टेस्ट में एक दिन में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले 5 बल्लेबाज, 96 साल से अटूट है विश्व कीर्तिमान

Last Updated:September 26, 2026, 22:12 IST
5 batsman Most runs in a day in Test: टेस्ट क्रिकेट में एक दिन का खेल आमतौर पर धैर्य का प्रतीक माना जाता है, लेकिन इतिहास में कई ऐसी ऐतिहासिक पारियां भी खेली गईं जिन्होंने पूरे मैच का पासा पलट दिया. सर डॉन ब्रैडमैन के बनाए गए 300 से ज्यादा रन से लेकर वैली हैमंड और वीरेंद्र सहवाग की तूफानी पारी और डेनिस कॉम्पटन के ताबड़तोड़ दोहरे शतक तक. इन पारियों ने साबित किया कि एक ही दिन का खेल क्रिकेट के बड़े रिकॉर्ड रचने के लिए काफी होता है.आइए जानते हैं टेस्ट में एक दिन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले 5 बल्लेबाज कौन कौन हैं. एक दिन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले 5 टेस्ट बल्लेबाजों की लिस्ट. (AFP)
नई दिल्ली. टेस्ट क्रिकेट को अक्सर धैर्य और धीमे खेल का पर्याय माना जाता है. जहां पांच दिनों तक खेल चलता है और बल्लेबाज अपनी पारी को धीरे-धीरे आगे बढ़ाते हैं. लेकिन जब कोई बल्लेबाज एक ही दिन में विपक्षी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए दोहरा या तिहरा शतक जड़ देता है, तो वह पल इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो जाता है. टेस्ट क्रिकेट के 149 से ज्यादा वर्षों के इतिहास में कुछ ऐसी तूफानी पारियां खेली गई हैं, जिन्होंने एक ही दिन में सबसे ज्यादा रन बनाने का अनोखा कीर्तिमान स्थापित किया.आइए उन पांच ऐतिहासिक पारियों पर नजर डालते हैं, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट के एक दिन के खेल में रनों का तूफान ला दिया था.
इसकी शुरुआत 11 जुलाई 1930 से हो रही है. जब इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच लीड्स (हेडिंग्ले) के मैदान पर तीसरा टेस्ट मैच शुरू हुआ. ऑस्ट्रेलिया के युवा सनसनी सर डॉन ब्रैडमैन (don bradman) क्रीज पर उतरे और उन्होंने अंग्रेज गेंदबाजों पर कोई रहम नहीं दिखाया. ब्रैडमैन ने खेल के पहले ही दिन न सिर्फ अपना शतक और दोहरा शतक पूरा किया, बल्कि दिन का खेल खत्म होने तक नाबाद 309 रन बनाकर दुनिया को हैरान कर दिया. एक ही दिन में तिहरा शतक जड़ने का यह विश्व रिकॉर्ड आज भी कोई नहीं तोड़ पाया है. ब्रैडमैन की इस आक्रामक पारी के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने उस दिन बड़ा स्कोर खड़ा किया और यह मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के दिल और दिमाग पर हमेशा के लिए दर्ज हो गया.
वैली हैमंड का न्यूजीलैंड में प्रहारब्रैडमैन के इस विशाल कीर्तिमान के तीन साल बाद, इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज वैली हैमंड (Wally Hamond) ने 31 मार्च 1933 को ऑकलैंड के मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ एक ऐसी पारी खेली जो हमेशा याद रखी जाएगी. हैमंड मैच के दूसरे दिन 41 रन बनाकर नाबाद थे. जब तीसरे दिन का खेल शुरू हुआ, तो उन्होंने अपने खेल को एक अलग ही गियर में डाल दिया. हैमंड ने उस अकेले दिन मैदान के चारों तरफ मैदान मारते हुए 295 रन कूट डाले. जब वह 336 रन बनाकर नाबाद पवेलियन लौटे, तो उस समय का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर उनके नाम हो चुका था. हालांकि, एक ही दिन में 295 रन बनाने की उनकी यह उपलब्धि आज भी इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज है.
वीरेंद्र सहवाग की ब्रेबोर्न में तूफानी आंधीटेस्ट क्रिकेट में आक्रामकता की परिभाषा बदलने वाले भारतीय ओपनर वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) का नाम इस लिस्ट में न हो, ऐसा तो संभव ही नहीं है. 2 दिसंबर 2009 को मुंबई के ऐतिहासिक ब्रेबोर्न स्टेडियम में सहवाग ने श्रीलंका के गेंदबाजों की धज्जियाँ उड़ा दीं. भारत की पहली पारी में ओपनिंग करने उतरे सहवाग ने पहले ही दिन अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से श्रीलंकाई आक्रमण को लाचार कर दिया. उन्होंने दिन का खेल खत्म होने तक बिना आउट हुए 284 रन बना डाले. उनकी इस पारी में चौकों और छक्कों की बरसात देखने को मिली थी. सहवाग ने अपनी इस पारी से न सिर्फ दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया, बल्कि आधुनिक दौर में एक दिन में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया.
डेनिस कॉम्पटन का रिकॉर्ड तोड़ प्रहार1 जुलाई 1954 को नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर इंग्लैंड के डेनिस कॉम्पटन ने पाकिस्तान के खिलाफ अपनी बल्लेबाजी का ऐसा जौहर दिखाया कि सब हैरान रह गए. कॉम्पटन मैच के दूसरे दिन महज 5 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे. अगले दिन जब खेल शुरू हुआ, तो उन्होंने अपनी कलात्मक और आक्रामक बल्लेबाजी का मिश्रण पेश किया. कॉम्पटन ने उस दिन 273 रन जोड़कर अपनी पारी को 278 रनों तक पहुंचाया. यह पाकिस्तान के खिलाफ किसी भी बल्लेबाज द्वारा एक दिन में बनाया गया सबसे बड़ा स्कोर बन गया, जिसने इंग्लैंड को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया था.
हेडिंग्ले में ब्रैडमैन का एक और कमाललीड्स का हेडिंग्ले मैदान और सर डॉन ब्रैडमैन का रिश्ता वाकई बेहद खास था. 1930 के कारनामे के ठीक चार साल बाद, 20 जुलाई 1934 को ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेले गए मैच में ब्रैडमैन ने फिर वही जादू दोहराया. खेल के दूसरे दिन बिना खाता खोले क्रीज पर मौजूद ब्रैडमैन ने अगले दिन इंग्लिश गेंदबाजों पर धावा बोल दिया. उन्होंने पूरे दिन में 271 रन बनाए और अंत में 271 रन बनाकर ही नाबाद रहे. एक ही मैदान पर दो बार एक दिन में 270 से ज्यादा रन बनाने की यह उपलब्धि ब्रैडमैन की महानता को साबित करने के लिए काफी है.
About the AuthorKamlesh Raiचीफ सब एडिटर
कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…
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New Delhi,New Delhi,Delhi
First Published :
September 26, 2026, 22:12 IST



