पेंशनरों को घर बैठे मिलेगी डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट सुविधा

Last Updated:November 20, 2025, 15:48 IST
Pensioners Jeevan Pramaan Patra : डाक विभाग ने पेंशनरों के लिए घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने की सुविधा शुरू कर दी है, जिससे उन्हें कोषागार या बैंक के चक्कर नहीं लगाने होंगे. पोस्टमैन या ग्रामीण डाक सेवक केवल 70 रुपए में यह प्रमाणपत्र जारी कर संबंधित विभाग को ऑनलाइन भेज देंगे. अति वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग पेंशनरों के लिए शुरू की गई यह डोरस्टेप डीएलसी सेवा फेस ऑथेंटिकेशन और बायोमेट्रिक तकनीक से प्रमाणन को आसान बनाती है. प्रमाणपत्र जारी होने के बाद पेंशनर को मोबाइल और ईमेल पर तुरंत पुष्टि संदेश भी प्राप्त होगा.
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अब घर बैठे डाकिया बनाएगा आपका डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट
जोधपुर. पेंशनरों को अब जीवन प्रमाणपत्र जमा करवाने के लिए कोषागार, बैंक या किसी भी सरकारी कार्यालय में बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी. डाक विभाग ने पेंशनरों की सुविधा के लिए एक बड़ी पहल करते हुए उन्हें घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने की सुविधा शुरू की है. इसके तहत पेंशनर अपने क्षेत्र के पोस्टमैन या ग्रामीण डाक सेवक के माध्यम से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जारी करवा सकते हैं. इस सेवा के लिए मात्र 70 रुपए का शुल्क तय किया गया है, जिससे प्रमाणपत्र सीधे संबंधित विभाग को ऑनलाइन भेज दिया जाएगा और पेंशन जारी रहने में कोई रुकावट नहीं आएगी.
पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डिजिटल इंडिया के विजन को सशक्त बनाने और सरकारी सेवाओं को नागरिकों की दहलीज तक पहुंचाने की दिशा में यह डाक विभाग का बेहद महत्वपूर्ण कदम है. इस सुविधा से बुजुर्ग और दिव्यांग पेंशनरों को विशेष राहत मिलेगी, जिन्हें पहले प्रमाणपत्र जमा करवाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था.
डोरस्टेप डीएलसी सेवा से मिलेगी बड़ी राहतपोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार के सभी विभागों के पेंशनरों को घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट उपलब्ध कराया जा रहा है. डोरस्टेप डीएलसी सेवा में विशेष रूप से अति वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग पेंशनभोगियों का ध्यान रखा गया है. उन्होंने कहा कि अब डाक विभाग सिर्फ चिट्ठियां नहीं पहुंचाता, बल्कि डिजिटल सेवाओं को भी घर-घर पहुंचाने का माध्यम बन गया है.
पेंशनरों के लिए और आसान हुआ डिजिटल प्रमाणीकरणयादव ने बताया कि इस सुविधा का लाभ लेने के लिए पेंशनर को अपने क्षेत्र के पोस्टमैन से संपर्क करना होगा. इसके लिए पेंशनर को आधार नंबर, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, बैंक या डाकघर बचत खाता नंबर और पीपीओ नंबर उपलब्ध करवाना होगा. प्रमाणपत्र जारी होने के बाद पेंशनर को मोबाइल पर पुष्टि संदेश प्राप्त होगा. इसके बाद अगले दिन प्रमाणपत्र ऑनलाइन देखा जा सकेगा और दिए गए ईमेल आईडी पर भी भेज दिया जाएगा. इस सुविधा का मुख्य उद्देश्य फेस ऑथेंटिकेशन और फिंगरप्रिंट बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण जैसी तकनीकों को बढ़ावा देना है, ताकि दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले पेंशनर भी आसानी से डिजिटल सेवाओं का लाभ उठा सकें.
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल… और पढ़ें
Location :
Jodhpur,Rajasthan
First Published :
November 20, 2025, 15:48 IST
homerajasthan
पेंशनर्स को प्रमाण पत्र के लिए नहीं लगाने होंगे चक्कर, घर बैठे ऐसे होगा काम!



