भरतपुर में बड़ा दवा कांड आया सामने, सूखे कुएं से 5 करोड़ की दवाइयां बरामद, 274 कार्टन ने खोले अवैध सप्लाई के राज

Last Updated:October 01, 2026, 12:18 IST
Bharatpur Drug Raid: राजस्थान के भरतपुर जिले की बयाना तहसील अंतर्गत खटनावाली गांव में औषधि नियंत्रण विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सूखे कुएं से करीब 5 करोड़ रुपये की दवाइयों का जखीरा बरामद किया है. टीम ने मौके से 274 कार्टन दवाइयां जब्त की हैं, जिनमें हृदय रोग, डायबिटीज और एलर्जी की दवाइयां शामिल हैं. गुणवत्ता जांच के लिए 10 नमूने लिए गए हैं. मामले के तार आगरा से भी जुड़े हैं, जहां संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है. विभाग पूरी सप्लाई चेन और एक्सपायरी री-लेबलिंग के फर्जीवाड़े की जांच कर रहा है.
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भरतपुर के बयाना में सूखे कुएं से 5 करोड़ की दवाइयां जब्त, 274 कार्टन में हार्ट-डायबिटीज की महंगी दवाएं भी शामिल
Bharatpur: राजस्थान के भरतपुर जिले से औषधि नियंत्रण विभाग की एक बेहद सनसनीखेज और बड़ी कार्रवाई सामने आई है. भरतपुर जिले की बयाना तहसील के खटनावाली गांव में एक सूखे कुएं से करीब 5 करोड़ रुपये मूल्य की दवाइयों का विशाल जखीरा बरामद किया गया है. सहायक औषधि नियंत्रक, भरतपुर के कुशल नेतृत्व में गठित औषधि नियंत्रण अधिकारियों की विशेष टीम ने स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों के सहयोग से यह पूरी कार्रवाई अंजाम दी है. टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि गांव के एक सुनसान और सूखे कुएं में भारी मात्रा में संदिग्ध दवाइयां छिपाई गई हैं. सूचना मिलते ही पुलिस और औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जब सूखे कुएं की तलाशी ली, तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए. कुएं के अंदर से कुल 274 कार्टून (कार्टन) भरकर रखी गईं दवाइयां बरामद की गईं.
बरामद की गई इन सभी दवाइयों का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 5 करोड़ रुपये आंका गया है. जब्त किए गए इस भारी जखीरे में मुख्य रूप से हृदय रोग (हार्ट), डायबिटीज (मधुमेह) और गंभीर एलर्जी के उपचार में उपयोग की जाने वाली अति-आवश्यक और महंगी दवाइयां शामिल हैं. इनमें बाजार में प्रचलित ब्रांड जैसे लोसार-50, जानुमेट, केटोरोल-एम, एलेग्रा-एम और जालरा जैसी प्रमुख दवाइयां शामिल हैं. इतनी बड़ी मात्रा में जीवनरक्षक दवाइयों का कुएं में मिलना किसी बड़े अवैध नेटवर्क की ओर इशारा करता है. मौके पर पहुंची विभाग की टीम ने प्राथमिक कार्रवाई करते हुए दवाइयों की गुणवत्ता और असलियत की जांच के लिए तुरंत 10 नमूने (सैंपल) लिए हैं, जिन्हें प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है.
निर्माता और सप्लाई चेन की जांचऔषधि नियंत्रण विभाग अब इस पूरे मामले में दवा निर्माताओं और सप्लाई चेन की विस्तृत जांच में जुट गया है. विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि बरामद दवाइयों की वास्तविकता, गुणवत्ता, बैच नंबर, निर्माण और समाप्ति (एक्सपायरी) तिथि क्या है. इसके साथ ही दवाइयों के स्रोत तथा पूरी सप्लाई चेन की निर्माता स्तर से गहन पड़ताल की जा रही है. अधिकारियों को यह भी संदेह है कि कहीं अवधि-पार (एक्सपायर्ड) हो चुकी दवाइयों को किसी निर्माता, डिपो या सीएंडएफ (C&F) एजेंट के यहां से अवैध रूप से निकालकर या चोरी कर छिपाया गया था. आशंका यह भी जताई जा रही है कि इनकी एक्सपायरी डेट बदलकर दोबारा बाजार में बेचने की खतरनाक साजिश रची जा रही थी.
आगरा तक जुड़े तार और एफआईआरइस मामले का दायरा केवल राजस्थान तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के आगरा शहर से भी जुड़ गए हैं. भरतपुर औषधि विभाग ने इस पूरे मामले की तात्कालिक सूचना औषधि नियंत्रक उत्तर प्रदेश, औषधि निरीक्षक आगरा और संबंधित दवा निर्माता कंपनियों के साथ तुरंत साझा की. इसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस और औषधि विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आगरा में भी छापेमारी कर संबंधित संदिग्ध दवाइयां जब्त की हैं. इस फर्जीवाड़े और अवैध भंडारण के मामले में आगरा के थाना मलपुरा में संबंधित आरोपियों के विरुद्ध नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई है. भरतपुर में भी आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Bharatpur,Bharatpur,Rajasthan
First Published :
October 01, 2026, 12:18 IST



