जवाई सफारी में बदलाव, हर वाहन में GPS और डैशबोर्ड कैमरा जरूरी, नियम तोड़ा तो रद्द होगा लाइसेंस

Last Updated:October 15, 2026, 17:32 IST
Jawai Leopard Safari New Rules: जवाई लैंडस्केप में पर्यटकों की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण के लिए प्रशासन ने सफारी वाहनों में जीपीएस और डैशबोर्ड कैमरा अनिवार्य कर दिया है. नियमों का उल्लंघन करने पर लाइसेंस निरस्त किया जाएगा.
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पाली. जवाई लैंडस्केप में पर्यटकों की सुरक्षा, वन्यजीवों के संरक्षण और सफारी गतिविधियों को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं. अब जवाई क्षेत्र में चलने वाले सभी सफारी वाहनों में जीपीएस टैकर्स और डैशबोर्ड कैमरा लगाना अनिवार्य कर दिया गया है. इतना ही नहीं, अब चालकों का बैकग्राउंड वेरिफिकेशन होगा और वाहनों को विशेष यूनिक आईडी दी जाएगी. आइए जानते हैं क्या हैं पूरे नियम और इसके लिए डीटीओ ऑफिस में क्या विशेष व्यवस्था की जा रही है.
नियमों का उल्लंघन करने पर वाहन या संचालक का पंजीकरण निरस्त करने सहित नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.उच्च न्यायालय जोधपुर के डीबी सिविल रिट याचिका संख्या 5128/2026 में दिए गए निर्णय के अनुसार वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ये प्रावधान लागू किए गए हैं.
जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस अनिवार्यजवाई लैंडस्केप में वन्यजीवों की सुरक्षा और सफारी गतिविधियों को व्यवस्थित करने के लिए सफारी वाहनों के पंजीकरण, संचालकों की पात्रता और जीपीएस ट्रैकिंग को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. अब जवाई क्षेत्र में संचालित होने वाले सफारी वाहनों में नोडल प्राधिकरण से अनुमोदित GPS ट्रैकिंग डिवाइस लगाना अनिवार्य होगा. इसके साथ ही वाहनों में चालू डैशबोर्ड कैमरा भी लगाना होगा.
आईडी नंबर और चालकों के आईडी कार्ड भी बनाए अतिरिक्त कलेक्टर शैलेंद्र सिंह की अध्यक्षता में 8 अक्टूबर को हुई जवाई प्रबंधन समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुसार जिला परिवहन अधिकारी अनूप चौधरी ने बताया कि 15 से 30 अक्टूबर तक सुमेरपुर स्थित जिला परिवहन कार्यालय में विशेष शिविर लगाया जाएगा. इसमें सफारी जिप्सी वाहन मालिकों को रियायती दर पर GPS/VLTD उपकरण लगवाने की सुविधा मिलेगी. वाहनों की फिटनेस जांच के साथ विशेष यूनिक आईडी नंबर और चालकों के आईडी कार्ड भी बनाए जाएंगे.
सफारी वाहनों का व्यावसायिक पंजीकरण और फिटनेस जरूरीव्यावसायिक श्रेणी व बीमा: जिला परिवहन कार्यालय में व्यावसायिक श्रेणी में पंजीकरण होना चाहिए. वाहन का वैध फिटनेस प्रमाणपत्र और थर्ड पार्टी अथवा व्यावसायिक बीमा अनिवार्य रहेगा.
यूनिक आईडी व नवीनीकरण: नोडल प्राधिकरण से अलग पंजीकरण करवाकर यूनिक आईडी प्राप्त करनी होगी. इसका हर साल नवीनीकरण कराना होगा.
सर्विसिंग व वाहन का स्वरूप: अधिकृत सर्विस सेंटर से सर्विसिंग भी जरूरी होगी. वाहन ओपन टॉप या वन्यजीव दर्शन के अनुकूल संशोधित होना चाहिए.
बैकग्राउंड वेरिफिकेशन: सफारी संचालकों और वाहन मालिकों का पंजीकरण से पहले बैकग्राउंड वेरिफिकेशन किया जाएगा. इसमें पुलिस सत्यापन, वन्यजीव अपराध या गंभीर आपराधिक मामलों में पूर्व संलिप्तता और पहले किए गए गंभीर नियम उल्लंघनों की समीक्षा शामिल होगी.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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October 15, 2026, 17:32 IST



