105 करोड़ में अस्पताल की बनी ऐसी इमारत कि होटल भी लगे फीका, 527 बेड और 3 ICU, जानें खासियत

बीकानेर. राजस्थान के बीकानेर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की एक शानदार तस्वीर सामने आई है. आमतौर पर सरकारी अस्पतालों का नाम सुनते ही मरीजों की भीड़, बेड की कमी और फर्श पर बैठे परिजनों की तस्वीर सामने आती है, लेकिन बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में विकसित की गई नई मेडिसिन विंग इस तस्वीर को बदलने की कोशिश है. करीब 105 करोड़ रुपए की लागत से तैयार चार मंजिला इमारत अपनी भव्य बनावट और आधुनिक सुविधाओं के कारण किसी बड़े होटल जैसी नजर आती है. यहां मरीजों के इलाज के लिए 527 बेड, गंभीर मरीजों के लिए 20-20 बेड के तीन आईसीयू और परिजनों के बैठने के लिए 600 लोगों की क्षमता वाला विशाल वेटिंग हॉल बनाया गया है.
खास बात यह है कि इस विशाल हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने के पीछे एक उद्योगपति का संकल्प और समाजसेवा की भावना है. बीकानेर के नापासर निवासी कन्हैयालाल मुंधड़ा ने अस्पताल में मरीजों को जमीन पर बैठे देखा तो ऐसी चिकित्सा सुविधा विकसित करने का फैसला किया, जहां मरीजों के साथ उनके परिजनों को भी परेशानी नहीं उठानी पड़े. इसी सोच के साथ श्रीमती सीएम मुंधड़ा चैरिटेबल ट्रस्ट, मुंबई के सहयोग से इस आधुनिक मेडिसिन विंग का निर्माण करवाया गया.
चार मंजिला मेडिसिन विंग का कराया गया है निर्माण
जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष डीपी पच्चीसिया ने बताया कि कन्हैयालाल मुंधड़ा एक बार बीकानेर आए थे. इस दौरान उन्हें अपने किसी रिश्तेदार से मिलने पीबीएम अस्पताल जाना पड़ा. वहां उन्होंने देखा कि अस्पताल में बेड पर भर्ती मरीजों के अलावा बड़ी संख्या में मरीज जमीन पर बैठे हुए थे. यह दृश्य देखकर उन्हें काफी पीड़ा हुई. उन्होंने उसी दिन संकल्प लिया कि बीकानेर में ऐसी अस्पताल सुविधा विकसित की जाए, जहां मरीजों को बेहतर व्यवस्था मिल सके. पच्चीसिया ने बताया कि शुरुआत में अस्पताल के निर्माण के लिए करीब 20 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया था, लेकिन कन्हैयालाल मुंधड़ा का मानना था कि अस्पताल जैसी जरूरी सुविधा के निर्माण में बार-बार विस्तार करने के बजाय शुरुआत से ही पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए. इसी सोच के साथ चार मंजिला मेडिसिन विंग का निर्माण करवाया गया.
105 करोड़ रुपए की लागत से बनी इस इमारत में 527 बेड की व्यवस्था है
उन्होंने बताया कि श्रीमती सीएम मुंधड़ा चैरिटेबल ट्रस्ट, मुंबई की ओर से कन्हैयालाल मुंधड़ा के सहयोग से इस मेडिसिन विंग का निर्माण करवाया गया है. करीब 105 करोड़ रुपए की लागत से बनी इस इमारत में 527 बेड की व्यवस्था है. इसमें 20-20 बेड के तीन आईसीयू भी बनाए गए हैं. इस तरह गंभीर मरीजों के उपचार के लिए भी अलग व्यवस्था उपलब्ध करवाई गई है. डीपी पच्चीसिया का कहना है कि मेडिसिन विंग का आकार और इसमें विकसित की गई सुविधाएं इसे खास बनाती हैं. उनके अनुसार, इस तरह की मेडिसिन विंग की इमारत देश में अन्यत्र नहीं है.
600 लोगों के बैठने की क्षमता वाला वेटिंग हॉल बनाया गया है
अस्पतालों में मरीजों के साथ आने वाले परिजनों को अक्सर बैठने और आराम करने की परेशानी होती है. कई बार उन्हें फर्श पर बैठकर समय बिताना पड़ता है. इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए मेडिसिन विंग में करीब 600 लोगों के बैठने की क्षमता वाला वेटिंग हॉल बनाया गया है. इसके अलावा मरीजों के बेड के पास एक सीटर बैठने की व्यवस्था भी की गई है, ताकि मरीज के साथ रहने वाला परिजन वहां बैठ सके और जरूरत पड़ने पर आराम भी कर सके.
पच्चीसिया ने बताया कि कोशिश की गई है कि मरीज के पास एक ही व्यक्ति रहे और अन्य परिजन वेटिंग हॉल में बैठकर अपनी बारी का इंतजार करें. इससे अस्पताल में भीड़ को व्यवस्थित रखने में मदद मिल सकती है. उन्होंने बताया कि कन्हैयालाल मुंधड़ा ने नर सेवा नारायण सेवा के उद्देश्य से इस मेडिसिन विंग का निर्माण करवाया है. इसका लाभ केवल बीकानेर शहर के मरीजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संभाग और आसपास के इलाकों से आने वाले लोगों को भी बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलने की उम्मीद है.



