‘मुस्लिम अलग नहीं, हम सब भारतीय हैं’, RSS के इंद्रेश कुमार बोले- दूसरों की आस्था का भी करें सम्मान

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‘मुस्लिम अलग नहीं, सभी भारतीय हैं’, RSS के इंद्रेश बोले- आस्था का करें सम्मान
Last Updated:October 19, 2026, 20:46 IST
लखनऊ में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की बैठक को संबोधित करते हुए आरएसएस के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने देश में धार्मिक एकता, आपसी भाईचारे और राष्ट्रीय सद्भाव का बड़ा संदेश दिया है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भले ही लोगों की जातियां और धर्म अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन हम सब की पहली और अंतिम पहचान केवल भारतीय होना है. इंद्रेश कुमार ने सभी से अपील की कि वे अपने-अपने धर्म का पूरी निष्ठा से पालन करें, किंतु दूसरों की आस्था और परंपराओं का भी पूरा सम्मान करें.लखनऊ में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के एक दिवसीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरएसएस के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार सभी की आस्था का सम्मान करने की बात कही है. (Image: PTI)
लखनऊ में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) नेता इंद्रेश कुमार ने धार्मिक एकता, आपसी भाईचारे और देश की एकता को लेकर बड़ा संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का मकसद ऐसा भारत बनाना है, जहां दंगे, नशा, प्रदूषण और कट्टरपंथ की कोई जगह न हो. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने धर्म और आस्था का पालन करें, लेकिन दूसरे धर्मों की परंपराओं में दखल न दें. साथ ही, दूसरे के धर्मों और उनकी परंपराओं की आलोचना करने से भी बचना चाहिए. इंद्रेश कुमार ने कहा कि भारत में रहने वाले सभी लोग एक ही देश का हिस्सा हैं. किसी की जाति या धर्म अलग हो सकता है, लेकिन उसकी राष्ट्रीय पहचान भारतीय ही है. उन्होंने जोर देकर कहा कि जब लोग खुद को पहले भारतीय मानकर साथ रहेंगे, तो उन्हें बांटने की कोशिश करने वालों को कामयाबी नहीं मिलेगी.
‘अपने धर्म को मानें, दूसरों की आस्था का भी सम्मान करें’मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की बैठक को संबोधित करते हुए इंद्रेश कुमार ने कहा कि यह मंच मुस्लिम समाज की ओर से, मुस्लिम समाज के लिए चलाया जा रहा एक आंदोलन है. इसका मकसद ऐसा भारत बनाना है, जहां धर्म के आधार पर भेदभाव न हो और समाज को दंगे, नशे, प्रदूषण और कट्टरपंथ से मुक्त कराया जा सके. उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में मंच के सैकड़ों और हजारों कार्यकर्ताओं के लिए एक दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया गया. इस सम्मेलन में कार्यकर्ताओं ने बेहतर उत्तर प्रदेश और बेहतर भारत बनाने में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया. सम्मेलन में लोगों ने यह भी तय किया कि वे अपने धर्म का पालन करेंगे, लेकिन दूसरे धर्मों की पूजा-पद्धति या धार्मिक मान्यताओं में दखल नहीं देंगे. किसी दूसरे धर्म की आलोचना करने के बजाय उसकी आस्था का सम्मान करेंगे.
‘जाति-धर्म अलग हो सकता है, लेकिन हम सब भारतीय हैं’उन्होंने कहा कि लोगों को केवल एक-दूसरे के त्योहार मनाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि दूसरे समुदायों के कार्यक्रमों में भी शामिल होना चाहिए. इससे आपसी भरोसा बढ़ेगा और समाज को बांटने की कोशिशें कमजोर होंगी. इंद्रेश कुमार ने कहा कि मुस्लिम कोई अलग देश या राष्ट्र नहीं हैं, बल्कि सभी भारतीय एक ही देश का हिस्सा हैं. उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति, चाहे उसका धर्म या जाति कुछ भी हो, पहले भी भारतीय था, आज भी भारतीय है और आगे भी भारतीय रहेगा. उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी पहचान को लेकर एक-दूसरे से टकराने के बजाय देश की एकता को मजबूत करना चाहिए. जब समाज के लोग भारतीय होने की साझा पहचान के साथ आगे बढ़ेंगे, तो उन्हें धर्म और जाति के नाम पर बांटना आसान नहीं होगा.
विदेशी फंडिंग से अशांति फैलाने वालों से सतर्क रहने की अपीलअपने संबोधन में इंद्रेश कुमार ने विदेशी फंडिंग के जरिए भारत में अशांति फैलाने की कोशिश करने वालों से भी सतर्क रहने की अपील की है. उन्होंने कहा कि लोगों को ऐसी साजिशों को समझना चाहिए, जिनके जरिए देश में तनाव और अव्यवस्था पैदा करने की कोशिश की जा सकती है. उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए काम करना चाहिए, न कि ऐसा माहौल बनाना चाहिए जिससे समाज में अशांति फैले. उनके मुताबिक, देश की एकता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए लोगों को जागरूक रहना जरूरी है.
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October 19, 2026, 20:43 IST



