राजस्थान बनेगा सौर ऊर्जा का पावर हब, 19 परियोजनाओं पर 98 हजार करोड़ किए जा रहे खर्च

Last Updated:November 05, 2026, 06:06 IST
Rajasthan Electricity Infrastructure: राजस्थान में विद्युत इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 98,759 करोड़ रुपए की लागत से 19 प्रमुख परियोजनाओं पर काम चल रहा है. विद्युत प्रसारण और वितरण क्षेत्र की इन योजनाओं में बाड़मेर कॉम्प्लेक्स का 6 गीगावाट क्षमता वाला सोलर प्रोजेक्ट और फतेहगढ़-द्वितीय ट्रांसमिशन सिस्टम शामिल हैं. राजस्थान रिन्यूएबल एनर्जी जोन के चौथे चरण के तहत विकसित होने वाली परियोजनाओं से सौर ऊर्जा उत्पादन को बड़े स्तर पर विस्तार देने की तैयारी है. इसके साथ ही बिजली को सोलर प्लांट से ग्रिड और उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए ट्रांसमिशन नेटवर्क भी मजबूत किया जा रहा है. इन परियोजनाओं से राजस्थान की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ने और भविष्य में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को अधिक सक्षम बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है.राजस्थान में विद्युत इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 98,759 करोड़ रुपए की लागत से 19 प्रमुख परियोजनाओं पर काम चल रहा है
जयपुर. राजस्थान में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को नई रफ्तार देने के लिए ऊर्जा, रेलवे, सड़क परिवहन और औद्योगिक गलियारों से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है. राज्य में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ बिजली उत्पादन, प्रसारण और वितरण व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है. इसी कड़ी में विद्युत प्रसारण और वितरण क्षेत्र की 19 प्रमुख परियोजनाओं पर 98 हजार 759 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं. इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रदेश में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के साथ नवीकरणीय ऊर्जा के उत्पादन और उसकी निर्बाध आपूर्ति के लिए मजबूत नेटवर्क तैयार करना है.
इन परियोजनाओं में राजस्थान रिन्यूएबल एनर्जी जोन (REZ) फेज-चतुर्थ के तहत बाड़मेर कॉम्प्लेक्स में 6 गीगावाट क्षमता का सोलर प्रोजेक्ट और फतेहगढ़-द्वितीय ट्रांसमिशन सिस्टम जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं. इन परियोजनाओं के पूरा होने से राजस्थान की सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता को विस्तार मिलने के साथ बिजली को उत्पादन केंद्रों से उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की व्यवस्था भी मजबूत होगी. खास बात यह है कि राजस्थान में बड़े स्तर पर सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विकास के लिए प्रसारण नेटवर्क का विस्तार जरूरी है. ऐसे में ट्रांसमिशन सिस्टम से जुड़ी ये परियोजनाएं प्रदेश के ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है.
बाड़मेर में 6 गीगावाट का सोलर प्रोजेक्ट किए जा रहे विकसित
राजस्थान में सौर ऊर्जा की अपार संभावनाओं को देखते हुए पश्चिमी राजस्थान के जिलों में बड़े सोलर प्रोजेक्ट विकसित किए जा रहे हैं. बाड़मेर कॉम्प्लेक्स का 6 गीगावाट क्षमता वाला सोलर प्रोजेक्ट इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. राजस्थान रिन्यूएबल एनर्जी जोन के चौथे चरण के तहत विकसित होने वाली इस परियोजना से बड़े पैमाने पर स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य है. बाड़मेर और आसपास के क्षेत्रों में सौर ऊर्जा उत्पादन की संभावनाएं काफी अधिक हैं. यहां बड़े भूभाग और अनुकूल धूप की उपलब्धता सोलर परियोजनाओं के विकास के लिए महत्वपूर्ण आधार प्रदान करती है. हालांकि, इतनी बड़ी क्षमता से बिजली उत्पादन के लिए मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क भी जरूरी है. इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए फतेहगढ़-द्वितीय ट्रांसमिशन सिस्टम जैसी परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है.
ट्रांसमिशन नेटवर्क मजबूत होने से बिजली आपूर्ति को मिलेगी मजबूती
सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार के साथ बिजली को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने की चुनौती भी बढ़ती है. इसके लिए हाई वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइन, ग्रिड सबस्टेशन और अन्य तकनीकी सुविधाओं का विकास जरूरी है. विद्युत प्रसारण और वितरण क्षेत्र की 19 परियोजनाओं पर हो रहा 98,759 करोड़ रुपए का निवेश इसी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में अहम है. इन परियोजनाओं से प्रदेश के ऊर्जा नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने, नवीकरणीय ऊर्जा को ग्रिड से जोड़ने और बिजली आपूर्ति व्यवस्था को अधिक सक्षम बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है. इससे औद्योगिक इकाइयों, शहरी क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों की बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए भी बेहतर आधार तैयार हो सकता है.
About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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Jaipur,Rajasthan
First Published :
November 05, 2026, 06:06 IST



