जिस ‘रामायण’ ने रचा इतिहास, उसे डिज्नी ने कर दिया था रिजेक्ट, ललित मोदी ने बताई मीटिंग की कहानी

Last Updated:October 14, 2026, 12:45 IST
टीवी पर जब रामानंद सागर की ‘रामायण’ प्रसारित हुई तो इसने दर्शकों के दिलों में ऐसी जगह बनाई, जिसे आज भी भुलाया नहीं जा सका है. लेकिन इस ऐतिहासिक धारावाहिक के पर्दे पर आने से पहले एक बड़ा कारोबारी मोड़ भी आया था. हाल ही में ललित मोदी ने एक पॉडकास्ट में रामानंद सागर और ‘रामायण’ से जुड़ा दिलचस्प किस्सा साझा किया. उनके मुताबिक, इस शो को लेकर डिज्नी से भी बातचीत हुई थी, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ सकी. जिसकी वजह खुद रामानंद सागर थे. क्या है ये किस्सा चलिए बताते हैं…
ख़बरें फटाफट
ललित मोदी ने एक पॉडकास्ट में ये खुलासा किया.
नई दिल्ली. 1987 में आईं ‘रामायण’, 1988 में ‘महाभारत’, ‘चाणक्य’, ‘हम लोग’,’ बुनियाद’, ‘मालगुडी डेज’ और ‘शांति’ जैसे ऐसे कई टीवी धारावाहिक रहे, जिन्हें दर्शकों का बहुत प्यार मिला. उनकी लोकप्रियता ऐसी रही कि कई पीढ़ियों के दर्शक आज भी उन्हें याद करते हैं. रामानंद सागर की ‘रामायण’ भी इसी फेहरिस्त में शामिल है. इस सीरियल ने घर-घर में अपनी जगह बनाई और भारतीय टेलीविजन के इतिहास में खास मुकाम हासिल किया. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस ऐतिहासिक शो को बनाने से पहले इसे लेकर एक बड़ी कारोबारी बातचीत भी हुई थी? हाल ही में ललित मोदी ने एक पॉडकास्ट में इस सिलसिले का दिलचस्प किस्सा साझा किया है. उन्होंने दावा कि डिज्नी से भी इसको लेकर बातचीत हुई. लेकिन डिज्नी के अधिकारियों और रामानंद सागर के बीच तालमेल नहीं बन पाया.
‘द भारत इंक’ पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान ललित मोदी ने दूरदर्शन के इस हिट शो के बारें में बात की. पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि एक समय जब वाल्ट डिज्नी (Walt Disney) कंपनी के पास ‘रामायण’ को फाइनेंस करने का मौका आया था तो उन्होंने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था. इसके पीछे की सबसे हैरान करने वाली वजह यह थी.
क्या था पूरा मामला?
ललित मोदी ने बातचीत में बताया कि उस दौर में दूरदर्शन की नीति के तहत कार्यक्रम बनाने के लिए चैनल सीधे फंडिंग नहीं करता था. इसके बजाय निर्माताओं को प्रसारण के लिए तय प्रति घंटे की फीस चुकानी पड़ती थी. ललित मोदी के मुताबिक, उन्होंने उस समय कंटेंट के निर्माण, मार्केटिंग और दुनिया भर में वितरण के लिए एक व्यवस्था तैयार की थी. इसमें डिज्नी के साथ उनकी साझेदारी भी शामिल थी. उन्होंने दावा किया कि रामानंद सागर ‘रामायण’ और बीआर चोपड़ा ‘महाभारत’ के लिए उनसे फंडिंग की उम्मीद लेकर आए थे. ललित मोदी खुद ‘रामायण’ में को-प्रोडक्शन के जरिए निवेश करना चाहते थे. उन्होंने डिज्नी से रामानंद सागर की एक करोड़ रुपये की मांग को पूरा करने की सिफारिश की थी.
मीटिंग में शॉर्ट्स पहनकर पहुंचे थे रामानंद सागर?
ललित मोदी के काफी जोर देने के बाद डिज्नी के प्रेसिडेंट और उनका बड़ा दल प्राइवेट जेट से इस मीटिंग के लिए भारत आया. ललित मोदी ने याद करते हुए बताया कि उस समय डिज्नी के अधिकारी काफी कड़े कॉर्पोरेट पहनावे और प्रेजेंटेशन कल्चर के आदी थे. लेकिन जब रामानंद सागर उस हाई-प्रोफाइल मीटिंग में पहुंचे तो वे बहुत ही साधारण तरीके से कैजुअल हाफ पैंट पहनकर आ गए. इसके साथ ही, उनकी टूटी-फूटी अंग्रेजी थी. जिसके कारण वे डिज्नी के अधिकारियों की बात पूरी तरह नहीं समझ पाए और न ही अपनी बात उन तक उस अंदाज में पहुंचा सके. डिज्नी के अधिकारी उस दौर में एक बहुत ही सोफेस्टिकेटेड और औपचारिक प्रेजेंटेशन की उम्मीद कर रहे थे.
कमरे से भागने को तैयार थे डिज्नी के प्रेसिडेंट
ललित मोदी के मुताबिक, डिज्नी के प्रेसिडेंट मीटिंग के माहौल को देखकर इतने असहज हो गए कि वे कमरे से बाहर निकलने के लिए तैयार दिख रहे थे. विदेशी अधिकारियों को यह अंदाजा ही नहीं था कि भारत में पौराणिक कथाओं के आधार पर बने शो की क्या ताकत हो सकती है. क्योंकि भारतीय टीवी पर ऐसा प्रयोग पहले कभी नहीं हुआ था. उन्होंने बताया कि डिज्नी ने रामानंद सागर की ‘रामायण’ को फाइनेंस करने से साफ इनकार कर दिया. यह ऐतिहासिक डील वहीं खत्म हो गई. बाद में रामानंद सागर ने खुद इस शो का निर्माण किया और ‘रामायण’ ने भारतीय टेलीविजन इतिहास में कमाई और लोकप्रियता के सारे कीर्तिमान तोड़ दिए.
About the AuthorShikha Pandey
15 साल पहले पत्रकारिता से शुरू हुआ शिखा पाण्डेय का सफर आज भी उसी जुनून के साथ जारी है. दिसंबर 2019 में न्यूज18 हिंदी से जुड़ने के बाद वह चीफ सब एडिटर के रूप मे…
Noida,Gautam Buddha Nagar,Uttar Pradesh
First Published :
October 14, 2026, 12:45 IST



