सिंधु नगर गुरुद्वारे में गुरु नानक देव जी का 556वां प्रकाश पर्व

Last Updated:November 05, 2025, 16:33 IST
भीलवाड़ा में सिख समाज का सबसे बड़ा त्यौहार, श्री गुरु नानक देव जी का 556वां प्रकाश पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. 75 वर्ष प्राचीन सिंधु नगर स्थित गुरुद्वारा गुरु नानक सभा में कीर्तन, लंगर और विशेष कार्यक्रमों का आयोजन हुआ. अमृतसर से आए रागी जत्थे संगत को कीर्तन से निहाल कर रहे हैं. इस अवसर पर गुरु नानक देव जी के उपदेश नाम जपो, किरत करो, वंड छको — का संदेश साझा किया जा रहा है.
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भीलवाड़ा. सिख समाज का सबसे बड़ा त्यौहार, श्री गुरु नानक देव जी का 556वां प्रकाश पर्व उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. इसके तहत शहर के 75 वर्ष प्राचीन सिंधु नगर में स्थित गुरुद्वारा गुरु नानक सभा में गुरुद्वारा प्रबंधक समिति और संगत द्वारा विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है. सुबह से ही श्रद्धालु गुरुद्वारा साहिब पहुंचकर कीर्तन, सेवा और लंगर में भाग ले रहे हैं. बाहर से आए रागी जत्थे संगत को कीर्तन से निहाल कर रहे हैं. इस पर्व में गुरु नानक देव जी के उपदेशों नाम जपो, किरत करो का संदेश दिया जा रहा है. इसे लेकर भीलवाड़ा शहर सहित जिले भर के हर समाज के लोग यहां अरदास लगाने के लिए पहुंच रहे हैं.
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सचिव ऋषिपाल सिंह ने बताया है कि सिख पंथ के संस्थापक श्री गुरु नानक देव जी का 556वां प्रकाश पर्व और जन्मोत्सव भीलवाड़ा में उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. सिंधुनगर गुरुद्वारा साहिब परिसर में खुले पांडाल सजाए गए हैं, गुरुद्वारा साहिब भवन एवं आसपास आकर्षक लाइटिंग और सजावट की गई है, दरबार साहिब मेन हॉल को फूलों से सजाया गया है. इस खास मौके पर अमृतसर, पंजाब से जगप्रीत सिंह जी और उनके साथी इस कार्यक्रम में शामिल हुए हैं. ज्ञानी करनैल सिंह और सुखबीर सिंह जत्थे संगत को कीर्तन द्वारा निहाल कर रहे हैं. लंगर अटूट वितरित किया जा रहा है. आज रात भी विशेष कीर्तन दीवान होगा, खालसा सेवा संस्थान की तरफ से प्रसाद की सेवा होगी.
75 वर्ष प्राचीन है भीलवाड़ा का सबसे पुराना गुरुद्वारा
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष इंद्रपाल सिंह सोनी ने कहा कि सिंधु नगर में स्थित गुरुद्वारा की स्थापना 1950 में हुई थी. यह ऐसा गुरुद्वारा है जहां सिख ही नहीं, हर समाज के लोग अपना शीश झुकाते हैं. पूरे साल भर हजारों की तादाद में लोग यहां पहुंचते हैं, शहर के सिंधु नगर में स्थित गुरुद्वारे में गुरु नानक जयंती के लिए कुछ दिन पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी गई थी और रोजाना प्रभात फेरियां निकाली जा रही थी. इसके तहत जयंती के दिन कीर्तन और लंगर का भी आयोजन किया गया, इसमें हजारों की संख्या में भक्त यहां पहुंचे है.
बागोर साहिब में आए थे गुरु गोविंद सिंह
गुरु गोविंद सिंह दक्षिण की यात्रा में भीलवाड़ा जिले के बागोर साहिब आए थे, वह वहां 17 दिन रुके थे. गुरु गोविंद सिंह का जन्म पटना साहिब में हुआ था, साल 1699 में गुरु गोविंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना की थी. यह सिखों के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण समय माना जाता है, गुरु गोविंद सिंह ने ही गुरु ग्रंथ साहिब को सिखों का गुरु घोषित किया था. इसके लिए आज भी भीलवाड़ा के बागोर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का गुरुद्वारा है, जहां पूरे देश से सिख धर्म के लोग और सिख धर्म में आस्था रखने वाले अन्य धर्मों के लोग पहुंचते हैं और अपनी अरदास लगाते हैं. मान्यता है कि यहां मन्नत मांगने वाले हर व्यक्ति की मनोकामना पूरी हो जाती है. इसके साथ ही भीलवाड़ा के सिरकी मोहल्ले के गुरुद्वारे और बागोर गुरुद्वारे में विशेष आयोजन किए जा रहे हैं.
Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें
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Location :
Bhilwara,Rajasthan
First Published :
November 05, 2025, 16:33 IST
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भीलवाड़ा में मनाया गया गुरु नानक देव जी का 556वां प्रकाश पर्व



