नागौर के इस स्कूल में बच्चे पेड़ के नीचे पढ़ने को हैं मजबूर, शिक्षकों के साथ कमरों का भी है अभाव

कृष्ण कुमार/ नागौर. खींवसर का विद्यालय एक्सप्रेस के नाम से मशहूर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी की वजह से लगातार विद्यार्थियों को यहां शिक्षण प्राप्त करने में परेशानी हो रही है. यह विद्यालय कक्षा 12 तक है लेकिन यहां पर मात्र 5 शिक्षक, एक प्राधानाचार्य व एक पीटीआई व बाबू है. इस विद्यालय में केवल आठ स्टाफ है लेकिन यहां पर नियमानुसार 16 शिक्षक होने चाहिए.
बच्चों के लिए नहीं है कमरे
विद्यालय के प्रधानाध्यापक हवासिंह ने बताया कि विद्यालय में तीन कमरे सीबीईओ ऑफिस के उसके बाद चार कमरे बचते है. जिसमें एक कमप्यूटर लेब व ऑफिस साथ में है. बच्चों के लिए मात्र चार कमरे है. बाकी बच्चों को गुरुकुल की तरह बाहर पेड़ों की छाव में बिठाकर पढ़ाना पड़ता है. वहीं विद्यालय में शिक्षकों की कमी है. यह विद्यालय कक्षा 12 तक है जिसमें शिक्षको की कमी बहुत ज्यादा है यहां पर पीटीआई, प्रिंसिपल और थर्ड ग्रेड के शिक्षक मिलकर कक्षा 10, 11 व 12 को पढ़ाते है.
कुल 16 शिक्षकों की है आवश्यकता
प्रिंसिपल हवा सिंह बताते है विद्यालय में वर्तमान समय में 8 शिक्षक है. जिसमें पीटीआई, एलडीसी बाबू व प्राधानाचार्य शामिल है. 8 शिक्षको की अभी भी कमी है. जिसके कारण बच्चों को अध्ययन करवाने में काफी दिक्कत हो रही है. तृतीय श्रेणी के शिक्षक और प्रिंसिपल सभी मिलकर बच्चों को दो विषय का अध्ययन करवा रहे है. शिक्षकों की कमी होने की वजह से दो क्लास को इकठ्ठा करके संयुक्त रुप से पढ़ाया जाता है. वर्तमान समय में कक्षा 1 व 2 को साथ में कक्षा 3 व 4 को साथ मे इस प्रकार से बच्चों को संयुक्त रुप से साथ में पढ़ाया जाता है. प्राधानाचार्य बताते है कि कई बार में प्रशासन को इस समस्या से अवगत करवा चुका हूं. लेकिन किसी प्रकार का हल नहीं निकला है.
सीबीईओ का यह है कहना
खींवसर के सीबीईओ राजूराम खदाव का कहना है कि विद्यालय में शिक्षकों के रिक्त पदों की आपूर्ति करने की प्रक्रिया जारी है. जल्द ही विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति कर दी जाएगी. बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने में किसी तरह की समस्या का सामना नही करना पड़ेगा.
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FIRST PUBLISHED : August 25, 2023, 18:12 IST