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मूर्ति के पैर में गोली, दरवाजे पर छेद; जानिए बीकानेर के अनोखे ‘गोली वाले हनुमान’ मंदिर का दिलचस्प इतिहास

Last Updated:October 25, 2026, 10:58 IST

Goli Wale Hanuman Temple Bikaner: बीकानेर के सरेह नत्थानिया गोचर क्षेत्र में स्थित 400 साल पुराना ‘गोली वाले हनुमान जी’ का मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है. करीब 40-45 साल पहले पास स्थित पुलिस फायरिंग रेंज से आई एक गोली मंदिर के दरवाजे को पार कर मूर्ति के पैर में लग गई थी. आज भी दरवाजे पर गोली का छेद और मूर्ति पर निशान मौजूद हैं. घटना के बाद फायरिंग रेंज को शिफ्ट कर दिया गया था. मान्यता है कि यहां मांगी गई मनोकामनाएं गोली की रफ्तार की तरह बहुत तेजी से पूरी होती हैं.

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बीकानेर: राजस्थान का बीकानेर शहर अपनी समृद्ध संस्कृति, धर्म और आस्था के लिए जाना जाता है. यहां कई प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर स्थित हैं, जिनकी अपनी अलग पहचान और ऐतिहासिक मान्यताएं हैं. इन्हीं में से एक बेहद अनोखा मंदिर है, जिसका नाम सुनकर ही हर कोई हैरान रह जाता है. बीकानेर में स्थित इस मंदिर को ‘गोली वाले हनुमान जी’ का मंदिर कहा जाता है. बीकानेर शहर से लगभग सात किलोमीटर दूर सरेह नत्थानिया गोचर भूमि में स्थित इस मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति के पैर पर गोली लगने के स्पष्ट निशान हैं. इसके अलावा मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर भी गोली से हुआ छेद आज भी मौजूद है, जो श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण और आस्था का केंद्र है.

मंदिर से जुड़े श्री मोहन पुरोहित के अनुसार, यह मंदिर करीब 400 से 500 साल पुराना माना जाता है. मंदिर का नाम ‘गोली वाले हनुमान जी’ पड़ने के पीछे लगभग 40 से 45 साल पुरानी एक खास घटना जुड़ी हुई है. उस समय मंदिर से थोड़ी ही दूरी पर पुलिस की फायरिंग रेंज हुआ करती थी, जहां पुलिसकर्मी रोजाना निशानेबाजी का अभ्यास (टारगेट प्रैक्टिस) करते थे.

अभ्यास के दौरान लगी थी मूर्ति को गोलीस्थानीय मान्यताओं के अनुसार, अभ्यास के दौरान एक पुलिसकर्मी द्वारा चलाई गई गोली सीधे मंदिर की ओर आ गई. यह गोली मंदिर के गर्भगृह के मुख्य दरवाजे को भेदते हुए अंदर स्थापित हनुमान जी की मूर्ति के पैर में जा लगी. इस अचरज भरी घटना के बाद से ही स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं ने इस मंदिर को ‘गोली वाले हनुमान जी’ का नाम दे दिया. आज भी मंदिर के लकड़ी के दरवाजे पर बना वह छेद और मूर्ति के पैर पर मौजूद गोली का निशान भक्तों के लिए कौतूहल और श्रद्धा का विषय बना हुआ है.

सुरक्षा के लिहाज से शिफ्ट की गई फायरिंग रेंजमोहन पुरोहित ने बताया कि इस घटना के तुरंत बाद पुलिस प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए फायरिंग रेंज को मंदिर के पास से हटाकर पीछे की ओर स्थानांतरित कर दिया. ऐसा इसलिए किया गया ताकि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों और आसपास विचरण करने वाली गायों व अन्य मवेशियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

गोली की गति से पूरी होती हैं मनोकामनाएं‘गोली वाले हनुमान जी’ मंदिर में रोजाना सुबह और शाम भक्तों का तांता लगा रहता है. हर दिन करीब 100 से 150 श्रद्धालु हनुमान जी के दर्शन करने पहुंचते हैं. स्थानीय लोगों के बीच यह गहरी आस्था है कि यहां सच्चे दिल से मांगी गई हर मनोकामना बहुत जल्द पूरी होती है. श्रद्धालु इसे गोली की तेज गति से मनोकामना पूरी होने के चमत्कार के रूप में देखते हैं. इसके अलावा, इस ऐतिहासिक स्थान से चार प्राचीन मूर्तियां मिलने की भी चर्चा है, जिन्हें शहर के अलग-अलग प्रमुख स्थानों पर स्थापित किया गया है.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

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Bikaner,Bikaner,Rajasthan

First Published :

October 25, 2026, 10:58 IST

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