सिंटा में घमासान: पूनम ढिल्लों-पद्मिनी कोल्हापुरे पर उपासना का पलटवार, नगमा भी भड़कीं- ‘कठपुतली नहीं हैं’

नई दिल्ली: सिंटा का विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. एसोसिएशन की अंदरूनी खींचतान के बीच अब एक्ट्रेस और सिंटा की पूर्व पदाधिकारी उपासना सिंह ने कलाकारों के साथ बदसलूकी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. वहीं, सिंटा की नई चुनी गई एग्जीक्यूटिव कमेटी की सदस्य नगमा ने भी संगठन के कामकाज और लीडरशिप को लेकर खुलकर नाराजगी जाहिर की है. उपासना सिंह ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, ‘सिंटा की बैठकों के दौरान कई बड़े कलाकारों को अपमानित महसूस करना पड़ा. मुकेश ऋषि, दीपक पाराशर और विकास वर्मा काफी असहज हो गए थे. मुकेश ऋषि मुंबई के ट्रैफिक की वजह से करीब आधे घंटे देरी से पहुंचे, तो उनसे कहा गया कि अब वह वोट नहीं कर सकते. इससे वह इतने नाराज हुए कि एजीएफ के दौरान माइक पर अपना गुस्सा जाहिर किया.
मुकेश ऋषि ने कहा, ‘मेरे साथ इतनी बदसलूकी हुई है, आप लोग मेरे साथ ऐसा कैसे कर सकते हैं?’ उपासना ने एक्टर दीपक पाराशर से जुड़ा एक और किस्सा सुनाया. उन्होंने कहा, ‘हेमा मालिनी से जुड़ी एक सिंटा प्रेस कॉन्फ्रेंस में दीपक पाराशर, जो उस समय एसोसिएशन के ट्रेजरर थे, दरवाजा खटखटाते रहे लेकिन कथित तौर पर उन्हें अंदर नहीं आने दिया गया. वह इस घटना से काफी आहत हुए और उन्होंने मुझसे कहा कि वहां जाना बेहद अपमानजनक महसूस हो रहा है.’
पूनम ढिल्लों-पद्मिनी के बर्ताव पर उठाए सवालउपासना ने दीपक पाराशर की तारीफ करते हुए कहा, ‘वह सिंटा की बैठकों के दौरान बाकी सदस्यों के लिए खाना तक बनाते थे. करीब ढाई साल तक वह सुबह पांच बजे उठकर एग्जीक्यूटिव कमेटी की मीटिंग के लिए खाना बनाते और सभी को खिलाते थे. वरिष्ठ कलाकार होने के नाते उनके साथ सम्मान से पेश आना चाहिए, भले ही किसी मुद्दे पर मतभेद क्यों न हों.’ वहीं, उपासना ने पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे को लेकर भी आरोप लगाए. उन्होंने कहा, ‘दोनों खुद को स्टार मानते हुए दूसरे सदस्यों से दूरी बनाकर रखती थीं और बाकी लोगों के साथ एक ही लिफ्ट में भी नहीं जाती थीं. यहां काम करने वाले एक कर्मचारी विकास वर्मा को सिर्फ इसलिए नीचा दिखाया गया क्योंकि उसे अंग्रेजी नहीं आती थी. विकास हमेशा दूसरे कलाकारों की मदद के लिए मौजूद रहते हैं और जरूरतमंदों के लिए काम भी करते हैं. कई बार वह अपमानित होकर रोते हुए बाहर आया.’
कठपुतली कहे जाने पर भड़कीं नगमा नगमा ने भी विवाद के बीच पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे की कथित ‘कठपुतली’ वाले बयान पर कड़ा रिएक्शन दिया. नगमा ने कहा, ‘नई एग्जीक्यूटिव कमेटी के सदस्य किसी के इशारे पर काम नहीं कर रहे हैं और सभी की अपनी सोच है. मैंने सलमान खान, शाहरुख खान, संजय दत्त, अक्षय कुमार और जैकी श्रॉफ जैसे बड़े कलाकारों के साथ काम किया है और इंडस्ट्री को काफी करीब से देखा है. किसी को ‘कठपुतली’ कहना या यह कहना कि वह किसी और के इशारे पर नाच रहा है, बेहद अपमानजनक है. हमारे पास अपना दिमाग है. हमें अपमानित या नीचा मत दिखाइए. मेरे सिंटा में आने का मकसद किसी निजी लड़ाई का हिस्सा बनना नहीं, बल्कि जरूरतमंद कलाकारों के लिए संगठन को बेहतर तरीके से चलाने में योगदान देना है. संगठन में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन लड़ाई निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए और निजी आरोपों से बचना चाहिए.’
पूनम ढिल्लों-पद्मिनी कोल्हापुरे ने आरोपों को किया खारिजसिंटा का विवाद उस समय और बढ़ गया था, जब आठ एग्जीक्यूटिव कमेटी सदस्यों ने इस्तीफा दिया. इनमें मुकेश ऋषि, विकास वर्मा और दीपक पाराशर भी शामिल थे. इस्तीफों के पीछे फैसले लेने के तरीके और सदस्यों से सलाह-मशविरा न किए जाने जैसे आरोप सामने आए. हालांकि, पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है. दोनों ने संगठन के कामकाज और वित्तीय मामलों को लेकर अपना पक्ष रखा है.



