राजस्थान में डेंगू का डंक: 11 हजार 725 पॉजिटिव केस आ चुके हैं सामने, जयपुर में मिले सर्वाधिक केस
हाइलाइट्स
मौसमी बीमारियों में मलेरिया के 1480 और चिकनगुनिया के 175 केस रिपोर्ट हुए
इस बार राजधानी जयपुर में डेंगू के रोगियों का आंकड़ा चार हजार के पार पहुंचा
जयपुर. राजस्थान में मौसमी बीमारियों (Seasonal Diseases) के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है. इस साल मलेरिया और चिकनगुनिया की तुलना में डेंगू (Dangue) के सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं. सबसे ज्यादा 4 हजार से अधिक केस राजधानी जयपुर (Jaipur) में और सबसे कम केस बांसवाड़ा (Banswara) में रिपोर्ट किए गए हैं. मानसून के प्रदेश से विदा हुए करीब एक माह हो चुका है. नवंबर भी लगभग बीतने को है. बावजूद इसके प्रदेश में मौसमी बीमारियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं.
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार इस साल अब तक डेंगू के 11 हजार 725 पॉजिटिव केस आ चुके हैं. पिछले एक सप्ताह के दौरान ही प्रदेश में एक हजार एक सौ से अधिक मामले रिपोर्ट किए जा चुके हैं. हालांकि अच्छी बात यह है कि प्रदेश में डेंगू की तुलना में मलेरिया और चिकनगुनिया इस बार कंट्रोल में हैं. स्वास्थ्य विभाग की टीमें डेंगू पर नियंत्रण के लिए प्रदेशभर में बड़े स्तर पर काम कर रही हैं.
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कंट्रोल में हैं मलेरिया और चिकनगुनिया
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में बात करें तो प्रदेश में इस साल मलेरिया के एक हजार 480 और चिकनगुनिया के केवल 175 केस आए हैं. लेकिन डेंगू के मामले इन दोनों की तुलना में कई गुना ज्यादा हैं. हालांकि पिछले साल की तुलना में इस साल डेंगू के कम केस रिपोर्ट हुए हैं. पिछले साल डेंगू के प्रदेश में 15 हजार पॉजिटिव केस सामने आए थे.
राजधानी जयपुर में सबसे ज्यादा डेंगू के केस
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार इस साल डेंगू के सबसे ज्यादा केस राजधानी जयपुर में रिपोर्ट किए गए हैं. राजधानी जयपुर में 4 हजार 67 डेंगू पॉजिटिव मरीज रिपोर्ट हुए हैं. इसके अलावा बाड़मेर में 888, बीकानेर में 668, धौलपुर में 505, दौसा में 617, श्रीगंगानगर में 505, अलवर में 427, उदयपुर में 440, टोंक में 304, सीकर में 174, कोटा में 251, करौली में 365, झुंझुनूं में 452 केस आए हैं. डेंगू के सबसे कम मामले बांसवाड़ा में 11 केस रिपोर्ट किए गए हैं.
डेंगू की जांच के लिए कौन सा टेस्ट
डेंगू की जांच के लिए एंटीजन के अलावा एलाइजा टेस्ट पर भरोसा किया जाता है. इसमें भी दो तरह के टेस्ट होते हैं पहला आईजीएम और दूसरा आईजीजी. आईजीएम टेस्ट डेंगू के लक्षण आने से 3-5 दिन के अंदर-अंदर कराना जरूरी है. वहीं, दूसरा टेस्ट आईजीजी भी 5 से 10 दिन के अंदर कराना अनिवार्य है. डेंगू से बचाव के लिए घर के आसपास पानी जमा न होने दें. बच्चों को ऐसे कपड़े पहनाएं, जिससे उनके हाथ-पांव पूरी तरह से ढके रहें. मच्छर भगाने वाली दवाइयों का प्रयोग करें.
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Tags: Dengue alert, Dengue death, Health Department, Jaipur news, Rajasthan news in hindi
FIRST PUBLISHED : November 27, 2022, 16:03 IST