सिद्धि योग व पुष्य नक्षत्र में आज मनेगी हरियाली अमावस्या, ऐसे करें पूजा सुख और सौभाग्य की होगी प्राप्ति

जोधपुर.जोधपुर में सावन मास की हरियाली अमावस्या आज सिद्धि योग और पुष्य नक्षत्र के संयोग में मनाई जाएगी. हर वर्ष श्रावण माह में पड़ने वाली अमावस्या तिथि को हरियाली अमावस्या या श्रावणी अमावस्या के नाम से जाना जाता है. धार्मिक शास्त्रों में सावन मास की अमावस्या तिथि को विशेष महत्व दिया गया है. सावन का महीना भगवान भोलेनाथ को अत्यंत प्रिय है, इसलिए श्रावण मास की अमावस्या को भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है.
इस दिन पूर्वजों की स्मृति में पिंडदान और दान-पुण्य के कार्य किए जाते हैं. शहर में बुजुर्ग महिलाओं सहित श्रद्धालुओं द्वारा भौगीशैल स्थलों की परिक्रमा भी की जा रही है. पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान के अनीष व्यास ने बताया कि इस बार हरियाली अमावस्या पर सिद्धि योग और पुष्य नक्षत्र का संयोग बन रहा है, जिसके कारण शास्त्रों में अपने पूर्वजों की याद में पौधे लगाना शुभ माना गया है. विशेष वृक्षों की पूजा से ग्रह दोष दूर होते हैं और सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है.
शिव की पूजा करते हुए तीर्थ स्थलों का होगा भ्रमणआज हरियाली अमावस्या पर हजारों महिलाएं पीपल सहित भगवान शिव की पूजा करते हुए तीर्थ स्थलों का भ्रमण करेंगी. परिक्रमा सुबह से रातानाडा स्थित गणेश मंदिर से शुरू हुई व रिक्तिया भैरूजी, मसूरिया बाबा, चौपासनी श्याम मनोहर, अरना-झरना, भद्रेशिया, कदमखंड, बड़ली भैरू मंदिर, बृहस्पति कुंड, बैजनाथ, मंडलनाथ, जोगी तीर्थ, दईजर माता, बेरीगंगा धाम, नींबा तीर्थ, मंडोर देवताओं की साल, काला गोरा भैरू, संतोषी माता मंदिर, कागा तीर्थ शीतला माता मंदिर से रातानाडा गणेश मंदिर में संपन्न होगी.
तीर्थ स्थलों पर करेंगे सेवा कार्यइस साल भी अमावस्या के दिन 111 साल पुरानी परंपरा के अनुसार श्री ब्राह्मण स्वर्णकार कैलाश प्याऊ विकास की ओर से मंडोर गार्डन में स्थित प्याऊ पर ठंडे पानी की सेवा की जाएगी. अध्यक्ष जौहरीलाल जालोरा ने बताया कि बेरीगंगा स्थल पर ठंडे पानी के साथ 150 किलो दूध की चाय-बिस्कुट, 200 किलो बेसन से पकोड़े की मनुहार की जाएगी. यह निशुल्क सेवा सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक बेरीगंगा में की जाएगी.
शिव मंदिरों में हरियाली शृंगार आजआज अमावस्या के दान पुण्य के साथ मंदिरों में भी हरे रंग के श्रृंगार किए जाएंगे. शिव मंदिर सहित मंदिरों में भगवान को हरि पोशाक के साथ हरे पत्तों आदि से श्रृंगार किया जाएगा.संस्थाओं की ओर से वृद्धाश्रमों में भोजन करवाने के साथ पौधरोपण भी किया जाएगा. शनिवार को श्री उपकेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट एवं श्री शांतिदेवी विद्यापीठम की ओर से मंदिर में संगीतमय सुंदरकांड पाठ एवं भजन संध्या हुई. राजेशराज जोशी ने बताया कि मंदिर में हरे पत्तों व पुष्पों से फूलमंडली सजाई गई.
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FIRST PUBLISHED : August 4, 2024, 13:01 IST