बूंदी के इस मंदिर में तालाब से प्रकट हुई थीं बालाजी की मूर्तियां, जानिए सुवासा धाम की कहानी

Last Updated:October 12, 2026, 09:29 IST
Veer Balaji Dham Suvasa Bundi: बूंदी जिले के सुवासा गांव में स्थित वीर बालाजी प्रेतराज सरकार धाम अपनी अद्भुत मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है. यहाँ स्थापित मूर्तियां एक तालाब से प्रकट हुई थीं. मंदिर के मुख्य पुजारी देवेंद्र व्यास के अनुसार, शुरुआती दिनों में पानी के बीच से गुजरकर दर्शन करने होते थे. शनिवार के दिन कोटा, बूंदी, झालावाड़, भीलवाड़ा और रावतभाटा जैसे दूर-दराज के क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. यहाँ प्रेतराज सरकार, शिवजी और प्राचीन बावड़ी के साथ-साथ नवरात्र और श्रावण मास में होने वाले धार्मिक अनुष्ठान इसे मेवाड़-हाड़ौती की गहरी आस्था का प्रतीक बनाते हैं.
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Suvasa Veer Balaji Dham: तालाब से प्रकट मूर्तियां, शनिवार को दूर-दूर से अर्जी लगाने पहुंचते हैं भक्त
बूंदी: बूंदी जिले की तालेड़ा तहसील के अंतर्गत आने वाले सुवासा गांव में स्थित वीर बालाजी प्रेतराज सरकार धाम क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए आस्था और श्रद्धा का एक बहुत बड़ा केंद्र है. स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर में स्थापित बालाजी महाराज की मूर्तियां किसी साधारण निर्माण से नहीं, बल्कि पास के एक प्राचीन तालाब से प्रकट हुई थीं. मंदिर के मुख्य पुजारी देवेंद्र व्यास बताते हैं कि उनके परिवार की कई पीढ़ियां इस पवित्र धाम में बालाजी महाराज की सेवा और पूजा-अर्चना करती आ रही हैं. शुरुआती समय में जब मंदिर अपनी प्रारंभिक अवस्था में था, तो श्रद्धालुओं को माता और बालाजी के दर्शन करने के लिए पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता था, लेकिन समय के साथ इस स्थान का स्वरूप पूरी तरह विकसित हो गया है.
सुवासा के इस भव्य मंदिर परिसर में केवल वीर बालाजी और प्रेतराज सरकार का दरबार ही नहीं है, बल्कि यहाँ शीतला माता, सती माता, भगवान भोलेनाथ और अन्य कई देवी-देवताओं के पवित्र स्थल भी स्थापित हैं. मंदिर के समीप ही एक प्राचीन बावड़ी भी मौजूद है, जिसे स्थानीय लोग इस ऐतिहासिक धाम की पुरानी और अमूल्य विरासत से जोड़कर देखते हैं. शनिवार के दिन यहाँ विशेष रूप से श्रद्धालुओं का तांता लगता है. कोटा और बूंदी के अलावा झालावाड़, छबड़ा, छीपाबड़ौद, भीलवाड़ा और रावतभाटा जैसे दूर-दराज के जिलों व कस्बों से भी बड़ी संख्या में भक्त अपनी मनोकामनाओं की अर्जी लगाने पहुँचते हैं.
विशेष धार्मिक अनुष्ठान और पर्वों का उल्लासइस पावन धाम में साल भर विभिन्न धार्मिक आयोजनों की धूम रहती है. नवरात्र के पवित्र दिनों में यहाँ विशेष रूप से रामायण पाठ और अन्य धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं. इसके अलावा, श्रावण मास के दौरान यहाँ अखंड रामायण पाठ का आयोजन होता है, और हनुमान जयंती के पावन अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना, सुंदरकांड, हनुमान चालीसा के पाठ के साथ 101 दीपकों को प्रज्वलित किया जाता है. कोटा से आए श्रद्धालु शुभम शर्मा का कहना है कि बालाजी महाराज में उनकी अटूट आस्था है और यहाँ का शांत व दिव्य माहौल तथा होने वाले धार्मिक आयोजन सभी को अपनी संस्कृति व परंपराओं से जोड़े रखते हैं.
पीढ़ी-दर-पीढ़ी जुड़ाव और सुख-समृद्धि की कामनास्थानीय श्रद्धालुओं के लिए सुवासा का वीर बालाजी धाम मात्र पूजा-अर्चना का स्थल नहीं है, बल्कि यह उनकी पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का जीवंत प्रतीक है. तालाब से मूर्तियों के प्रकट होने की चमत्कारी मान्यता, प्राचीन बावड़ी और हर शनिवार उमड़ने वाली भक्तों की भीड़ इस धाम की महिमा को और बढ़ा देती है. यहाँ आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की मन्नत पूरी होती है, और वे अपने परिवार की सुख, शांति व समृद्धि की कामना के साथ बालाजी महाराज के चरणों में हाजिरी लगाते हैं.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Bundi,Bundi,Rajasthan
First Published :
October 12, 2026, 09:29 IST



