6 छक्के, 44 की उम्र में युवराज सिंह का गदर… शारजाह में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली विस्फोटक पारी

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6 छक्के, 44 की उम्र में युवराज सिंह का गदर, शारजाह में खेली धांसू पारी
Last Updated:October 04, 2026, 06:23 IST
Yuvraj Singh hits 6 sixes: शारजाह क्रिकेट स्टेडियम में वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स 2026 के मुकाबले में इंडिया चैंपियंस के कप्तान युवराज सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आतिशी पारी खेलते हुए महफिल लूट ली. शुरुआती झटकों के बाद युवराज ने नमन ओझा और यूसुफ पठान के साथ मिलकर पारी को संभाला. उन्होंने मात्र 44 गेंदों पर 5 चौकों और 6 छक्कों की मदद से 71 रनों की धमाकेदार पारी खेली, जिसके दम पर भारत ने निर्धारित 20 ओवरों में 196 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया.जवाब में ऑस्ट्रेलिया की टीम 150 रन पर ढेर हो गई और मैच 46 रन से हार गई. युवराज सिंह ने 44 गेंदों पर 71 रन की शानदार पारी खेली.
नई दिल्ली. क्रिकेट के मैदान पर जब भी युवराज सिंह का नाम आता है, तो फैंस के जहन में छक्कों की बरसात और ऐतिहासिक पारियां ताजा हो जाती हैं. शनिवार की दोपहर शारजाह क्रिकेट स्टेडियम में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां युवराज सिंह अपने पुराने और चिर-परिचित अंदाज में नजर आए. वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स 2026 के अपने पहले मुकाबले में इंडिया चैंपियंस का सामना ऑस्ट्रेलिया चैंपियंस से था. उस्मान ख्वाजा की कप्तानी वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ भारतीय कप्तान युवराज सिंह ने एक बार फिर साबित कर दिया कि क्लास हमेशा के लिए रहती है. उन्होंने अपनी शानदार पारी के दम पर न सिर्फ टीम को एक मजबूत स्कोर तक पहुंचाया, बल्कि फैंस को पुराने दिनों की याद भी ताजा करा दी.
मैच में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंडिया चैंपियंस की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी. पारी के पहले ही ओवर में अंबाती रायुडू का विकेट गिर गया, जिससे टीम शुरुआती दबाव में आ गई. इसके बाद स्टुअर्ट बिन्नी भी 4.2 ओवर में सस्ते में पवेलियन लौट गए. ऐसे मुश्किल वक्त में कप्तान युवराज सिंह (Yuvraj Singh) क्रीज पर आए और उन्होंने नमन ओझा के साथ मिलकर पारी को संभाला. नमन ओझा पहले से ही सेट नजर आ रहे थे और युवराज ने आते ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए.
शुरुआती झटकों के बाद युवराज-ओझा और पठान की धमाकेदार साझेदारीयुवराज सिंह ने 17.3 ओवर तक एक छोर को मजबूती से संभाले रखा और ऑस्ट्रेलियाई युवा गेंदबाजी आक्रमण की जमकर खबर ली. उन्होंने नमन ओझा के साथ मिलकर 30 गेंदों पर 42 रनों की अहम साझेदारी की. इसके बाद क्रीज पर आए यूसुफ पठान के साथ मिलकर उन्होंने मैदान के चारों तरफ चौके-छक्कों की बरसात कर दी और एक आतिशी साझेदारी को अंजाम दिया. अपनी 44 गेंदों की इस धमाकेदार पारी के दौरान भारत के इस विश्व कप विजेता खिलाड़ी ने 71 रनों का शानदार योगदान दिया. इस पारी में उनके बल्ले से 5 बेहतरीन चौके और 6 गगनचुंबी छक्के निकले. युवराज ने 161.36 के शानदार स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में भारत का स्कोर 7 विकेट के नुकसान पर 196 रनों तक पहुंचा दिया. इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया चैंपियंस की टीम 16.2 ओवर में 150 रन पर ढेर हो गई.ऑस्ट्रेलिया के लिए डार्सी शॉर्ट ने सबसे ज्यादा 28 बॉल पर 65 रन बनाए.
कंगारुओं के खिलाफ हमेशा से पसंदीदा विपक्षी रहे हैं युवराजयह जगजाहिर है कि ऑस्ट्रेलिया हमेशा से युवराज सिंह के सबसे पसंदीदा विरोधियों में से एक रहा है. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के दिनों की बात करें तो टी-20 फॉर्मेट में युवराज का बल्ला कंगारुओं के खिलाफ हमेशा जमकर बोला है. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 8 पारियों में 56.60 की शानदार औसत और 161.71 के स्ट्राइक रेट से कुल 283 रन बनाए हैं. ऑस्ट्रेलिया ही वह टीम है जिसके खिलाफ टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में युवराज ने सबसे ज्यादा रन बनाए हैं और साथ ही इसी टीम के खिलाफ उनके नाम सबसे ज्यादा 6 विकेट भी दर्ज हैं. डब्ल्यूसीएल के पिछले संस्करणों में भी उनका बल्ला ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खूब चला था, जहां उन्होंने एक मैच में नाबाद 52 रनों की पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई थी.
वनडे इतिहास में भी शानदार रहे हैं कंगारू टीम के खिलाफ आंकड़ेवनडे क्रिकेट में भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ युवराज का रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है. उन्होंने कंगारू टीम के खिलाफ 37 पारियों में दो शतकों और चार अर्धशतकों की मदद से 981 रन बनाए हैं. उनकी सबसे यादगार पारियों में से एक 2011 विश्व कप का क्वार्टर फाइनल मुकाबला है, जहां उन्होंने दबाव में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 65 गेंदों पर 57 रनों की शानदार पारी खेली थी और साथ ही गेंदबाजी में 44 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट भी चटकाए थे. शारजाह के मैदान पर खेली गई इस 44 गेंदों में 71 रनों की पारी के साथ, युवराज सिंह एक बार फिर अपनी टीम को जीत दिलाने और डब्ल्यूसीएल के हेड-टू-हेड मुकाबलों में स्कोर बराबर करने के इरादे से मैदान पर उतरे हैं. उनकी इस करिश्माई पारी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उम्र सिर्फ एक नंबर है और बड़े मैचों के खिलाड़ी आज भी मैदान पर कमाल दिखाना अच्छी तरह जानते हैं.
About the AuthorKamlesh Raiचीफ सब एडिटर
कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…
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New Delhi,New Delhi,Delhi
First Published :
October 04, 2026, 06:22 IST



