Rajasthan

बकरी के दूध से साबुन? उदयपुर की महिलाएं सीख रहीं ऐसा हुनर, जो बदल सकता है उनकी किस्मत

Last Updated:October 29, 2026, 06:22 IST

Udaipur Tribal Women Trained in Making Herbal Soap: उदयपुर में आदिवासी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनोखी पहल शुरू की गई है. यहां महिलाएं बकरी के दूध, गुलाब की पत्तियों, नीम और एलोवेरा जैसी प्राकृतिक चीजों से हर्बल साबुन बनाना सीख रही हैं. विकल्प सेवा संस्थान की ओर से महिलाओं को साबुन के साथ डिशवॉश बार और अन्य उपयोगी उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. संस्थान की संस्थापक उषा के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों की महिलाओं को ऐसा हुनर सिखाना है, जिससे वे घर बैठे छोटा कारोबार शुरू कर सकें. प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को अलग-अलग वैरायटी के साबुन बनाने के साथ उनकी पैकेजिंग, लेबलिंग और मार्केटिंग की जानकारी भी दी जा रही है. खास बात यह है कि इन साबुनों की कीमत करीब 30 से 50 रुपए रखी जा रही है. महिलाओं को उम्मीद है कि इस हुनर से वे भविष्य में अपनी आमदनी बढ़ाकर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकेंगी.

उदयपुर. लेक सिटी उदयपुर में आदिवासी महिलाएं अब बकरी के दूध, गुलाब की पत्तियों, नीम और एलोवेरा जैसी प्राकृतिक चीजों से साबुन बनाना सीख रही हैं. इन महिलाओं को ऐसा हुनर सिखाया जा रहा है, जिससे वे घर बैठे अपना काम शुरू कर सकें और परिवार की आमदनी बढ़ाने में भी मदद कर सकें. इसके लिए विकल्प सेवा संस्थान की ओर से खास पहल की जा रही है. इसमें महिलाओं को हर्बल साबुन के साथ डिशवॉश बार और दूसरी उपयोगी चीजें बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

विकल्प सेवा संस्थान की संस्थापक उषा ने बताया कि आदिवासी क्षेत्रों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से यह प्रशिक्षण शुरू किया गया है. महिलाओं को स्थानीय स्तर पर आसानी से मिलने वाली प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल करके अलग-अलग प्रोडक्ट तैयार करना सिखाया जा रहा है. इसमें बकरी के दूध, एलोवेरा, नीम और गुलाब जैसी चीजों से साबुन बनाना शामिल हैं. खास बात यह है कि महिलाएं केवल साबुन बनाने की विधि ही नहीं सीख रही हैं, बल्कि इसे एक छोटे व्यवसाय के रूप में आगे बढ़ाने की तैयारी भी कर रही हैं.

बकरी के दूध और एलोवेरा वाले साबुन की अधिक डिमांड

इन दिनों प्राकृतिक चीजों से बने साबुन को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है. इसी को ध्यान में रखते हुए महिलाओं को अलग-अलग वैरायटी के साबुन तैयार करना सिखाया जा रहा है. बकरी के दूध और एलोवेरा से बनने वाले साबुन पर खास ध्यान दिया जा रहा है. इसके अलावा नीम और गुलाब जैसी चीजों का इस्तेमाल करके भी साबुन तैयार किए जा रहे हैं. इन प्रोडक्ट्स को इस तरह तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे महिलाएं अपनी जरूरत और बाजार की मांग के हिसाब से अलग-अलग वैरायटी बना सकें.

सिर्फ बनाना नहीं बेचना भी सीख रहीं महिलाएं

इस पहल की खास बात यह है कि महिलाओं को केवल प्रोडक्ट तैयार करने तक सीमित नहीं रखा गया है. उन्हें इसकी पैकेजिंग, लेबलिंग और मार्केटिंग के बारे में भी जानकारी दी जा रही है. साथ ही यह भी समझाया जा रहा है कि अपने प्रोडक्ट को बाजार तक कैसे पहुंचाना है, ग्राहकों से कैसे जुड़ना है और बिक्री के लिए किन जगहों पर संपर्क किया जा सकता है. इसका उद्देश्य महिलाओं को ऐसा कौशल देना है, जिससे वे आगे चलकर अपना छोटा कारोबार शुरू कर सके और अपने बनाए प्रोडक्ट्स की बिक्री से कमाई कर सके.

30 से 50 रुपए तक है साबुन की कीमत

प्रशिक्षण के दौरान अलग-अलग वैरायटी के साबुन तैयार किए जा रहे हैं. इनकी कीमत करीब 30 से 50 रुपए तक रखी जा रही है. कीमत साबुन की वैरायटी और इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है. कम कीमत वाले इन प्रोडक्ट्स को बाजार में पहुंचाकर महिलाएं अपनी पहचान बनाने के साथ कमाई का जरिया भी तैयार कर सकती है. विकल्प सेवा संस्थान की इस पहल से महिलाओं को नया हुनर सीखने और खुद के पैरों पर खड़े होने का अवसर मिल रहा है. अगर वे इस प्रशिक्षण के बाद अपने प्रोडक्ट्स की नियमित बिक्री शुरू कर पाती हैं, तो इससे उनकी आमदनी बढ़ाने में मदद मिल सकती है.इस तरह प्राकृतिक चीजों से साबुन बनाने का हुनर उनके लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नई शुरुआत बन सकता है.

About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer

दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…

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Udaipur,Rajasthan

First Published :

October 29, 2026, 06:22 IST

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