मस्त होकर खेलें गरबा, न लें कोई टेंशन चुटकियों पर पहुंचेगी पुलिस, QR कोड से लेकर GPS ट्रैकिंग तैयारी में क्या-क्या?

अहमदाबाद. नवरात्रि में गरबा खेलने जाने वालों की सुरक्षा के लिए गुजरात की वडोदरा ग्रामीण पुलिस ने खास तैयारी की है. पुलिस ने ‘नवरात्रि सुरक्षा ऐप’ लॉन्च किया है. इसकी मदद से गरबा में शामिल होने वाले लोग अपनी लोकेशन पुलिस तक पहुंचा सकेंगे. किसी आपात स्थिति में SOS बटन दबाकर महज 2 सेकंड में पुलिस कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजा जा सकेगा.
इस ऐप का मकसद सिर्फ गरबा स्थल पर सुरक्षा देना नहीं, बल्कि लोगों के घर लौटने तक उनकी सुरक्षा पर नजर रखना है. हालांकि, इसके लिए यूजर को ऐप पर रजिस्ट्रेशन करना होगा और गरबा स्थल पर लगे QR कोड को स्कैन करना होगा.
कैसे काम करेगा नवरात्रि सुरक्षा ऐप?ऐप इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले मोबाइल नंबर और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट के साथ एक बार रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसके बाद ऐप से जुड़े गरबा आयोजनों में QR कोड लगाया जाएगा. जब कोई व्यक्ति गरबा स्थल पर पहुंचकर QR कोड स्कैन करेगा, तो उसकी लोकेशन पुलिस कंट्रोल रूम के सिस्टम पर दिखाई देने लगेगी. इसके बाद पुलिस ऐप के जरिए उसकी घर वापसी पर नजर रख सकेगी. अगर कोई व्यक्ति तय समय में घर नहीं पहुंचता है, तो सिस्टम कंट्रोल रूम को अलर्ट करेगा. पुलिसकर्मी उस व्यक्ति या उसके रजिस्टर किए गए इमरजेंसी कॉन्टैक्ट से फोन करके पता कर सकेंगे कि उसे किसी मदद की जरूरत तो नहीं है.
SOS बटन दबाते ही पुलिस को मिलेगा अलर्टऐप में SOS का खास फीचर भी दिया गया है. अगर किसी व्यक्ति को रास्ते में खतरा महसूस होता है या वह किसी परेशानी में फंस जाता है, तो वह SOS बटन को 2 सेकंड तक दबाकर पुलिस को अलर्ट भेज सकता है. इसके साथ उसकी लोकेशन भी पुलिस तक पहुंचेगी. अलर्ट मिलने के बाद पुलिस जरूरत के मुताबिक मौके पर इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन भेज सकेगी. पुलिस का कहना है कि ऐप महिलाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है लेकिन घर लौटते समय अतिरिक्त सुरक्षा चाहने वाला कोई भी व्यक्ति इसका इस्तेमाल कर सकता है.
674 गरबा स्थलों पर तैनात होंगे 2,875 सुरक्षाकर्मीवडोदरा ग्रामीण पुलिस ने गरबा आयोजनों की सुरक्षा के लिए बड़े स्तर पर इंतजाम किए हैं. पुलिस के मुताबिक, जिले में कुल 674 गरबा स्थल चिन्हित किए गए हैं. इनमें 84 बड़े आयोजन और 590 छोटे आयोजन शामिल हैं.
2,875 सुरक्षाकर्मीपुलिसकर्मी, गुजरात रक्षा दल के जवान और होमगार्ड तैनात रहेंगे.
674 गरबा स्थल84 बड़े और 590 छोटे आयोजनों को सुरक्षा योजना में शामिल किया गया है.
महिला सुरक्षा के लिए SHE टीममहिला पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में भीड़ के बीच रहकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगी. बड़े गरबा आयोजनों में पुलिस हेल्पडेस्क भी बनाए जाएंगे. आयोजकों को CCTV कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी घटना की स्थिति में निगरानी और जांच में मदद मिल सके.
पुलिस कंट्रोल रूम में 48 लोगों की टीमवडोदरा ग्रामीण पुलिस के मुताबिक, ऐप को पुलिस के साइबर तकनीकी विशेषज्ञों और अधिकारियों ने मिलकर तैयार किया है. इसके लिए सर्वर और क्लाउड स्टोरेज की व्यवस्था की गई है. पुलिस ऐप में व्हाट्सऐप इंटीग्रेशन पर भी काम कर रही है, जिससे कंट्रोल रूम से मौके पर तैनात पुलिस टीमों तक लोकेशन और जरूरी जानकारी जल्दी पहुंचाई जा सके. पुलिस के नेट्रम कमांड एंड कंट्रोल रूम में 48 लोगों की टीम बनाई गई है. जिले में 112 की इमरजेंसी गाड़ियां भी तैनात रहेंगी. पुलिस के अनुसार, फिलहाल इन वाहनों को किसी कॉल पर मौके तक पहुंचने में औसतन करीब 10 मिनट लगते हैं. SOS अलर्ट मिलने पर वाहन तुरंत भेजने की योजना है. पुलिस ने सुनसान सड़कों और नहरों के आसपास के कुछ संवेदनशील स्थानों की भी पहचान की है. इन जगहों के आसपास रिस्पॉन्स वाहन तैनात करने की योजना है, ताकि जरूरत पड़ने पर मदद जल्दी पहुंच सके.
