मकराना में पुष्पक विमान पर सवार होगा 80 फीट का रावण, 1919 से चली आ रही परंपरा में पहली बार बदलाव

Last Updated:October 09, 2026, 08:25 IST
Makrana Dussehra 80 Feet Ravana on Pushpak Viman: डीडवाना-कुचामन जिले के मकराना में इस वर्ष विजयादशमी पर 80 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा. 1919 से जारी इस परंपरा में पहली बार रावण पुष्पक विमान पर सवार होगा. 50 स्थानीय कारीगरों ने 25 दिन की मेहनत से इस विशालकाय पुतले को तैयार किया है. चारभुजा सेवा समिति के अनुसार इस अनूठे निर्माण पर करीब साढ़े तीन लाख रुपए की लागत आई है. इस भव्य आयोजन को देखने के लिए मकराना सहित आसपास के गांवों से हजारों की संख्या में लोगों की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है जिससे मेले जैसा माहौल रहेगा.
ख़बरें फटाफट
Makrana Dussehra: मकराना में पुष्पक विमान पर सवार 80 फीट का रावण, 105 साल की परंपरा में अनूठा बदलाव
मकराना: मार्बल नगरी मकराना में इस बार विजयादशमी का पर्व एक बेहद भव्य और अनूठे अंदाज में मनाया जा रहा है. डीडवाना-कुचामन जिले के इस प्रमुख शहर में होने वाले ऐतिहासिक दशहरा महोत्सव में इस वर्ष 80 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा. इस बार के आयोजन की सबसे खास बात यह है कि रावण का पुतला किसी सामान्य मंच पर खड़ा नहीं रखा जाएगा. पुरानी परंपराओं से हटकर इस बार बुराई का प्रतीक रावण एक विशालकाय पुष्पक विमान पर सवार नजर आएगा. अतीत में कभी हाथी तो कभी रथ पर रावण को विराजमान करने की परंपरा रही है. लेकिन इस बार पुष्पक विमान का यह अनूठा स्वरूप दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है.
इस विशाल आयोजन की पूरी जिम्मेदारी चारभुजा सेवा समिति निभा रही है. समिति की देखरेख में दशहरा मैदान के साथ-साथ पुतला निर्माण स्थल पर भी तैयारियां पूरे जोरों पर चल रही हैं. समिति के संरक्षक ठाकुर चंद्रवीर सिंह चौहान और स्थानीय पार्षद व सचिव महेश पुजारी ने इस भव्य आयोजन को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की है. उन्होंने बताया कि मकराना शहर में वर्ष 1919 से ही हर साल रावण दहन की परंपरा अनवरत रूप से चली आ रही है. भव्यता और विशालता के मामले में मकराना का यह दशहरा आयोजन पूरे राजस्थान में दूसरे स्थान पर अपनी पहचान रखता है. अब तक यहां मुख्य रूप से 75 फीट ऊंचे रावण के पुतले का निर्माण किया जाता रहा है. लेकिन इस बार समिति ने आयोजन को और अधिक भव्य व ऐतिहासिक बनाने के उद्देश्य से पुतले की ऊंचाई बढ़ाकर 80 फीट कर दी है. 105 साल से अधिक पुरानी इस परंपरा में पहली बार पुतले की ऊंचाई में इतनी बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली है.
लोकल फॉर वोकल की बेहतरीन मिसालइस विशालकाय रावण और पुष्पक विमान के निर्माण के लिए समिति ने एक बेहद अहम फैसला लिया. उन्होंने बाहर से किसी विशेष या पेशेवर टीम को बुलाने के बजाय स्थानीय कलाकारों पर पूरा भरोसा जताया है. मकराना के करीब 50 स्थानीय कारीगर पिछले 25 दिनों से दिन-रात एक करके इस अनूठे स्वरूप को अंतिम रूप देने में पूरी मेहनत से जुटे हुए हैं. यह बेहतरीन पहल न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को एक बड़ा मंच और प्रोत्साहन प्रदान कर रही है, बल्कि यह प्रधानमंत्री के ‘लोकल फॉर वोकल’ अभियान की भी एक जीवंत मिसाल पेश कर रही है. इन कारीगरों की कलाकारी ने पुष्पक विमान और रावण के पुतले को एक बेहद सजीव और आकर्षक रूप प्रदान किया है.
आयोजन की लागत और उमड़ता जनसैलाबसमिति के पदाधिकारियों के अनुसार, पुष्पक विमान पर सवार इस विशालकाय रावण के निर्माण और पूरे सेटअप पर करीब 2.50 लाख से लेकर 3.50 लाख रुपए तक का खर्च आने का अनुमान है. विजयादशमी की शाम को जब भव्य आतिशबाजी के बीच 80 फीट ऊंचे रावण के इस पुतले का दहन किया जाएगा, तो वह नजारा बेहद अद्भुत होगा. पुष्पक विमान पर विराजमान रावण का यह नया स्वरूप वहां मौजूद हर एक दर्शक को रोमांचित कर देगा. मकराना का यह ऐतिहासिक दशहरा महोत्सव केवल शहर तक ही सीमित नहीं रहता है. इस भव्य आयोजन को देखने के लिए आसपास के दर्जनों ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों की संख्या में लोगों का हुजूम मकराना पहुंचता है. रावण दहन के पावन अवसर पर पूरे दशहरा मैदान में एक विशाल मेले जैसा उत्सव का माहौल रहता है. इस बार पुष्पक विमान के इस नए और अनूठे प्रयोग को देखने के लिए लोगों में अभी से भारी उत्साह देखा जा रहा है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
और पढ़ेंLocation :
Makrana,Nagaur,Rajasthan
First Published :
October 09, 2026, 08:25 IST



