राजस्थान के 16 जिलों में जिला परिषद और पंसस पद के लिए वोटिंग शुरू, यहां देखें पल-पल का अपडेट

Rajasthan Panchayat Chunav Voting Live: राजस्थान में पंचायत चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. प्रदेश में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए पहले चरण का मतदान आज 22 अक्टूबर को शुरू हो गया है. पहले चरण में 16 जिलों में मतदान कराया जाएगा. इसके लिए चुनाव आयोग और जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं. मतदान दलों को ईवीएम और चुनाव सामग्री देकर निर्धारित मतदान केंद्रों तक पहले ही पहुंचा दिया गया था. वहीं 24 अक्टूर को इन 16 जिलों में पंच और सरपंचकी वोटिंग होगी. भाजपा और कांग्रेस की नजर ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने पर है.
जयपुर जिले में पहले चरण के तहत 8 पंचायत समितियों और जिला परिषद के 22 वार्डों में मतदान होगा. इन पंचायत समितियों के 146 वार्डों के लिए 797 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. यहां कुल 7,43,640 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक ने भवानी निकेतन फार्मेसी कॉलेज परिसर में मतदान दलों की रवानगी से पहले व्यवस्थाओं का जायजा लिया. जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक ईवीएम के जरिए होगा.
राजसमंद में पंचायत चुनाव के लिए 5 पंचायत समितियों में 421 बूथ बनाए
राजसमंद जिले में पंचायतीराज चुनाव 2026 के पहले चरण के तहत आज मतदान होगा. जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए जिले की 5 पंचायत समितियों की 133 ग्राम पंचायतों में कुल 421 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं. इनमें खमनोर, देलवाड़ा, आमेट, चारभुजा और कुंभलगढ़ पंचायत समितियां शामिल हैं.
पंचायत समिति वार मतदान केंद्रों की बात करें तो खमनोर में 30 ग्राम पंचायतों के लिए 108 बूथ बनाए गए हैं. देलवाड़ा में 21 पंचायतों के लिए 63, आमेट में 31 पंचायतों के लिए 108, चारभुजा में 25 पंचायतों के लिए 73 और कुंभलगढ़ में 26 ग्राम पंचायतों के लिए 69 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं. प्रशासन ने मतदान को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए तैयारियां की हैं.
राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव 2026 के पहले चरण के तहत मतदान शुरू हो गया है
डूंगरपुर में पंचायतीराज चुनाव के लिए मतदान शुरू, 596 बूथों पर वोट डाल रहे मतदाता
डूंगरपुर जिले में पंचायतीराज चुनाव 2026 के पहले चरण के तहत मतदान शुरू हो गया है. जिले के 596 मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं. मतदान शुरू होने से पहले बूथों पर मॉक पोल कराया गया, जिसमें राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और उम्मीदवारों के एजेंट भी मौजूद रहे. इस चुनाव में जिला परिषद सदस्य की 20 सीटों पर 65 उम्मीदवार और पंचायत समिति सदस्य की 119 सीटों पर 404 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद होगी. जिले के कुल 5 लाख 21 हजार 601 मतदाता अपने वोट से उम्मीदवारों का भविष्य तय करेंगे. मतदान को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. प्रशासन की टीमें मतदान प्रक्रिया पर नजर रख रही हैं.
पाली में पंचायतीराज चुनाव के पहले चरण का मतदान शुरू, 5.87 लाख मतदाता करेंगे वोट
पाली जिले में पंचायतीराज चुनाव 2026 के पहले चरण के तहत जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए मतदान शुरू हो गया है. जिले की पांच पंचायत समितियों में वोटिंग कराई जा रही है. इनमें मारवाड़ जंक्शन, सुमेरपुर, रानी, सोजत और बगड़ी शामिल हैं. पहले चरण में पंचायत समिति के 93 वार्डों और जिला परिषद सदस्य के 18 पदों के लिए मतदान हो रहा है. इस दौरान करीब 5.87 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर उम्मीदवारों की किस्मत तय करेंगे. चुनाव से पहले मारवाड़ जंक्शन और बगड़ी में भाजपा के दो सदस्य निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं. वहीं, मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला निर्वाचन विभाग ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. प्रशासन की टीमें मतदान प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं.
25 अक्टूबर तक चलेगी चुनाव प्रक्रिया
पंचायत चुनाव के तहत सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए 24 अक्टूबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक बैलेट पेपर से मतदान कराया जाएगा. इसके बाद 25 अक्टूबर को उपसरपंच का चुनाव होगा. जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के सभी चरणों की मतगणना 20 नवंबर को सुबह 8 बजे से शुरू होगी. जयपुर में मतगणना भवानी निकेतन फार्मेसी कॉलेज परिसर में कराई जाएगी.
बीजेपी-कांग्रेस की प्रतिष्ठा दांव पर
पंचायत चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में अपना जनाधार साबित करने की चुनौती है. जिला परिषद और पंचायत समिति की सीटों पर मिलने वाला समर्थन स्थानीय सियासी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है. वहीं, प्रशासन के सामने शांतिपूर्ण और व्यवस्थित मतदान कराने की जिम्मेदारी है. अब सबकी नजर पहले चरण की वोटिंग और मतदाताओं के फैसले पर टिकी है.



