‘राजपाल ने दूसरों को खाना खिलाया, वो बेईमान नहीं हो सकते’, चेक बाउंस केस में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलते ही भावुक हुए अभिनेता के बड़े भाई

Last Updated:October 07, 2026, 22:03 IST
चेक बाउंस मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद हास्य अभिनेता राजपाल यादव के परिवार ने न्याय व्यवस्था पर भरोसा जताया है. उनके भाई श्रीपाल यादव का कहना है कि यह 5 करोड़ रुपये उधार का नहीं, बल्कि फिल्म में निवेश का मामला था. फिल्म रुकने से आर्थिक नुकसान हुआ. परिवार का दावा है कि अब सच सामने आएगा.
Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: करोड़ों रुपये के बहुचर्चित चेक बाउंस मामले में सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत के बाद बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव के परिवार ने भारतीय न्याय व्यवस्था पर गहरा भरोसा जताया है. वर्षों से चल रहे कानूनी विवाद और एकतरफा आरोपों के बीच पहली बार अदालत द्वारा अपना पक्ष सुने जाने पर परिवार में इंसाफ की मजबूत उम्मीद जगी है. लोकल 18 से खास बातचीत में अभिनेता के बड़े भाई श्रीपाल यादव ने 5 करोड़ रुपये के कर्ज के दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि यह कोई निजी उधार नहीं, बल्कि फिल्म निर्माण में किया गया निवेश था, जिसे सुनियोजित रुकावटों के चलते विवादों में घसीट दिया गया.
एकतरफा बातें हुईं खत्म, अब मिलेगा न्यायअदालत की सुनवाई के बाद राजपाल यादव के बड़े भाई श्रीपाल यादव ने लोकल 18 से बातचीत की. उन्होंने कहा कि आज पहली बार ऐसा लग रहा है कि माननीय न्यायालय पर पूरा भरोसा है. इतने लंबे समय से केवल एकतरफा बातें ही सामने आ रही थीं. परिवार का पक्ष किसी ने ठीक से सुना ही नहीं था. जज साहब ने जो राशि कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करने का आदेश दिया था, उसका एक बड़ा हिस्सा जमा कर दिया गया है. बाकी बची हुई राशि भी बहुत जल्द जमा कर दी जाएगी. अब अदालत में पूरी बात ध्यान से सुनी जाएगी और हमें उचित न्याय मिलने का पूरा भरोसा है.
उधार नहीं, फिल्म में निवेश था: श्रीपालमामले की हकीकत बताते हुए उन्होंने कहा कि पांच करोड़ रुपये उधार लेने का झूठा आरोप लगाया जा रहा था. सच्चाई यह थी कि यह पैसा फिल्म बनाने में किया गया एक इन्वेस्टमेंट था. जब फिल्म बन कर तैयार हुई तो उस पर स्टे लगा दिया गया और प्रेस कॉन्फ्रेंस करके रुकावटें डाली गईं. जब फिल्म रिलीज ही नहीं होने दी गई तो उससे कमाई कैसे होती और पैसा वापस कैसे आता? पहले पैसा उनका बनता था फिर हमारा, लेकिन काम में बाधाएं पहुंचाकर फिल्म को रोक दिया गया, जिससे सारा आर्थिक संकट खड़ा हुआ.
कानूनी विवाद से करियर और मानसिक स्थिति पर पड़ा बुरा असरराजपाल के भाई ने कहा कि कानूनी अड़चनों और रोज-रोज के विवादों के कारण अभिनेता राजपाल यादव को मानसिक और पेशेवर तौर पर काफी प्रताड़ना झेलनी पड़ी. लगातार कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने और जेल जाने के खतरे के साए में जीने के कारण उनका करियर प्रभावित हुआ. उनके कई ब्रांड्स, फिल्में और बड़े इवेंट्स हाथ से निकल गए. जब किसी कलाकार पर ऐसे अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हों तो कोई भी उन पर पैसा लगाने से डरता है. इतने सालों तक इस तनाव को झेलने के बाद अब जाकर उन्हें अदालत से राहत और न्याय की नई उम्मीद मिली है.
अपने ही लोगों की साजिश से दुखी हुए राजपालबड़े भाई ने बताया कि कोर्ट की सुनवाई के बाद जब राजपाल यादव से बात हुई तो वे काफी आश्वस्त नजर आए. उन्होंने अपने परिवार को दिलासा दिया कि अब हमारी सुनवाई शुरू हो चुकी है. अब सच सबके सामने आएगा और झूठे आरोपों की पोल खुल जाएगी. उन्होंने शाहजहांपुर का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है, लेकिन दुख की बात यह है कि उनके अपने ही शहर के कुछ लोगों ने उनके खिलाफ यह साजिश रची. जिस इंसान ने अपने क्षेत्र का मान बढ़ाया, उसी के साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जो बेहद निराशाजनक और समझ से बाहर है.
आरोपों पर भाई का भावुक बयानराजपाल यादव के स्वभाव और बेईमानी के आरोपों पर बात करते हुए उनके भाई काफी भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि राजपाल अपनी थाली का खाना भी दूसरों को खिलाने वाले इंसान हैं. उन्होंने अनगिनत लोगों की मदद की है, कई घर बनवाए हैं और सामाजिक कार्य किए हैं. ऐसा दरियादिल इंसान कभी बेईमान नहीं हो सकता. हम पर जो देनदारी बताई जा रही है, वह वास्तव में बनती ही नहीं थी. सही सबूत और पक्ष न रखे जाने के कारण यह मामला इतना लंबा खिंच गया, लेकिन अब सच सामने आकर रहेगा.
Location :
Shahjahanpur,Uttar Pradesh
First Published :
October 07, 2026, 21:58 IST



