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राजस्थान में मानसून विदाई से पहले बदला मौसम, 7 संभागों में बारिश के आसार, जानें अपने जिले का हाल

जयपुर. राजस्थान में मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है. मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, 18 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है. पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, कोटा, उदयपुर, जयपुर और अजमेर संभागों में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. वहीं, पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर संभागों में भी कहीं-कहीं वर्षा होने का अनुमान है.

हालांकि, आईएमडी ने 18 सितंबर के लिए प्रदेश के किसी भी जिले में विशेष चेतावनी जारी नहीं की है. सभी 41 जिलों को ग्रीन श्रेणी यानी नो वार्निंग में रखा गया है. इस बीच, मानसून की विदाई की प्रक्रिया भी शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं. विभाग के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में 19 सितंबर के आसपास बारिश की गतिविधियों में कमी आने और मानसून विदाई के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है.

राजस्थान में 18 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में मौसम सक्रिय रह सकता है

7 संभागों में बारिश की संभावना

आईएमडी के दैनिक पूर्वानुमान के अनुसार, 18 सितंबर को पूर्वी राजस्थान के पांच संभागों में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है. इनमें जयपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर और भरतपुर संभाग शामिल हैं. इन क्षेत्रों में स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण बादल छाने, मेघगर्जन और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर संभागों में भी कुछ स्थानों पर वर्षा का अनुमान है. हालांकि, पूरे संभाग में एक साथ बारिश होने की संभावना नहीं है.

30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है हवाएं

18-19 सितंबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों में मेघगर्जन के साथ बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं. जिला स्तर के पूर्वानुमान में पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना जताई गई है. इनमें अजमेर, अलवर, बारां, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूम्बर, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरोही, टोंक और उदयपुर शामिल हैं.

पश्चिमी राजस्थान में 19 सितंबर से कम होगी बारिश

पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में 19 सितंबर के आसपास बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है. आईएमडी  के अनुसार, इसी दौरान मानसून की विदाई के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं. हालांकि, 18 सितंबर को बीकानेर और जोधपुर संभागों के कुछ स्थानों पर बारिश का दौर बना रह सकता है. बालोतरा, बाड़मेर, डीडवाना-कुचामन, जालौर, जोधपुर, नागौर, पाली और फलौदी में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है. वहीं, बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़, जैसलमेर और श्रीगंगानगर के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है.

जयपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर और भरतपुर संभागों के कुछ इलाकों में बारिश की संभावना है.

20 सितंबर तक बारिश, 21 से मौसम शुष्क

आईएमडी के अनुसार, 20 सितंबर को दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां दर्ज हो सकती हैं. इसके बाद 21 सितंबर से प्रदेश के अधिकांश भागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है. पश्चिमी राजस्थान से मानसून की विदाई का दौर 19 सितंबर के आसपास शुरू होने के संकेत हैं. हालांकि, मानसून की वापसी की आधिकारिक स्थिति मौसम विभाग के आगामी अपडेट पर निर्भर करेगी. पिछले 24 घंटे में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. सबसे अधिक बारिश करौली के सुरौठ में 40.0 मिलीमीटर दर्ज हुई. वहीं, प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान पिलानी में 40.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.

18 और 19 सितंबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं.

19 सितंबर से बारिश की गतिविधियों में आएगी कमी

• राजस्थान में 18 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में मौसम सक्रिय रह सकता है. जयपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर और भरतपुर संभागों के कुछ इलाकों में बारिश की संभावना है.

• आईएमडी के अनुसार, बीकानेर और जोधपुर संभागों में भी 18 सितंबर को कहीं-कहीं बारिश हो सकती है. हालांकि, पूरे संभाग में एक साथ बारिश होने का अनुमान नहीं है.

• 18 सितंबर को राजस्थान के सभी 41 जिलों को ग्रीन श्रेणी यानी नो वार्निंग में रखा गया है. किसी भी जिले के लिए विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है.

• जिला स्तर के पूर्वानुमान में कई जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना जताई गई है.

• पिछले 24 घंटे में करौली जिले के सुरौठ में सर्वाधिक 40.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. वहीं, प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान पिलानी में 40.2 डिग्री सेल्सियस रहा.

