8 साल पुरानी मूवी से चुराया आइडिया, बनाई ऐसी फिल्म, किसी के समझ में नहीं आया लास्ट सीन, मेकर्स हुए मालामाल – ayushmann khurrana andhadhun suspense thriller movie left audiences confused Complicated endings could not understand last scene earn rs 456 crores

Last Updated:November 26, 2025, 23:08 IST
Bollywood Best Suspense Thriller Movie : सस्पेंस थ्रिलर फिल्मों का अपना एक अलग दर्शक वर्ग है. बॉलीवुड में समय-समय पर इस जॉनर की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कमाल दिखाती रही हैं. सस्पेंस थ्रिलर फिल्मों की सबसे बड़ी खासियत यही होती है कि इनकी पूरी कहानी किसी खास सीन के इर्द-गिर्द घूमती रहती है. फिल्म में अगला सीन क्या होगा, यह जानने की उत्सुकता दर्शकों में बनी रहती है. ये फिल्में लास्ट सीन तक दर्शकों को बांधकर रखती हैं. कई बार तो फिल्म के टाइटल का खुलासा ही फिल्म के अंत में होता है. 7 साल पहले ऐसी ही एक फिल्म ने सिनेमाघरों में दस्तक दी थी. यह फिल्म हिंदी सिनेमा की टॉप-10 सस्पेंस थ्रिलर मूवी में शामिल है. सबसे दिलचस्प बात यह है कि फिल्म जबर्दस्त हिट रही थी. इसने अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर 35 अवॉर्ड जीते थे. 43 से ज्यादा अवॉर्ड में नॉमिनेशन मिला था. 
सस्पेंस थ्रिलर फिल्मों में दर्शक भी पर्दे पर चल रही कहानी से जुड़ जाते हैं. अपने दिमाग के घोड़े दौड़ाते रहते हैं. यह बात अलग है कि डायरेक्टर हमेशा ऑडियंस की सोच से एक कदम आगे होता है. 7 साल पहले ऐसी ही एक फिल्म आई थी जिसकी एंडिंग देख दर्शक कन्फ्यूज हो गए थे. थिएटर्स से निकलने के बाद अपने-अपने हिसाब से फिल्म के एंडिंग सीन की व्याख्या की. फिल्म के हर सीन ऑडियंस की सोच से अलग थे. यह फिल्म थी : अंधाधुन जो 5 अक्टूबर 2018 में रिलीज हुई थी. इस फिल्म का लास्ट सीन जो फिल्म में दिखाया गया था, असल में वैसा कुछ भी नहीं हुआ था. आइये जानते हैं इस फिल्म से जुड़े दिलचस्प तथ्य…….

2018 में आई अंधाधुंध फिल्म का डायरेक्शन श्रीराम राघवन ने किया था. वायकॉम 18 मोशन पिक्चर्स के बैनर तले सुधांशु वत्स, अजित अंधारे, गौरव नंदा, अशोक वसोड़िया, केवल गर्ग और संजय रौत्रे ने फिल्म को प्रोड्यूस किया था. अंधाधुंध फिल्म की कहानी-स्क्रीनप्ले श्रीराम राघवन, हेमंत एम. राव, पूजा सूत्री, अरजीत बिश्वास और योगेश चंदेकर ने लिखा था.

<br />इस सस्पेंस थ्रिलर फिल्म में एक ब्लाइंड पियानो प्लेयर आकाश की कहानी दिखाई गई जो अनजाने में अपनी आंखों के सामने एक मर्डर होते देख लेता है. मृतक की चालाक पत्नी सिमी और उसका पुलिस इंस्पेक्टर प्रेमी मर्डर को अंजाम देते हैं. हालांकि सिमी समझ जाती है कि आकाश अंधा नहीं है. दोनों का अपहरण हो जाता है. फिल्म के लास्ट सीन में आकाश यूरोप के एक शहर में बैठकर अपनी प्रेमिका को कहानी का लास्ट सीन बताता है. खुद को बेचारा और सिमी को विलेन बताता है. सबसे ज्यादा दिलचस्प बात यह है कि फिल्म खत्म होने से ठीक पहले आकाश रोड पर पड़ी स्टिक से कैन को दूर हटा देता है. यानी फिल्म के लास्ट सीन में साबित होता है कि वो ब्लाइंड नहीं है. ऐसे में दर्शक कन्फ्यूज हो जाते हैं कि फिल्म का लास्ट सीन सच है या नहीं.
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मजेदार बात यह है कि अंधाधुंध फिल्म का प्रमोशन भी बहुत ज्यादा नहीं किया गया था. आयुष्मान खुरान ने इसकी वजह का खुलासा करते हुए कहा था कि अगर वो मीडिया के सामने जाते तो उनसे पूछा जाता कि फिल्म में सच में अंधे हैं या नहीं. वो इस तरह के सवालों से बचना चाहते थे. फिल्म के दौरान आंखों में ऐसे लेंस पहने थे, जिससे उन्हें 80 फीसदी दिखाई नहीं देता था. अंधाधुंध फिल्म का टाइटल पहले ‘द पियानो प्लेयर’ रखा जाना था.

