22 साल तक दिखाया जंगल की रानी जैसा रौब, अब गद्दों और हीटर के सहारे महक की जिंदगी, डॉक्टरों की निगरानी में रखा

Last Updated:November 03, 2026, 17:26 IST
Mahak Tiger Kota: कोटा के अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में देश की सबसे उम्रदराज बाघिन महक 23वें वर्ष में पहुंच गई है. बढ़ती उम्र के कारण उसके शरीर का पिछला हिस्सा कमजोर हो गया है और चलने में परेशानी हो रही है. गिरने और चोट लगने के खतरे को देखते हुए उसे डिस्प्ले एरिया से हटा दिया गया है. अब डॉक्टरों की निगरानी में नाइट शेल्टर और कराल क्षेत्र में उसकी विशेष देखभाल की जा रही है.
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लड़खड़ाने लगे देश की सबसे उम्रदराज बाघिन महक के कदम
कोटा: कभी अपनी शाही चाल और रौब से पर्यटकों को आकर्षित करने वाली देश की सबसे उम्रदराज बाघिन महक के कदम अब लड़खड़ाने लगे हैं. 22 साल की उम्र पूरी कर 23वें वर्ष में पहुंच चुकी महक को अब चलने में भी परेशानी हो रही है. उम्र का असर ऐसा कि शरीर का पिछला हिस्सा कमजोर पड़ गया है. गिरने और चोट लगने के खतरे को देखते हुए उसे डिस्प्ले एरिया से हटा दिया गया है. कोटा के अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में डॉक्टरों की विशेष निगरानी में महक की देखभाल हो रही है.
देश की सबसे उम्रदराज बाघिनकभी जंगल की रानी की तरह शाही अंदाज में चलने वाली महक के कदम अब लड़खड़ाने लगे हैं. उम्र के 22 बसंत पूरे कर चुकी महक अब 23वें साल में है.उम्र का असर उसके शरीर पर साफ दिखाई देने लगा है. पिछले हिस्से में कमजोरी आ गई है. चलने में परेशानी होती है और शरीर का संतुलन भी बिगड़ने लगा है. ऐसे में गिरने और चोट लगने का खतरा बना हुआ है. इसी को देखते हुए वन विभाग ने उसे पर्यटकों के लिए खुले डिस्प्ले एरिया से हटा दिया है. अब महक की दुनिया नाइट शेल्टर और कराल क्षेत्र तक सिमट गई है. यहां उसके आराम का खास इंतजाम किया गया है. फर्श पर गद्दे बिछाए गए हैं, ताकि बैठने और लेटने में उसे परेशानी नहीं हो. साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है. सर्दी बढ़ने पर हीटर भी लगाया जाएगा. वन विभाग की प्राथमिकता अब महक को पर्यटकों के सामने लाने से ज्यादा उसे सुरक्षित और आरामदायक माहौल देने की है.
महक की डाइट में भी बड़ा बदलाव किया गया हैअब उसे एक बार में ज्यादा भोजन नहीं दिया जाता है. दिन में तीन बार अलग-अलग आहार दिया जा रहा है. सुबह उबला हुआ चिकन, दोपहर में अंडे और सूप. जबकि शाम को मीट दिया जाता है. भोजन छोटे-छोटे हिस्सों में दिया जा रहा है. इसके साथ ही पाचन के लिए प्रीबायोटिक्स और प्रोबायोटिक्स. लिवर टॉनिक और जोड़ों को सहारा देने वाले सप्लीमेंट्स भी दिए जा रहे हैं. सर्दियों में चिकन की मात्रा बढ़ाने की तैयारी है.
महक की कहानी भी बेहद खास है28 अगस्त 2004 को जयपुर के नाहरगढ़ जैविक उद्यान में जन्मी महक की एक जुड़वां बहन रंभा भी थी. दोनों ने साथ जीवन की शुरुआत की, लेकिन अब रंभा भी इस दुनिया में नहीं है. महक का साथी बाघ नाहर भी अगस्त 2024 में करीब 18 साल की उम्र में दम तोड़ चुका है. अब अभेड़ा पार्क में महक अकेली रह गई है. लंबी उम्र के मामले में महक ने देश की कई चर्चित बाघिनों को पीछे छोड़ दिया है. रणथंभौर की मशहूर बाघिन मछली और गुवाहाटी की स्वाति करीब 20 साल तक जीवित रहीं. जबकि महक 22 साल पूरे कर चुकी है. दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल का बाघ राजा 25 साल 10 महीने तक जीवित रहा था. वहीं अमेरिका की बाघिन बंगाली के नाम 25 साल 319 दिन की उम्र में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज हुआ था.
सुरक्षित और आराम से रह सकेमहक की असाधारण उम्र ने वैज्ञानिकों का ध्यान भी खींचा है. उसके DNA, खानपान और जीवनशैली का अध्ययन करने की योजना है. ताकि उसकी लंबी उम्र के राज को समझा जा सके. फिलहाल डॉक्टरों की कोशिश है कि महक अपनी जिंदगी के इस पड़ाव में सुरक्षित और आराम से रह सके.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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November 03, 2026, 17:26 IST



