कानपुर में घातक हो रहा स्वाइन फ्लू, यह एक गोली बचा सकती है जान, जानिए कैसे?

Last Updated:September 18, 2026, 15:54 IST
Swine Flu Prevention : कानपुर में स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ता जा रहा है. अब तक 40 मरीज सामने आए हैं, एक की मौत हो चुकी है. एलएलआर अस्पताल में स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए बेड रिजर्व रखे गए हैं. अस्पताल के सीएमएस डॉ. सौरभ अग्रवाल ने लोकल 18 को बताया कि स्वाइन फ्लू के लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम और बुखार जैसे हो सकते हैं. कई बार लोग इन्हें मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. टैमीफ्लू दवा को लेकर सरकार की ओर से नई अनुमति मिल गई है. अगर आपको बुखार के साथ गले में खराश, खांसी, सर्दी-जुकाम या सांस लेने में परेशानी हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
कानपुर. यूपी के कानपुर शहर में स्वाइन फ्लू का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जनवरी से अब तक स्वाइन फ्लू के 40 मरीज सामने आ चुके हैं. इनमें एक मरीज की मौत भी हो चुकी है. बीमारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए एलएलआर अस्पताल में डॉक्टरों को अलर्ट कर दिया गया है. अस्पताल प्रशासन ने स्वाइन फ्लू और डेंगू के मरीजों के लिए 40 बेड रिजर्व रखे हैं. एलएलआर के सीएमएस डॉ. सौरभ अग्रवाल ने लोकल 18 को बताया कि अब तक अस्पताल में स्वाइन फ्लू के चार मरीज आए हैं. इनमें एक गंभीर मरीज की मौत हो गई. बाकी मरीजों की हालत में काफी सुधार हुआ है.
मिल गई अनुमति
स्वाइन फ्लू के इलाज में इस्तेमाल होने वाली टैमीफ्लू दवा को लेकर सरकार की ओर से नई अनुमति मिलने की बात सामने आई है. सीएमएस डॉ. सौरभ अग्रवाल ने बताया कि अब हल्के लक्षणों में भी टैमीफ्लू लेने की अनुमति दी गई है. अगर घर में किसी सदस्य को बुखार, गले में खराश या सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो टैमीफ्लू दी जा सकती है. हल्के लक्षणों में दिन में एक गोली लेने का प्रावधान है. अगर मरीज की स्थिति गंभीर होती है तो दवा 10 दिनों तक खिलाने का प्रावधान है. हालांकि, मरीज की स्थिति के अनुसार डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है. दवा की खुराक और कितने दिन तक लेनी है, इसका फैसला चिकित्सक ही करेंगे.
लक्षण दिखने पर क्या करें
डॉ. सौरभ कहते हैं कि स्वाइन फ्लू के लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम और बुखार जैसे हो सकते हैं. इसलिए कई बार लोग इन्हें मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. अगर बुखार के साथ गले में खराश, खांसी, सर्दी-जुकाम या सांस लेने में परेशानी हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. डॉ. सौरभ के मुताबिक, स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए अस्पताल में जरूरी इंतजाम किए गए हैं. गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिल सके, इसके लिए डॉक्टरों को अलर्ट रखा गया है. समय पर इलाज मिलने से मरीज की हालत बिगड़ने से रोकी जा सकती है.
बाढ़ वाले इलाकों में परेशानी क्यों ज्यादा
शहर में कुछ दिन पहले पांडु नदी के उफान पर आने से बर्रा-आठ, रविदासपुरम, पिपौरी गांव समेत कई इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया था. इसी तरह गंगा का पानी भोपालपुरवा, बनियापुरवा और कटरी के कई गांवों तक पहुंचा. इन इलाकों में अब लोगों को बुखार, सर्दी-जुकाम और दूसरी संक्रामक बीमारियों की परेशानी कर रही हैं. स्वास्थ्य विभाग की टीमों की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर जांच की जा रही है. लोगों को दवाइयां बांटी जा रही हैं. जहां भी लार्वा मिल रहा है, उसे नष्ट कराया जा रहा है. लोगों को साफ-सफाई रखने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराने की सलाह दी जा रही है.
About the AuthorPriyanshu Gupta
प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…
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Kanpur Nagar,Uttar Pradesh
First Published :
September 18, 2026, 15:54 IST



