मिथिला के हर बगीचे में मिलता है दर्दमेदा का पत्ता, पेट दर्द कब्ज गैस का रामबाण घरेलू इलाज, बुजुर्गों का आजमाया नुस्खा

Last Updated:October 30, 2026, 19:52 IST
Ayurvedic Leaf: मिथिलांचल में एक पौधा आमतौर हर बगीचे में होता है, जो बच्चों या बड़ों के पेट दर्द में काम आता है. स्थानीय लोग इसे दर्दमेदा का पत्ता कहते हैं. इसे पानी में नमक के साथ पीने पर दर्द से राहत मिलती है. आयुर्वेद में इसका बड़ा महत्व माना जाता है. अगर आप पेट दर्द की समस्या, पेट में कब्जियत और गैस से परेशान रहते हैं तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है.
आपको घरेलू उपचार यानि कि इस आयुर्वेदिक और औषधीय पत्ते का इस्तेमाल करना है. इसमें खर्च भी नहीं होगा और बीमारी से राहत भी मिलेगी. इसका आपको कोई खास साइड इफेक्ट भी देखने को नहीं मिलेगा.
मधुबनी के लोगों का कहना है कि यह उनके बड़े-बुजुर्गों के समय से तमाम तरह के छोटे-मोटे दर्द में इस्तेमाल होने वाला आजमाया हुआ नुस्खा है. इस पौधे के नाम से ही स्पष्ट है दर्दमेदा का पौधा और उसके पत्तों को अगर आप पीते है तो वैसे भी पेट ठंडा होता है. बताते हैं कि इसके पत्तों को पीने से पेट में ठंडक और राहत मिलती है.
हर छोटी-छोटी समस्याओं के लिए आप अगर अंग्रेजी दवा खाते हैं, तो उससे शरीर पर काफी असर पड़ता है. ऐसे में मधुबनी की एक गृहणी अंजू देवी कहती हैं कि वह अपने बगीचे में या आसपास दर्दमेदा का पत्ता रखती है. उन्होंने बताया कि यह गांव-घर के आसपास और खाली जगह में उग आता है.
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यह पेट से संबंधित कब्जियत या फिर गैस और दर्द से संबंधित चीजों के लिए रामबाण उपाय है. पत्ते को पानी में हाथ से मसलकर झाग बना दें और थोड़ा नमक डालकर उसे दिन में पीना है 2 से 3 बार आपको पेट से संबंधित दर्द से राहत मिलेगी. इसमें ना खर्च है और ज्यादा मेहनत है. यहां पर लोग अपने बच्चों, बड़ों- बुजुर्ग को यह पिलाते हैं.
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि, हेल्थ बेनिफिट की सलाह, हमारे ग्रामीण एक्सपर्ट्स से की गई चर्चा के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, न कि व्यक्तिगत सलाह. हर व्यक्ति की आवश्यकताएं अलग हैं, इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही, कोई चीज उपयोग करें. कृपया ध्यान दें, Local-18 की टीम किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगी.
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October 30, 2026, 19:52 IST



