रणदीप हुड्डा ने किया टाइगर मैराथन का आगाज, 7 फरवरी को दौड़ेगा अलवर, जानें खासियत

अलवर. राजस्थान में फिटनेस, वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन को एक साथ जोड़ने वाली अलवर टाइगर मैराथन के तीसरे संस्करण का आगाज हो गया है. आगामी 7 फरवरी 2027 को होने वाली इस मैराथन का उद्घोष कार्यक्रम शुक्रवार को अलवर के मूसी महारानी की छतरी परिसर में आयोजित किया गया. केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव और मैराथन के ब्रांड एंबेसडर एवं अभिनेता रणदीप हुड्डा ने संयुक्त रूप से आयोजन का शुभारंभ किया. इस दौरान मैराथन के आधिकारिक शुभंकर ‘सरिस्का वीर’ का लोकार्पण किया गया और आधिकारिक टी-शर्ट का अनावरण भी हुआ. आयोजन का उद्देश्य केवल लोगों को दौड़ के लिए प्रेरित करना नहीं, बल्कि बाघ संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता, स्वस्थ जीवनशैली और अलवर के पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना भी है.
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव ने कहा कि अलवर टाइगर मैराथन खेल आयोजन से कहीं बढ़कर एक विचार है. इसके जरिए फिटनेस को जन आंदोलन बनाने के साथ बाघों और वनों के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिट इंडिया मूवमेंट को आगे बढ़ाने का माध्यम बनेगा. इससे स्वस्थ नागरिक, सुरक्षित प्रकृति और सशक्त समाज का संदेश भी आमजन तक पहुंचेगा.
‘सरिस्का वीर’ देगा बाघ और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
मैराथन के तीसरे संस्करण का आधिकारिक शुभंकर ‘सरिस्का वीर’ लॉन्च किया गया. इसके माध्यम से लोगों को सरिस्का टाइगर रिजर्व, बाघों और वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा. कार्यक्रम में शुभंकर ने केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव और अभिनेता रणदीप हुड्डा को मैराथन की आधिकारिक टी-शर्ट भेंट की. इसके बाद दोनों अतिथियों ने संयुक्त रूप से टी-शर्ट का अनावरण किया. भूपेन्द्र यादव ने सरिस्का टाइगर रिजर्व के ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र केवल वन्यजीवों की धरोहर नहीं, बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है. उन्होंने सरिस्का में देश के पहले टाइगर रिलोकेशन का भी जिक्र किया.
रणदीप हुड्डा बोले- अलवर की पहचान दुनिया तक पहुंचेगी
मैराथन के ब्रांड एंबेसडर रणदीप हुड्डा ने कहा कि अलवर टाइगर मैराथन महज एक दौड़ नहीं, बल्कि एक विचार है. इससे अलवर की संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत, प्राकृतिक सुंदरता, खान-पान, वेशभूषा और स्थानीय बोली को देश-दुनिया में पहचान मिलेगी. उन्होंने केंद्रीय मंत्री का आभार जताते हुए आमजन से 7 फरवरी को होने वाले आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की.
पिछली बार 20 हजार पहुंचे थे प्रतिभागी, इस बार शहर के भीतर होगा रूट
मैराथन संयोजक अरुण जैन ने बताया कि पिछले दो संस्करणों में इस आयोजन को शानदार प्रतिक्रिया मिली है. पहले संस्करण में 7 हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया था, जबकि दूसरे संस्करण में प्रतिभागियों की संख्या करीब 20 हजार तक पहुंच गई. तीसरे संस्करण में इससे भी अधिक लोगों को जोड़ने का लक्ष्य है. इस बार मैराथन का रूट अलवर शहर के भीतर प्रस्तावित किया गया है, ताकि शहरवासी भी सीधे आयोजन का हिस्सा बन सकें. प्रतिभागियों के लिए चार श्रेणियां निर्धारित की गई है. इनमें 21 किलोमीटर हाफ मैराथन, 10 किलोमीटर रन, 5 किलोमीटर शक्ति रन और 2 किलोमीटर पैरा रन शामिल हैं. मैराथन के लिए पंजीकरण पोर्टल 18 अक्टूबर को शुरू किया जा चुका है. स्कूल-कॉलेज, सेना, पुलिस, वन विभाग, खेल संगठनों, रनिंग ग्रुप और व्यापारिक संस्थाओं को भी आयोजन से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं.
पर्यटन विभाग और वी-शक्ति ट्रस्ट के बीच हुआ एमओयू
कार्यक्रम में राजस्थान पर्यटन विभाग और वी-शक्ति ट्रस्ट के बीच अलवर टाइगर मैराथन के आयोजन को लेकर एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए. पर्यटन विभाग की ओर से अतिरिक्त निदेशक राजेश शर्मा और वी-शक्ति ट्रस्ट की ओर से प्रज्ञा यादव ने समझौते पर हस्ताक्षर किए. इस दौरान मुंबई हमले के दौरान अदम्य साहस दिखाने वाले अलवर निवासी कमांडो सुनील जोधा और अजमेर की अल्ट्रा रनर सुफिया सोफी को शॉल ओढ़ाकर एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में महापौर सुमनलता अग्रवाल, रामगढ़ विधायक सुखवंत सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी, युवा और आमजन मौजूद रहे.



