राजस्थान से क्यों हटाए गए बीजेपी प्रभारी राधामोहनदास अग्रवाल, क्या बयानबाजी रहा कारण?

Last Updated:September 24, 2026, 16:53 IST
Rajasthan BJP Politics : बीजेपी ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए राजस्थान का प्रभारी बदल दिया है. अब राजस्थान की जिम्मेदारी राधामोहनदास अग्रवाल से लेकर हरियाणा के कद्दावर नेता संजय भाटिया को दे दी गई है. राधामोहनदास अग्रवाल राजस्थान के करीब सवा दो साल प्रभारी रहे. माना जा रहा है कि उनका राजस्थान संगठन से सही ढंग से सामजंस्य नहीं बैठ पा रहा था. वहीं उनकी बयानबाजी से भी पार्टी खुश नहीं थी. इसलिए राजस्थान का प्रभार उनसे लेकर संजय भाटिया को दिया गया है. राधामोहनदास अग्रवाल अपने बयानों को लेकर खासा चर्चा में रह चुके हैं.
जयपुर. बीजेपी संगठन में हुए फेरबदल में राजस्थान प्रभारी बदल दिया गया है. बीजेपी ने राजस्थान के प्रभारी राधा मोहनदास अग्रवाल की जगह अब हरियाणा के कद्दावर नेता संजय भाटिया को सूबे का प्रभारी बनाया है. आरएसएस कैडर के नेता संजय भाटिया हरियाणा बीजेपी यूनिट में महामंत्री जैसे अहम पद पर रह चुके हैं. राजस्थान के पिछले तीन बीजेपी प्रभारियों में से अग्रवाल का कार्यकाल सबसे कम रहा है. वे करीब 26 महीने राजस्थान के प्रभारी रहे. जबकि उनसे पहले अरुण सिंह साढ़े तीन साल से ज्यादा 44 महीने राजस्थान के प्रभारी रहे. उनसे से पहले अविनाश राय खन्ना पांच साल से ज्यादा समय तक राजस्थान बीजेपी के प्रभारी रहे. खन्ना करीब 64 महीने सूबे के प्रभारी रहे. लेकिन अग्रवाल की 26 माह में ही राजस्थान से विदाई के कई कारण गिनाए जा रहे हैं.
राजस्थान की राजनीति के जानकार बताते हैं कि इसका सबसे बड़ा कारण राधामोहनदास अग्रवाल में राजस्थान बीजेपी यूनिट से कोर्डिनेशन का अभाव रहा. वे राजस्थान के नेताओं से पूरी तरह से तालमेल नहीं बिठा पाए थे. इससे राजस्थान के कई नेताओं में नाराजगी थी. इसके चलते पार्टी नहीं चाहती थी कि बात और आगे बढ़े. वहीं गाहे बगाहे उनकी ओर से की जाने वाली बयानबाजी भी पार्टी के गले नहीं उतर रही थी. इससे पार्टी में कई बार असहजता की स्थिति हो गई थी. इन दो बड़े कारणों के अलावा राधामोहनदास का खुद का लगाव यूपी से अधिक रहा. यूपी में चुनाव के चलते राधामोहनदास वहीं पर सक्रिय होना चाहते थे. यूपी में बढ़ती व्यस्तता भी एक बड़ी वजह रही है.
राठौड़ पर की गई टिप्पणी भारी पड़ गई थीराधामोहनदास अग्रवाल के राजस्थान में आते ही शुरुआत में सूबे के दिग्गज नेता राजेन्द्र राठौड़ को लेकर की गई टिप्पणी भारी पड़ गई थी. बवाल मचने पर बाद में उनको सफाई भी देनी पड़ी थी. यह किस्सा अगस्त 2024 का है. उस समय बीजेपी की सदस्यता अभियान कार्यशाला के दौरान राजेंद्र राठौड़ फोन पर बात करने के लिए कुछ देर कार्यशाला से बाहर आए तो राधामोहनदास उन पर भड़क गए. उन्होंने मंच से ही राठौड़ पर वार करते हुए कहा कि वो पार्टी से बड़े नहीं हैं. अग्रवाल बोले मेरी सभी पर नजर है चाहे बैठक में आए उन पर या फिर जो नहीं आए पर भी.
अग्रवाल की भाषा से राठौड़ समर्थक भड़क गए थेराधामोहनदास ने बैठक में मंच से कहा कि ये राठौड़ की अनुशासनहीनता है. उन्होंने बैठक में अनुपस्थिति पर भी नाराजगी जाहिर की. अग्रवाल ने जिस तरह की भाषा में राठौड़ को लेकर बात कही उससे राठौड़ समर्थक भड़क गए. राजस्थान में जगह जगह राधामोहनदास के पुतले फूंके गए और विरोध प्रदर्शन हुआ. हालात देखकर राजेंद्र राठौड़ ने आगे आकर विरोध प्रदर्शन को गलत बताते हुए कहा वो पार्टी के अनुशासित कार्यकर्ता हैं. उसके बाद राधामहनदास को भी बैकफुट पर आकर सफाई देनी पड़ी थी.
पायलट पर टिप्पणी से मच गया था सियासी बवाल
दूसरा मामला राधामोहनदास की ओर से कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट पर की गई टिप्पणी से जुड़ा है. टोंक में आयोजित एक कार्यक्रम में राधामोहनदास ने कहा कि सचिन पायलट न तो टोंक के और न ही राजस्थान के मूल निवासी हैं. उन्होंने यह भी सवाल उठाया था कि बाहरी व्यक्ति को विधायक बनाकर राजस्थान का अपमान किया गया है. उन्होंने पायलट की राजनीतिक वफादारी पर भी संदेह जताया था. इसके बाद कांग्रेस भड़क गई और आरोप लगाया कि राधामोहनदास को राजस्थान की समझ नहीं है.
बीजेपी यूनिट और प्रभारी के बीच दूरियां बढ़ने लग गई थीराधामोहनदास की इस तरह की बयानबाजी से पार्टी असहज हो गई. इससे प्रदेश के दिग्गज नेताओं में नाराजगी हो गई. संगठन महामंत्री बी एल संतोष एक बार जब जययुर आए तब भी ये मुद्दा उठा था. इससे राजस्थान की बीजेपी यूनिट और प्रभारी के बीच दूरियां बढ़ने लग गई. इस राधामोहनदास ने राजस्थान के दौरे कम कर दिए. पार्टी की कई अहम बैठकों और कार्यक्रमों से राधा मोहनदास नदराद रहे. उनका झुकाव अधिकतर उत्तर प्रदेश की ओर ही रहा. बताया जा रहा है कि उसके बाद वे यूपी में सक्रिय होना चाहते थे. उसके बाद कुछ महीने पहले ही तय माना जा रहा था राजस्थान में प्रभारी बदला जाएगा. इंतजार बस निकाय चुनावों का था.
About the Authorसंदीप राठौड़
संदीप राठौड़ वर्तमान में न्यूज18 इंडिया में क्लस्टर हेड राजस्थान (डिजिटल) पद पर कार्यरत हैं। राजनीति, क्राइम और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग में रूचि रखने वाले संदीप को पत्रकारिता का ढाई दशक से ज्यादा का अनुभव…
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Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
September 24, 2026, 16:53 IST



