बाबा के दर्शन की ऐसी दीवानगी, उदयपुर से साइकिल लेकर निकले कौशल श्रीमाली, रोजाना 100 KM चलकर पहुंचेंगे खाटूधाम

Last Updated:October 04, 2026, 08:09 IST
Kaushal Shrimali start Journey On Cycle for Khatu Shyam Ji : उदयपुर के बड़गांव निवासी कौशल श्रीमाली बाबा खाटूश्याम जी के दर्शन के लिए साइकिल से रवाना हुए हैं. उनका लक्ष्य 8 अक्टूबर को खाटूश्याम जी पहुंचकर बाबा के दरबार में शीश नवाना है. यात्रा से पहले उनकी मां ने साइकिल की पूजा की और तिलक लगाकर उन्हें आशीर्वाद दिया. कौशल रोजाना 100 किलोमीटर साइकिल चलाएंगे. इस सफर में चिराग प्रजापति, लोकेंद्र सिंह और जतिन साहू समेत चार साथी अलग-अलग चरणों में उनका साथ दे रहे हैं. यह यात्रा आस्था, भक्ति और कड़े संकल्प का अनोखा उदाहरण बनी है.
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उदयपुर: बाबा खाटूश्याम जी के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था के अनगिनत किस्से रोज सामने आते रहते हैं. ऐसा ही एक अनोखा और भक्तिमय उदाहरण उदयपुर में देखने को मिला है. उदयपुर के बड़गांव स्थित वैशाली नगर के रहने वाले कौशल श्रीमाली ने बाबा श्याम के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा प्रकट करते हुए एक कठिन संकल्प लिया है. कौशल उदयपुर से सीकर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्याम जी तक की दूरी साइकिल से तय करने के लिए निकल पड़े हैं. उनका मुख्य लक्ष्य 8 अक्टूबर को खाटूश्याम जी के पावन दरबार में पहुंचकर बाबा के शीश के दर्शन करना और उनका आशीर्वाद प्राप्त करना है. आस्था और भक्ति से सराबोर यह यात्रा अब पूरे इलाके में चर्चा का केंद्र बनी हुई है.
कौशल की इस पावन साइकिल यात्रा की शुरुआत से पहले उनके घर में पूरी तरह से भक्तिमय माहौल देखने को मिला. यात्रा पर निकलने से पूर्व कौशल की माताजी ने पूरे विधि-विधान से साइकिल की पूजा-अर्चना की. इसके बाद उन्होंने बेटे के माथे पर रोली-अक्षत का तिलक लगाया और यात्रा के सकुशल संपन्न होने का आशीर्वाद देकर विदा किया. मां का हाथ सिर पर रखते ही कौशल का उत्साह दोगुना हो गया. जैसे ही वह साइकिल पर सवार होकर घर से निकले, पूरे क्षेत्र में बाबा श्याम के जयकारों की गूंज सुनाई देने लगी. इस दौरान परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों और स्थानीय निवासियों ने पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया तथा उनकी इस कठिन यात्रा के सफल और निर्विघ्न पूरा होने की कामना की.
रोजाना 100 किलोमीटर साइकिल चलाने का रखा है लक्ष्यउदयपुर से खाटूश्याम जी तक का सफर सुगम नहीं है और इसमें कई तरह की शारीरिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. इस चुनौती से निपटने के लिए कौशल ने एक ठोस योजना तैयार की है. कौशल के अनुसार, वह यात्रा के दौरान प्रतिदिन लगभग 100 किलोमीटर साइकिल चलाने का प्रयास करेंगे. लगातार इतनी लंबी दूरी साइकिल से तय करते हुए निर्धारित तिथि 8 अक्टूबर तक खाटूश्याम जी पहुंचना अपने आप में एक बड़ा टास्क है. हालांकि, कौशल का मानना है कि जब दिल में बाबा श्याम के प्रति सच्ची आस्था हो, तो हर मुश्किल राह आसान हो जाती है. उन्होंने बताया कि बाबा के दर्शन करने की इच्छा उनके मन में काफी समय से थी, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने यह साइकिल यात्रा शुरू की है.
सफर में चार साथी भी निभा रहे हैं अहम भूमिकाइस कठिन और लंबे सफर में कौशल श्रीमाली अकेले नहीं हैं, बल्कि उनके साथ चार सहयोगियों की एक समर्पित टीम भी जुड़ी हुई है. यह सहयोगी यात्रा के अलग-अलग चरणों में उनका साथ देंगे और रसद व सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं का ध्यान रखेंगे. फिलहाल इस यात्रा में उनके साथ चिराग प्रजापति, लोकेंद्र सिंह और जतिन साहू सफर कर रहे हैं. यह सभी साथी अलग-अलग पड़ावों पर कौशल के साथ साइकिल चलाएंगे और जरूरत के हिसाब से उनकी मदद करेंगे. दोस्तों और साथियों का यह मजबूत नेटवर्क कौशल के हौसले को बढ़ा रहा है और उन्हें मंजिल की ओर तेजी से बढ़ने की ऊर्जा दे रहा है.
8 अक्टूबर को खाटू दरबार में शीश नवाने की तैयारीअब कौशल की पूरी नजर 8 अक्टूबर की तारीख पर टिकी हुई है. उनका एकमात्र ध्येय तय समय पर खाटूधाम पहुंचकर बाबा श्याम की चौखट पर शीश नवाना है. इस साइकिल यात्रा को लेकर न केवल कौशल के परिवार में बल्कि पूरे उदयपुर संभाग में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है. मां के पवित्र आशीर्वाद, दोस्तों के साथ और बाबा श्याम में अटूट विश्वास के सहारे शुरू हुई यह यात्रा सिर्फ एक शारीरिक सफर नहीं है. यह कौशल श्रीमाली की अनन्य भक्ति, अटूट संकल्प और धार्मिक निष्ठा की एक नई मिसाल बन चुकी है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Udaipur,Udaipur,Rajasthan
First Published :
October 04, 2026, 08:09 IST



