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वनडे के 5 कप्तान…जिन्होंने एक मैच में लिए सबसे ज्यादा विकेट, 25 साल से कायम है विश्व कीर्तिमान

Last Updated:October 10, 2026, 21:33 IST

5 captain took most wicket in an a ODI match: वनडे क्रिकेट में जब कप्तान खुद गेंद संभालकर मैच का रुख बदलता है, तो वह पल ऐतिहासिक बन जाता है. वकार यूनिस के नाम बतौर कप्तान एक वनडे मैच में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड दर्ज है. विवियन रिचर्ड्स, ड्वेन ब्रावो और गुलबदिन नैब जैसे कप्तानों ने भी साबित किया कि दबाव में नेतृत्व कैसे किया जाता है. 5 वनडे कप्तानों के बारे में जानते हैं जिन्होंने एक पारी में सबसे ज्यादा विकेट अपने नाम किए. Amazon Prime DayTop Deals Insideवनडे के 5 कप्तान...जिन्होंने एक मैच में लिए सबसे ज्यादा विकेटZoomकिसी एक वनडे में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले 5 कप्तान.

नई दिल्ली. क्रिकेट के मैदान पर एक कप्तान की भूमिका सिर्फ रणनीति बनाने, फील्ड सजाने और गेंदबाजों में जोश भरने तक सीमित नहीं होती. कई बार जब टीम मुश्किल में होती है या जब सामने वाली टीम का पलड़ा भारी दिख रहा होता है, तो कप्तान खुद गेंद थाम लेता है और अपने दम पर मैच का पासा पलट देता है. वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में कुछ ऐसे ही करिश्माई कप्तानी स्पेल दर्ज हैं, जिन्हें पढ़कर रोंगटे खड़े हो जाते हैं. इन कप्तानों ने न सिर्फ अपनी गेंदबाजी से तहलका मचाया, बल्कि यह भी साबित किया कि जब जिम्मेदारी कंधों पर हो, तो प्रदर्शन भी स्वर्णिम हो जाता है.

इस ऐतिहासिक पन्नों में सबसे ऊपर नाम आता है पाकिस्तान के खूंखार तेज गेंदबाज और महान कप्तान वकार यूनिस (Waqar Younis) का. 17 जून 2001 में लीड्स के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए मुकाबले में वकार यूनिस ने कप्तानी की असली परिभाषा गढ़ी. उस दिन इंग्लिश बल्लेबाजों के लिए मैदान पर टिकना किसी बुरे सपने से कम नहीं था. वकार ने अपनी रफ्तार और घातक स्विंग से कोहराम मचा दिया. उन्होंने अपने कोटे के 10 ओवर फेंके, बिना कोई मेडन डाले 36 रन खर्च किए और 7 विकेट चटका डाले. उनका इकोनॉमी रेट महज 3.60 का रहा. वनडे क्रिकेट इतिहास में आज तक किसी भी कप्तान ने पारी में इतने घातक आंकड़े दर्ज नहीं किए हैं. वकार का यह करिश्माई स्पेल इतिहास के सुनहरे पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गया.

विवियन रिचर्ड्स का दिल्ली में ऐतिहासिक स्पेलइस लिस्ट में दूसरा बड़ा नाम वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज और बेहतरीन कप्तान विवियन रिचर्ड्स (Vivian Richards) का है. 23 अक्टूबर 1989 को दिल्ली के मैदान पर भारत के खिलाफ खेलते हुए रिचर्ड्स ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के अलावा गेंदबाजी से भी तबाही मचाई. कप्तान के रूप में गेंदबाजी का जिम्मा संभालते हुए उन्होंने भारतीय बल्लेबाजी क्रम की रीढ़ तोड़ दी. रिचर्ड्स ने 9.4 ओवरों में 41 रन देकर 6 विकेट अपने नाम किए. उनका इकोनॉमी रेट 4.24 का था. दिल्ली की उस पिच पर उनका यह स्पेल इस बात की गवाही देता है कि वह सिर्फ एक लीजेंडरी बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि एक चतुर और प्रभावी गेंदबाज भी थे, जो जरूरत पड़ने पर टीम को चमत्कारिक सफलता दिला सकते थे.

ड्वेन ब्रावो की कप्तानी धारकैरेबियाई क्रिकेट की इस विरासत को आगे बढ़ाने का काम ड्वेन ब्रावो (Dwayne Bravo) ने भी किया. 24 फरवरी 2013 को सेंट जॉर्ज के मैदान पर जिम्बाब्वे के खिलाफ एकदिवसीय मुकाबले में ड्वेन ब्रावो ने कप्तानी पारी और गेंदबाजी दोनों में अपनी छाप छोड़ी. जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों के पास ब्रावो की मध्यम गति की सटीक गेंदबाजी का कोई जवाब नहीं था. उन्होंने 10 ओवरों में 1 मेडन ओवर निकालते हुए मात्र 43 रन दिए और 6 महत्वपूर्ण विकेट झटके. उनका इकोनॉमी रेट 4.30 का रहा. ब्रावो का यह अनुशासित और धारदार स्पेल वेस्टइंडीज की जीत की सबसे बड़ी वजह बना.

गुलबदिन नैब की आयरलैंड के खिलाफ यादगार गेंदबाजीएसोसिएट राष्ट्रों के संघर्ष और जुनून की जब भी बात होगी, अफगानिस्तान के गुलबदिन नैब (Gulbadin Naib) का नाम पूरी शान से लिया जाएगा. 21 मई 2019 को बेलफास्ट के मैदान पर आयरलैंड के खिलाफ खेले गए एक रोमांचक मुकाबले में गुलबदिन नैब ने अपनी कप्तानी का लोहा मनवाया. उन्होंने मैच के नाजुक मोड़ पर गेंदबाजी की कमान संभाली और आयरिश बल्लेबाजों को पूरी तरह से बैकफुट पर धकेल दिया. नैब ने 9.2 ओवरों में 43 रन देकर 6 विकेट झटके. 4.60 की इकोनॉमी के साथ किया गया यह प्रदर्शन इस बात का प्रमाण था कि अफगानिस्तान का क्रिकेट अब दुनिया की बड़ी टीमों को चुनौती देने के लिए पूरी तरह तैयार है. नैब का यह स्पेल उनकी कप्तानी का अब तक का सबसे बेहतरीन पल माना जाता है.

वकार यूनिस का एक और कारनामाएक बार फिर रुख करते हैं पाकिस्तान के उसी महान गेंदबाज का, जिसके नाम इस फेहरिस्त में दो-दो रिकॉर्ड दर्ज हैं. वकार यूनिस की आक्रामकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके कप्तानी करियर में एक और ऐसा स्पेल आया जिसने दुनिया को हैरान कर दिया. 19 जून 2001 को नॉटिंघम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए मुकाबले में वकार का एक अलग ही रूप देखने को मिला. हालांकि इस मैच में रन थोड़े ज्यादा पड़े, लेकिन विकेट लेने की उनकी भूख कम नहीं हुई. उन्होंने 8 ओवरों में 59 रन खर्च किए और एक बार फिर 6 विकेट अपने नाम किए. 7.37 की इकोनॉमी के बावजूद उनके खाते में 6 विकेट जुड़ना यह साबित करता है कि वह हर हाल में विकेट चटकाने वाले गेंदबाज थे.

About the AuthorKamlesh Raiचीफ सब एडिटर

कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…

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New Delhi,Delhi

First Published :

October 10, 2026, 21:33 IST

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