सिराज के बाउंसर पर चोटिल हुए कप्तान शुभमन गिल, वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले बढ़ी टीम इंडिया की टेंशन

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान शुभमन गिल तिरुवनंतपुरम में वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाले पहले वनडे मुकाबले से ठीक दो दिन पहले नेट प्रैक्टिस के दौरान चोटिल हो गए हैं. अभ्यास सत्र के दौरान बल्लेबाजी करते समय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज की एक तीखी और अचानक उछाल लेती गेंद सीधे उनके दाएं हाथ की कोहनी पर जा लगी. गेंद लगते ही गिल दर्द से कराह उठे और तुरंत अपनी कोहनी को पकड़कर क्रीज पर ही रुक गए. इस घटना के तुरंत बाद वे आगे बल्लेबाजी नहीं कर सके और उन्हें नेट सत्र बीच में ही छोड़कर बाहर जाना पड़ा.
जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय माहौल बेहद प्रतिस्पर्धी था और सभी खिलाड़ी सीरीज की तैयारियों में जुटे थे. मोहम्मद सिराज (Mohammed Siraj) की गेंद लगते ही वहां मौजूद हर खिलाड़ी की नजरें शुभमन गिल (Shubman Gill) पर टिक गईं. अपनी ही गेंद पर कप्तान को चोटिल होते देख मोहम्मद सिराज तुरंत उनके पास पहुंचे और उनका हाल-चाल जाना. दर्द में दिख रहे कप्तान के पास टीम के फिजियो भी फौरन मैदान पर पहुंचे. प्राथमिक जांच के बाद फिजियो की देखरेख में गिल धीरे-धीरे नेट्स से बाहर आए. मैदान के किनारे खिलाड़ियों के लिए रखे गए कूलिंग बॉक्सेज में से एक के ऊपर वे जाकर बैठ गए, जहां वे लगभग अगले 45 मिनट तक लगातार बैठे रहे और अपनी चोट का जायजा लेते रहे.
फिजियो की प्राथमिक जांच और तुरंत उपचारफिजियो ने सबसे पहले शुभमन गिल के कंधे और कोहनी की फ्लेक्सिबिलिटी यानी लचीलेपन की जांच की ताकि यह समझा जा सके कि चोट कितनी गहरी है. इसके बाद दर्द और सूजन को कम करने के लिए तुरंत उनकी कोहनी पर आइस पैक (बर्फ की थैली) लगाया गया. गिल लगभग 20 मिनट तक कोहनी पर बर्फ लगाए बैठे रहे. इसके बाद फिजियो ने बर्फ हटाकर उनकी कोहनी पर एक प्रोटेक्टिव प्लास्टर या पट्टी लगा दी, ताकि उस हिस्से को सहारा मिल सके.
साथियों की चिंता और हौसला-अफजाईअभ्यास सत्र के दौरान जब कप्तान दर्द से जूझ रहे थे और आराम कर रहे थे, तब पूरी टीम ने उनके प्रति एकजुटता और चिंता दिखाई. सबसे पहले मोहम्मद सिराज खुद उनके पास बैठकर उनका हाल-चाल पूछते नजर आए. इसके कुछ ही देर बाद अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा भी उनसे मिलने पहुंचे और चोट की गंभीरता के बारे में जानकारी ली. अभ्यास के बीच समय निकालकर पूर्व कप्तान विराट कोहली और युवा तेज गेंदबाज गुरनूर ब्रार भी गिल के पास आकर बैठ गए. इस दौरान लगभग 20 मिनट के लिए एक बार फिर गिल की कोहनी पर आइस पैक लगाया गया.
हल्की मुस्कान और खुशनुमा अंदाजलंबे समय तक आराम करने और बर्फ की सिकाई के बाद गिल के चेहरे पर राहत के भाव दिखे. जब वे अपनी सीट से खड़े हुए, तो उनके चेहरे पर मुस्कान वापस लौट आई थी. उन्होंने युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल के साथ हल्की-फुल्की बातचीत की और मजाकिया अंदाज में अपने दाएं हाथ को बिल्कुल सीधा रखते हुए सिर्फ बाएं हाथ के सहारे एक शॉट खेलने की एक्टिंग करके दिखाई. इससे यह संकेत मिला कि उनकी चोट शायद बहुत ज्यादा गंभीर नहीं है और वे हल्के माहौल में टीम के साथ जुड़े हुए थे.
एहतियाती कदम और मैदान पर मौजूदगीचोट लगने के लगभग एक घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद, फिजियोथेरेपिस्ट ने कोई भी जोखिम न उठाने के इरादे से एहतियात के तौर पर गिल को एक बार फिर आइस पैक थमाया. गिल फिर से अपनी सीट पर बैठ गए और कोहनी की सिकाई करते रहे, जबकि मैदान पर बाकी खिलाड़ियों का अभ्यास सत्र सामान्य रूप से चलता रहा.
खुद समेटा सामान, मेडिकल रिपोर्ट का इंतजारहादसे के करीब डेढ़ घंटे बाद फिजियो ने एक बार फिर कप्तान की कोहनी और हाथ की गतिविधियों का विस्तृत मूल्यांकन किया. हालांकि, टीम प्रबंधन ने कोई भी खतरा न लेते हुए गिल को दोबारा बल्लेबाजी के लिए नेट्स में नहीं उतारा. इसके बावजूद गिल का हौसला बना रहा. उन्होंने खुद ही बिना किसी की मदद के अपने सुरक्षात्मक गियर, जैसे कि पैड्स और ग्लव्स को पैक किया. वे काफी देर तक अपने बल्ले से हाथ में ताल मिलाते रहे और अभ्यास सत्र के लगभग खत्म होने तक मैदान के किनारे ही मौजूद रहे.
सत्र समाप्त होने के बाद जब शुभमन गिल ड्रेसिंग रूम की तरफ लौटे, तो उनके एक हाथ में बल्ला और दूसरे हाथ में उनके पैड्स थे. हालांकि उनके नेट छोड़ देने से पहले वनडे मैच में उनकी उपस्थिति को लेकर कुछ सवाल जरूर खड़े हुए हैं, लेकिन जिस तरह से वे सत्र के अंत में खुद अपना सामान उठाकर मुस्कुराते हुए बाहर निकले, उससे प्रशंसकों और टीम प्रबंधन ने राहत की सांस ली है. अब सभी की नजरें मेडिकल टीम की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं.



