फर्जी पट्टा मामले में विधायक गणेशराज बंसल को झटका, 4 दिन के रिमांड के बाद जेल भेजा

Last Updated:September 25, 2026, 20:13 IST
Hanumangarh Fake Lease Case: हनुमानगढ़ के निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल को फर्जी पट्टा मामले में चार दिन के रिमांड के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया. CJM कोर्ट ने आगे का रिमांड नहीं दिया. एजेंसी की ओर से रिमांड बढ़ाने की मांग की गई, लेकिन कोर्ट ने आगे का रिमांड नहीं दिया. इसके बाद कोर्ट ने गणेशराज बंसल को जेल भेजने का आदेश दिया.
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फर्जी पट्टा मामला: विधायक गणेशराज बंसल न्यायिक हिरासत में भेजे गए.
हनुमानगढ़. फर्जी पट्टा मामले में गिरफ्तार हनुमानगढ़ के निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल को अब न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है. चार दिन के रिमांड के बाद सीआईडी-सीबी की टीम ने शुक्रवार को विधायक को कोर्ट में पेश किया था. हनुमानगढ़ की CJM कोर्ट ने सीआईडी-सीबी की ओर से मांगे गए आगे के रिमांड को मंजूर नहीं किया और विधायक को जेल भेजने का फैसला सुनाया.
विधायक की गिरफ्तारी के बाद से ही यह मामला हनुमानगढ़ में चर्चा का विषय बना हुआ है. खास बात यह है कि उनकी गिरफ्तारी नगर परिषद सभापति पद के चुनाव के आसपास हुई थी. इससे स्थानीय राजनीति में भी हलचल तेज हो गई थी.
चार दिन के रिमांड के बाद कोर्ट में पेशीफर्जी पट्टा मामले में गिरफ्तारी के बाद गणेशराज बंसल को चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था. रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद शुक्रवार सुबह सीआईडी-सीबी की टीम विधायक को कोर्ट लेकर पहुंची. इससे पहले विधायक को करीब सुबह 6 बजे संगरिया की MJM कोर्ट में पेश किए जाने की जानकारी सामने आई थी. कोर्ट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सीआईडी-सीबी की टीम विधायक को कुछ देर के लिए संगरिया थाने भी लेकर गई थी. अब ताजा कार्रवाई में हनुमानगढ़ की CJM कोर्ट ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है.
CID-CB ने मांगा था और रिमांडविधायक की पेशी के दौरान सीआईडी-सीबी ने जांच के लिए आगे का रिमांड मांगा था. एजेंसी की ओर से रिमांड बढ़ाने की मांग की गई, लेकिन कोर्ट ने आगे का रिमांड नहीं दिया. इसके बाद कोर्ट ने गणेशराज बंसल को जेल भेजने का आदेश दिया. यानी चार दिन तक पुलिस रिमांड में पूछताछ के बाद अब विधायक को न्यायिक अभिरक्षा में रहना होगा. फर्जी पट्टा मामले में जांच एजेंसी की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.
23 साल पुराने फर्जी पट्टा मामले में हुई गिरफ्तारीगणेशराज बंसल की गिरफ्तारी साल 2003 से जुड़े फर्जी पट्टा मामले में हुई है. रिपोर्टों के अनुसार मामला सरकारी जमीन से जुड़े कथित फर्जी पट्टों और उनसे जुड़ी अनियमितताओं का है. मामले की जांच सीआईडी-सीबी कर रही है. विधायक की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी ने उनसे पूछताछ की और चार दिन का रिमांड लिया था. इस मामले में विधायक गणेशराज बंसल के अलावा उनकी पत्नी संतोष बंसल समेत अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं. हालांकि, मामले में किसकी क्या भूमिका है, यह जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगा.
सभापति चुनाव के बीच हुई थी गिरफ्तारीगणेशराज बंसल की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई थी, जब हनुमानगढ़ नगर परिषद सभापति पद का चुनाव होना था. नगर परिषद के चुनाव में विधायक समर्थित निर्दलीय पार्षदों की संख्या काफी अधिक बताई गई थी. उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार 60 वार्डों में विधायक समर्थित 34 निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुए थे, जबकि भाजपा के 15 और कांग्रेस के 10 पार्षद जीते थे. इसी वजह से विधायक की गिरफ्तारी के बाद सभापति चुनाव को लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई थीं. उनके समर्थकों ने गिरफ्तारी का विरोध भी किया था. अब कोर्ट से जेल भेजे जाने के बाद इस मामले को लेकर हनुमानगढ़ की स्थानीय राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है. फिलहाल गणेशराज बंसल को जूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया है. सीआईडी-सीबी फर्जी पट्टा मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी.
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आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
Hanumangarh,Hanumangarh,Rajasthan
First Published :
September 25, 2026, 20:13 IST