SOS बटन दबाते ही पुलिस को मिलेगा अलर्टऐप में SOS का खास फीचर भी दिया गया है. अगर किसी व्यक्ति को रास्ते में खतरा महसूस होता है या वह किसी परेशानी में फंस जाता है, तो वह SOS बटन को 2 सेकंड तक दबाकर पुलिस को अलर्ट भेज सकता है. इसके साथ उसकी लोकेशन भी पुलिस तक पहुंचेगी. अलर्ट मिलने के बाद पुलिस जरूरत के मुताबिक मौके पर इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन भेज सकेगी. पुलिस का कहना है कि ऐप महिलाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है लेकिन घर लौटते समय अतिरिक्त सुरक्षा चाहने वाला कोई भी व्यक्ति इसका इस्तेमाल कर सकता है.
674 गरबा स्थलों पर तैनात होंगे 2,875 सुरक्षाकर्मीवडोदरा ग्रामीण पुलिस ने गरबा आयोजनों की सुरक्षा के लिए बड़े स्तर पर इंतजाम किए हैं. पुलिस के मुताबिक, जिले में कुल 674 गरबा स्थल चिन्हित किए गए हैं. इनमें 84 बड़े आयोजन और 590 छोटे आयोजन शामिल हैं.
2,875 सुरक्षाकर्मीपुलिसकर्मी, गुजरात रक्षा दल के जवान और होमगार्ड तैनात रहेंगे.
674 गरबा स्थल84 बड़े और 590 छोटे आयोजनों को सुरक्षा योजना में शामिल किया गया है.
महिला सुरक्षा के लिए SHE टीममहिला पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में भीड़ के बीच रहकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगी. बड़े गरबा आयोजनों में पुलिस हेल्पडेस्क भी बनाए जाएंगे. आयोजकों को CCTV कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी घटना की स्थिति में निगरानी और जांच में मदद मिल सके.
पुलिस कंट्रोल रूम में 48 लोगों की टीमवडोदरा ग्रामीण पुलिस के मुताबिक, ऐप को पुलिस के साइबर तकनीकी विशेषज्ञों और अधिकारियों ने मिलकर तैयार किया है. इसके लिए सर्वर और क्लाउड स्टोरेज की व्यवस्था की गई है. पुलिस ऐप में व्हाट्सऐप इंटीग्रेशन पर भी काम कर रही है, जिससे कंट्रोल रूम से मौके पर तैनात पुलिस टीमों तक लोकेशन और जरूरी जानकारी जल्दी पहुंचाई जा सके. पुलिस के नेट्रम कमांड एंड कंट्रोल रूम में 48 लोगों की टीम बनाई गई है. जिले में 112 की इमरजेंसी गाड़ियां भी तैनात रहेंगी. पुलिस के अनुसार, फिलहाल इन वाहनों को किसी कॉल पर मौके तक पहुंचने में औसतन करीब 10 मिनट लगते हैं. SOS अलर्ट मिलने पर वाहन तुरंत भेजने की योजना है. पुलिस ने सुनसान सड़कों और नहरों के आसपास के कुछ संवेदनशील स्थानों की भी पहचान की है. इन जगहों के आसपास रिस्पॉन्स वाहन तैनात करने की योजना है, ताकि जरूरत पड़ने पर मदद जल्दी पहुंच सके.
नवरात्रि में सुरक्षा बढ़ाने पर क्यों दिया जा रहा जोर?वडोदरा में गरबा बड़े पैमाने पर मनाया जाता है और इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं. ऐसे में पुलिस का मानना है कि सुरक्षा सिर्फ आयोजन स्थल तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि लोगों के घर लौटने तक भी जरूरी है. यह पहल 2024 के नवरात्रि सामूहिक दुष्कर्म मामले में पांच लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के कुछ सप्ताह बाद सामने आई है. हालांकि पुलिस के मुताबिक नया ऐप एक पायलट प्रोजेक्ट है, जिसका उद्देश्य तकनीक की मदद से सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना है.
ये भी पढ़ें: Navratri Garba Mysteries: गरबा के बीच में क्यों रखा जाता है दीपक वाला घड़ा, 3 तालियों का त्रिदेव से क्या है संबंध? जानें इसका धार्मिक रहस्य
खबरें पढ़ने का बेहतरीन अनुभव
QR स्कैन करें, डाउनलोड करें ऐप या वेबसाइट पर जारी रखने के लिए यहां क्लिक करें
login