• आईएमडी के अनुसार, 18 और 19 सितंबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं.

20 सितंबर को दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां दर्ज हो सकती हैं.

• पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में 19 सितंबर के आसपास बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है. इसी दौरान मानसून की विदाई के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं.

• 20 सितंबर को दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां दर्ज हो सकती हैं. इसके बाद मौसम में बदलाव की संभावना है.

• 21 सितंबर से राजस्थान के अधिकांश भागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है. मानसून की विदाई का दौर पश्चिमी राजस्थान से शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं.

• आईएमडी ने किसानों को खुले आसमान में रखी खरीफ फसलों, अनाज और कृषि मंडियों में रखी जिंसों को बारिश से बचाने के उचित प्रबंध करने की सलाह दी है.

किसानों के लिए आईएमडी की सलाह

आईएमडी ने किसानों को पककर तैयार और खुले आसमान में रखी खरीफ फसलों को बारिश से बचाने के उचित उपाय करने की सलाह दी है. कृषि एवं अनाज मंडियों में खुले में रखे अनाज और जिंसों को भीगने से बचाने के लिए जरूरी प्रबंध करने को कहा गया है. इसके अलावा, फसलों में कीटनाशक और अन्य रसायनों का छिड़काव आगामी दिनों में बारिश की संभावना को ध्यान में रखकर करने की सलाह दी गई है. वहीं बारिश के दौरान निचले इलाकों और अंडरपास में जलभराव हो सकता है. इससे सड़क यातायात आंशिक रूप से प्रभावित होने की आशंका है. विभाग ने जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और पानी में बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखने की अपील की है.

आईएमडी ने किसानों को खुले आसमान में रखी खरीफ फसलों को बारिश से बचाने के उचित प्रबंध करने की सलाह दी है.

18 सितंबर को राजस्थान के किन संभागों में बारिश की संभावना है?

आईएमडी के अनुसार, 18 सितंबर को पूर्वी राजस्थान के जयपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर और भरतपुर संभागों में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर संभागों में भी कहीं-कहीं वर्षा होने की संभावना है. इन क्षेत्रों में स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण बादल छाने, मेघगर्जन और हल्की से मध्यम बारिश का दौर देखने को मिल सकता है.

क्या 18 सितंबर को राजस्थान के किसी जिले में मौसम अलर्ट जारी किया गया है?

नहीं. आईएमडी ने 18 सितंबर के लिए राजस्थान के किसी भी जिले में विशेष चेतावनी जारी नहीं की है. प्रदेश के सभी 41 जिलों को ग्रीन श्रेणी यानी नो वार्निंग में रखा गया है. इसका अर्थ है कि कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना होने के बावजूद जिलेवार पूर्वानुमान में किसी विशेष गंभीर मौसम स्थिति की चेतावनी नहीं दी गई है.

राजस्थान में मानसून की विदाई कब से शुरू हो सकती है?

आईएमडी के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में 19 सितंबर के आसपास बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है. इसी दौरान मानसून की विदाई के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं. 20 सितंबर को पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश संभव है. 21 सितंबर से प्रदेश के अधिकांश भागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है.

18 सितंबर को राजस्थान में सबसे अधिक बारिश और तापमान कहां दर्ज हुआ?

आईएमडी के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में राजस्थान में सर्वाधिक बारिश करौली जिले के सुरौठ में दर्ज की गई. यहां 40.0 मिलीमीटर बारिश हुई. वहीं, प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान पिलानी में रिकॉर्ड किया गया, जहां पारा 40.2 डिग्री सेल्सियस रहा. इन आंकड़ों से पता चलता है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का असर अलग-अलग रहा.

बारिश के दौरान किसानों और आम लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

आईएमडी ने किसानों को पककर तैयार और खुले आसमान में रखी खरीफ फसलों को बारिश से बचाने के उचित उपाय करने की सलाह दी है. मंडियों में रखे अनाज और जिंसों को भी सुरक्षित रखना चाहिए. आम लोगों को निचले इलाकों और अंडरपास में जलभराव के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए. बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें और जलभराव वाले रास्तों को अनदेखा न करें.

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