भारत ने पकड़ी गर्दन तो सफाई में जुट गई मेटा, फेसबुक-इंस्टाग्राम से हटाई बच्चों से जुड़ी 53 लाख पोस्ट

Last Updated:October 07, 2026, 19:43 IST
मेटा ने दावा किया है कि उसने अपने प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम से बच्चों से जुड़ी करीब 53 लाख अश्लील सामग्री हटा दी है. सरकार की सख्ती के बाद कंपनी ने यह सफाई दी है.
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सरकार ने मेटा के अधिकारियों को तलब कर चेताया था.फेसबुक-इंस्टाग्राम पर बच्चों से जुड़ी अश्लील तस्वीरें शेयर होने पर भारत सरकार ने गर्दन पकड़ी तो मेटा को सफाई में जुटना पड़ा. फेसबुक इंस्टाग्राम चलाने वाली कंपनी मेटा ने 7 अक्तूबर 2026 को बताया कि उसने जनवरी से जून 2026 के बीच भारत में बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी 53 लाख सामग्री पर कार्रवाई की. कंपनी के मुताबिक इनमें 98 फीसदी से ज्यादा सामग्री ऐसी थी, जिसे उसके सिस्टम ने खुद पहचानकर हटाया. यानी हर पोस्ट के लिए किसी यूजर की शिकायत का इंतजार नहीं किया गया.
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक मेटा ने कहा कि बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री को रोकने के लिए उसके प्लेटफॉर्म लगातार निगरानी और तकनीकी सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे हैं. कंपनी के अनुसार फेसबुक और इंस्टाग्राम पर मिली ऐसी सामग्री में से 98 फीसदी से ज्यादा की पहचान उसने खुद की थी. इसके बाद उस सामग्री को हटाया गया और नियमों के मुताबिक कार्रवाई की गई. यहां समझना जरूरी है कि 53 लाख का आंकड़ा अलग-अलग पोस्ट, फोटो, वीडियो या अन्य सामग्री से जुड़ी कार्रवाई को दर्शाता है. इसे 53 लाख अलग-अलग लोगों की संख्या नहीं माना जा सकता.
सरकार ने कहा था- बर्दाश्त नहीं करेंगे
मेटा का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार का दबाव बढ़ रहा है. बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री को इंटरनेट पर फैलाना गंभीर अपराध है. सरकार ने मेटा को अधिकारियों को तलब कर चेताया था कि ऐसी हरकतें बर्दाश्त नहीं करेंगे. फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में यूजर होने के कारण ऐसी सामग्री को रोकना कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती है. एक पोस्ट हटाने के बाद वही सामग्री दूसरे अकाउंट से दोबारा सामने आ सकती है.
मेटा ने कहा-कई कदम उठाए गए
कंपनी ने बताया कि उसने बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री के खिलाफ अपने प्रयासों को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए हैं. इसका मतलब केवल आपत्तिजनक पोस्ट हटाना नहीं है, बल्कि ऐसी सामग्री को दोबारा प्लेटफॉर्म पर आने से रोकने की कोशिश भी है. मेटा के सिस्टम संदिग्ध सामग्री की पहचान करने, उसे हटाने और जरूरत पड़ने पर संबंधित कार्रवाई करने के लिए तकनीक का इस्तेमाल करते हैं. कंपनी का कहना है कि वह बच्चों को निशाना बनाने वाली ऐसी सामग्री के खिलाफ अपनी व्यवस्था को लगातार मजबूत कर रही है.
About the Authorज्ञानेंद्र मिश्रDeputy News Editor
ज्ञानेंद्र कुमार मिश्रा हिंदी पत्रकारिता का एक जाना-पहचाना नाम हैं. उन्हें मीडिया में करीब 20 साल का एक्सपीरियंस है. वर्तमान में वह हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर जुड़े हैं …
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First Published :
October 07, 2026, 19:34 IST



