खाटू में पार्षद नहीं पहुंचीं तो मचा बवाल, धरना-नारेबाजी के बाद अपहरण की रिपोर्ट, चुनाव स्थगित

सीकर. खाटू नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में सोमवार को उस समय सियासी घमासान तेज हो गया, जब कांग्रेस की वार्ड 10 की पार्षद लक्ष्मी देवी मतदान केंद्र पर नहीं पहुंचीं. अध्यक्ष पद के लिए भाजपा की प्रेम देवी रूलानिया और कांग्रेस की विनीता पूनिया ने नामांकन दाखिल किया था. दोपहर दो बजे तक लक्ष्मी देवी के मतदान केंद्र नहीं पहुंचने के बाद मामला धीरे-धीरे राजनीतिक टकराव में बदल गया. नगर पालिका परिसर में कांग्रेस और भाजपा समर्थक आमने-सामने आ गए और जमकर नारेबाजी हुई. स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को हटाना पड़ा.
इसी बीच पार्षद के पति हरलाल ने कांग्रेस नेता श्याम सुंदर पूनिया के खिलाफ पत्नी के अपहरण का आरोप लगाते हुए पुलिस को लिखित रिपोर्ट दी. रिपोर्ट दर्ज होने के बाद मामला और गरमा गया. कांग्रेस ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करने का विरोध किया. दूसरी ओर लक्ष्मी देवी के परिजन और समर्थक नगर पालिका के गेट पर धरने पर बैठ गए. समय बढ़ाए जाने के बावजूद पार्षद मतदान केंद्र नहीं पहुंचीं. आखिरकार कई बार समय बढ़ाने के बाद भी मतदान नहीं हो सका और चुनाव स्थगित कर दिया गया.
19 पार्षद पहुंचे, एक की गैरमौजूदगी से बिगड़ा गणित
अध्यक्ष पद के मतदान के लिए दांतारामगढ़ विधायक वीरेंद्र सिंह कांग्रेस के सात पार्षदों, एक आरएलपी और दो निर्दलीय पार्षदों के साथ मतदान केंद्र पहुंचे. वहीं भाजपा के आठ पार्षद और एक निर्दलीय पार्षद भी मतदान के लिए पहुंचे. इस तरह कुल 19 पार्षद मतदान केंद्र पहुंच गए थे. लेकिन वार्ड 10 की कांग्रेस पार्षद लक्ष्मी देवी के नहीं पहुंचने से चुनाव प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी. उनकी गैरमौजूदगी के बाद दोनों राजनीतिक खेमों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया.
गेट पर धरना देने के साथ अर्धनग्न होकर किया प्रदर्शन
लक्ष्मी देवी के ससुर सागरमल अपने परिजनों और समर्थकों के साथ नगर पालिका में नामांकन स्थल के गेट के बाहर धरने पर बैठ गए. इस दौरान उन्होंने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया और कांग्रेस के खिलाफ नारे लगाए. कुछ ही देर में मौके पर दोनों दलों के समर्थकों की भीड़ जमा हो गई. माहौल लगातार तनावपूर्ण होता गया. धरने के दौरान भाजपा नेता गजानंद कुमावत, पवन पुजारी, प्रताप सिंह चौहान, चुनाव प्रभारी महेंद्र चंदवा, संजय तिवाड़ी, पूर्व प्रधान अशोक जाखड़, श्रवण रूलानिया, मुकेश रामूका और सांवरमल खोरा सहित कई समर्थक मौजूद रहे. वहीं कांग्रेस खेमे में श्याम सुंदर पूनिया, पूर्व प्रधान भंवरलाल वर्मा, जिला परिषद सदस्य जयंत निठारवाल और गौतम वर्मा समेत कई समर्थक जुटे.
पति ने दर्ज कराई अपहरण की रिपोर्ट
मामला तब और गरमा गया, जब लक्ष्मी देवी के पति हरलाल ने मौके पर मौजूद डिप्टी राजेश जांगिड़ को लिखित रिपोर्ट दी. इसमें उन्होंने कांग्रेस नेता श्याम सुंदर पूनिया पर अपनी पत्नी के अपहरण का आरोप लगाया. रिपोर्ट की जानकारी सामने आने के बाद कांग्रेस समर्थकों ने इसका विरोध किया. इसके बाद दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने हो गए और एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. मामले की गंभीरता को देखते हुए खाटू थाना प्रभारी इंद्राज मरोडिया और सदर थाना प्रभारी अमित नागौरा पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को हटाया और स्थिति को नियंत्रित किया. उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद पुलिस ने पार्षद पति हरलाल की ओर से दी गई रिपोर्ट दर्ज की. कांग्रेस ने रिपोर्ट दर्ज करने पर आपत्ति जताई.
कलक्टर के पास पहुंचे कांग्रेस नेता
अपहरण की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस टीम पार्षद लक्ष्मी देवी की तलाश में जुट गई. वहीं दांतारामगढ़ विधायक वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने सीकर पहुंचकर जिला कलक्टर आशीष मोदी के सामने भी पूरे प्रकरण को लेकर शिकायत दर्ज कराई. वहीं सूचना मिलने के बाद उप पुलिस अधीक्षक रींगस दीपक गर्ग भी मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली. उप जिला निर्वाचन अधिकारी कपिल उपाध्याय ने मतदान का समय शाम पांच बजे तक बढ़ाया. इसके बावजूद लक्ष्मी देवी मतदान केंद्र नहीं पहुंचीं.
शाम पांच बजे के बाद पार्षद पति हरलाल ने निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा. इसमें अपहरण की रिपोर्ट दर्ज होने का हवाला देते हुए मांग की गई कि पार्षद के बरामद होने के बाद ही अध्यक्ष पद का चुनाव कराया जाए. इसके बाद अधिकारियों के साथ चर्चा हुई और मतदान का समय आगे बढ़ाया गया. समय को कई चरणों में बढ़ाकर रात 11:30 बजे तक किया गया, लेकिन लक्ष्मी देवी मतदान केंद्र नहीं पहुंचीं. आखिरकार प्रशासन ने मतदान स्थगित कर दिया. अब खाटू नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव की अगली तारीख और प्रक्रिया को लेकर प्रशासन के निर्णय का इंतजार है.