अंधाधुंध फिल्म 2010 में एक फ्रेंच फिल्म The Piyano Turner (L’accordeur) से इंस्पायर्ड थी. राघवन ने अपने दोस्त हेमंत राव के अनुरोध पर 2013 में यह फिल्म देखी. इसी फिल्म से इंस्पायर्ड होकर अंधाधुंध फिल्म बनाई गई. 32 करोड़ रुपये के बजट में तैयार हुई अंधाधुंध फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था. फिल्म ने वर्ल्डवाइड 456 करोड़ का कलेक्शन किया. यह एक सुपरहिट फिल्म साबित हुई थी.

आयुष्मान खुराना और एक्ट्रेस तब्बू ने इस फिल्म में शानदार एक्टिंग की थी. आयुष्मान खुराना को इस फिल्म के लिए नेशनल अवॉर्ड भी मिला था. अंधाधुंध फिल्म के रिलीज होने से एक साल पहले 2017 में ऋतिक रोशन की ‘काबिल’ मूवी आई थी. इस फिल्म में भी एक ब्लाइंड मैन की कहानी थी. ऐसे में अंधाधुंध फिल्म के डायरेक्टर श्रीराम राघवन ने बिल्कुल नई एप्रोच के साथ अपनी फिल्म की कहानी लिखी.

सस्पेंस थ्रिलर फिल्मों के मास्टर कहे जाने वाले श्रीराम राघवन ने 2004 में एक हसीना से बतौर डायरेक्टर डेब्यू किया था. उन्होंने 2015 में रिलीज हुई फिल्म ‘बदलापुर’ की शूटिंग के दौरान ‘अंधाधुंध’ का आइडिया वरुण धवन से शेयर किया था. वरुण धवन दूसरी फिल्मों में बिजी हो गए. जब आयुष्मान खुराना को पता चला तो उन्होंने राघवन से संपर्क किया. उन्होंने कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा से पहली बार फिल्म के बारे में सुना था. आयुष्मान खुराना ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्होंने राघवन से यह फिल्म अपने लिए छीनी थी. राघवन ने अपनी कहानी तब्बू को ध्यान में रखकर लिखी थी. तब्बू ने वेवफा महिला का रोल मकबूल फिल्म में प्ले किया था.

<br />अंत में बात करते हैं अंधाधुंध फिल्म के लास्ट सीन की. फिल्म के लास्ट में आकाश हमें सात समुंदर पार एक रेस्टोरेंट में अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बैठा हुआ दिखाई देता है. वह राधिका आप्टे को रैबिट स्टिक से सिमी के एक्सीडेंट की झूठी कहानी सुनाता है. सच्चाई तो यह है कि उसने डॉक्टर स्वामी के ऑफर को स्वीकार कर लिया था. दोनों ने मिलकर दुबई में बैठे शेख को सिमी की बॉडी पहुंचाई. इसके बदल में दोनों को पैसे मिले. इन पैसे से आकाश को नई आंखें मिलीं. दिलचस्प बात यह है कि फिल्म में डॉक्टर स्वामी के कार से उतरने और सिमी के कार में बैठने की कहानी दिखाई जाती है. असल में यह कहानी फेक थी. आकाश यह झूठी कहानी सोफी को सुनाता है. यानी सोफी से सिंपैथी हासिल करने के लिए उसने कहानी को अपने हिसाब से सुनाया.
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November 26, 2025, 23:08 IST
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