रुख से प्रभावित हो सकते हैं. यही वजह है कि दोनों प्रमुख दल अपने पार्षदों को साधने में जुटे हैं. अब 21 सितंबर की मतदान प्रक्रिया के बाद तस्वीर साफ होगी कि किस निकाय में किस दल का बोर्ड बनता है.



