दूसरे चरण में कौन सा इलाका रहा आगे और कहां फीसड्डी रहा मतदान, जानें पूरा गणित

जयपुर. राजस्थान में पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में कहीं मतदाताओं ने जमकर वोट डाले तो कहीं आधे मतदाता भी मतदान केंद्रों तक नहीं पहुंचे. गांवों की सरकार चुनने के लिए 28 अक्टूबर को हुए मतदान के अंतिम आंकड़ों में कई दिलचस्प बातें सामने आई हैं. प्रदेश में दूसरे चरण में कुल 65.15 प्रतिशत मतदान हुआ. सबसे ज्यादा उत्साह बांसवाड़ा जिले की छोटी सरवन पंचायत समिति में देखने को मिला, जहां 81.15 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले. वहीं, जालोर की उम्मेदाबाद पंचायत समिति 50.50 प्रतिशत मतदान के साथ सबसे पीछे रही.
दोनों के बीच 30.65 प्रतिशत अंक का बड़ा अंतर रहा. शुरुआती आंकड़ों में बाड़मेर की बटाडू पंचायत समिति सबसे आगे थी, लेकिन अंतिम आंकड़ों में छोटी सरवन ने बाजी मार ली. खास बात यह है कि इस बार मतदान प्रतिशत 2019 के मुकाबले भी बढ़ा है. वर्ष 2019 में दूसरे चरण का मतदान 63.56 प्रतिशत रहा था, जबकि इस बार 65.15 प्रतिशत वोटिंग दर्ज हुई. यानी पिछले चुनाव के मुकाबले 1.59 प्रतिशत अंक अधिक मतदान हुआ.
22 जिलों के 8404 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद
दूसरे चरण में प्रदेश के 22 जिलों की 124 पंचायत समितियों के 2,197 वार्डों और जिला परिषद के 352 वार्डों के लिए मतदान हुआ. चुनाव मैदान में कुल 8,404 प्रत्याशी थे. इनमें जिला परिषद के 1,086 और पंचायत समिति सदस्य के 7,318 उम्मीदवार शामिल थे. करीब 1.06 करोड़ मतदाताओं के लिए 11,799 मतदान केंद्र बनाए गए थे.
छोटी सरवन ने मारी बाजी, इन इलाकों में भी जमकर वोटिंग
पंचायत समितिवार अंतिम आंकड़ों में बांसवाड़ा की छोटी सरवन 81.15 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर रही. इसी जिले के घाटोल में 79.38 प्रतिशत और तलवाड़ा में 77.79 प्रतिशत मतदान हुआ. बाड़मेर की बटाडू पंचायत समिति में 78.51 प्रतिशत, दूधरू का तला में 76.94 प्रतिशत और भियाड़ में 75.85 प्रतिशत वोट पड़े. उदयपुर के कोटड़ा में 78.15 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. जोधपुर के उम्मेदनगर में 76.32 प्रतिशत, हटूंडी में 75.80 प्रतिशत और समराऊ में 75.26 प्रतिशत मतदान हुआ. नागौर के मूंडवा में भी 75.19 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले.
जालोर में मतदान को लेकर दिखा सबसे कम उत्साह
कम मतदान वाली पंचायत समितियों में जालोर की उम्मेदाबाद सबसे पीछे रही. यहां 50.50 प्रतिशत वोट पड़े. पाली की देसूरी में 51.05 प्रतिशत, जालोर की भीनमाल में 51.41 प्रतिशत और जालोर पंचायत समिति में 51.43 प्रतिशत मतदान हुआ. जालोर के आहोर में 51.47 प्रतिशत, डूंगरपुर के आसपुर में 52.21 प्रतिशत और पाली के बाली में 52.74 प्रतिशत वोट पड़े. राजसमंद की भीम पंचायत समिति में भी मतदान 53.74 प्रतिशत रहा.
जयपुर के शाहपुरा और जालसू में 70% से ज्यादा वोटिंग
राजधानी जयपुर की शाहपुरा पंचायत समिति में 72.08 प्रतिशत और जालसू में 71.93 प्रतिशत मतदान हुआ. जयपुर जिले में शाम 6 बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 68.69 प्रतिशत वोट पड़े थे. पहले चरण में यह आंकड़ा 68.29 प्रतिशत रहा था. अलवर की उमरैण पंचायत समिति में 73.49 प्रतिशत, झालावाड़ के बकानी में 73.06 प्रतिशत और कोटा के खैराबाद में 72.70 प्रतिशत मतदान हुआ.
बीकानेर और अजमेर में कैसा रहा मतदान?
बीकानेर जिले में शाम 6 बजे तक 66.63 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. यहां बीठनोक पंचायत समिति 73.77 प्रतिशत के साथ आगे रही, जबकि बज्जू खालसा में 60.99 प्रतिशत वोट पड़े. अजमेर जिले में 65.81 प्रतिशत और अलवर में 68.69 प्रतिशत मतदान हुआ. चुनाव के दौरान राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने बीकानेर के बदरासर और गजनेर मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया. दूसरे चरण का मतदान पूरा होने के बाद अब उम्मीदवारों की नजर मतगणना पर है. 20 नवंबर को होने वाली मतगणना में तय होगा कि गांवों की राजनीति में किसका दबदबा रहेगा और किसे हार का सामना करना पड़ेगा.



