मसूरिया में बालीनाथजी समाधि स्थल पर बनेगा भव्य द्वार, 1500 टन जोधपुरी छीतर से होगी नक्काशी

Last Updated:September 29, 2026, 07:38 IST
Jodhpur Balinathji Samadhi Site: जोधपुर के मसूरिया स्थित बाबा रामदेव के गुरु बालीनाथजी के समाधि स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा और मंदिर परिसर के विस्तार के लिए भव्य मुख्य द्वार का निर्माण शुरू हो गया है. करीब 1500 टन से अधिक जोधपुरी छीतर पत्थर से तैयार होने वाले इस द्वार की चौड़ाई करीब 45 फीट और ऊंचाई 35 फीट होगी. बीच में 24 फीट का मुख्य प्रवेश द्वार और दोनों ओर 11-11 फीट के छोटे द्वार बनाए जाएंगे. सिरोही और फतेहपुर के कारीगर पिछले दो वर्षों से पत्थरों की घड़ाई और बारीक नक्काशी का काम कर रहे हैं. ट्रस्ट की ओर से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नींव में पांच शिलाएं रखकर निर्माण की शुरुआत की गई.
जाेधपुर. मसूरिया स्थित बाबा रामदेव के गुरु बालीनाथजी के समाधि स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा और मंदिर परिसर के विस्तार को लेकर नया मुख्य द्वार बनाया जा रहा है. करीब 1500 टन से अधिक जोधपुरी छीतर पत्थर से तैयार हो रहे इस द्वार की चौड़ाई करीब 45 फीट और ऊंचाई 35 फीट होगी. मुख्य द्वार के बीच 24 फीट का बड़ा प्रवेश द्वार रहेगा, जबकि दोनों तरफ 11-11 फीट के दो छोटे द्वार बनाए जाएंगे. पिछले दो वर्षों से सिरोही और फतेहपुर के कारीगर पत्थरों की घड़ाई और बारीक कलाकृतियां तैयार कर रहे हैं. पीपा क्षत्रिय समस्त न्याति सभा ट्रस्ट मसूरिया की ओर से विधिवत पूजन कर नींव में पांच शिलाएं रखी गईं और निर्माण कार्य की शुरुआत की गई.
द्वार पर जोधपुरी स्थापत्य कला की खूबसूरत कलाकृतियां नजर आएंगी, जबकि इसके शिखर पर बाबा की ध्वजा फहरती दिखाई देगी. नए द्वार का नामकरण भी बालीनाथजी के समाधि स्थल के नाम पर किया जाएगा. ट्रस्ट अध्यक्ष नरेंद्र चौहान, सचिव नरेंद्र गोयल, कोषाध्यक्ष पुरुषोत्तम राखेचा, उपाध्यक्ष शिवप्रकाश दईया, दिनेश गोयल सहित पदाधिकारियों ने विधिवत पूजन किया. वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नींव में पांच शिलाएं रखकर निर्माण शुरू किया गया.
गुरु बालीनाथजी के समाधि स्थल के नाम पर होगा नामकरण
नए द्वार का नामकरण बाबा रामदेव के गुरु बालीनाथजी के समाधि स्थल के नाम पर किया जाएगा. अंदर की तरफ ट्रस्ट कार्यालय की ओर से दो कमरे भी बनाए जाएंगे. इनमें मॉनिटरिंग संबंधी कार्य होगा. समाधि स्थल पर 5 फीट ऊंची प्रतिमा का प्रतिष्ठा उत्सव प्रस्तावित है. इसी दौरान नए द्वार का उद्घाटन भी किया जाएगा. लाखों की लागत से तैयार हो रहे द्वार का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुविधाएं देने के साथ क्षेत्र को नए पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है.
पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा क्षेत्र
नए भव्य मुख्य द्वार के निर्माण से बालीनाथजी समाधि स्थल की भव्यता और बढ़ेगी. जोधपुरी स्थापत्य शैली की नक्काशीदार कलाकृतियों से सजे इस द्वार के शिखर पर बाबा की ध्वजा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेगी. ट्रस्ट का उद्देश्य समाधि स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ मसूरिया क्षेत्र को धार्मिक आस्था और पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है.
About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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Jodhpur,Rajasthan
First Published :
September 29, 2026, 07:38 IST



