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Last Updated:December 03, 2025, 10:51 IST
Udaipur Divyang Diwas: उदयपुर की प्रतिष्ठित संस्था पिछले 40 वर्षों में करीब 5 लाख निःशुल्क ऑपरेशन कर दिव्यांग जनों की जिंदगी बदल चुकी है. विश्व दिव्यांग दिवस पर संस्था ने अब देशभर में सुगमता बढ़ाने के बड़े मिशन की घोषणा की है. यह पहल दिव्यांगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं, सुविधाओं और सामाजिक समावेश को नई गति प्रदान करेगी.
विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर उदयपुर की एक ऐसी सामाजिक संस्था की बात करते है, जिसने पिछले चार दशकों से दिव्यांग जनों की जिंदगी में आशा की नई किरण जगाई है. पद्मश्री कैलाश मानव द्वारा स्थापित यह संस्था अब तक करीब 5 लाख दिव्यांग लोगों के निःशुल्क ऑपरेशन कर चुकी है और हजारों परिवारों के चेहरे पर मुस्कान लौटा चुकी है.

संस्था की शुरुआत 40 साल पहले तब हुई, जब पद्मश्री कैलाश मानव ने जन्मजात दिव्यांगता से जूझ रहे बच्चों के इलाज की कमी को गंभीरता से महसूस किया.उन्होंने इसे अपनी जीवन का मिशन बनाते हुए निःशुल्क ऑपरेशन की मुहिम शुरू की, जो आज देशभर में एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुकी है. चिकित्सा सुविधा, विशेषज्ञ डॉक्टरों और आधुनिक उपकरणों की मदद से संस्था ने ऐसे अनेक लोगों को नया जीवन दिया है, जो चलने-फिरने की उम्मीद तक छोड़ चुके थे.

कैलाश मानव के बाद अब उनके बेटे प्रशांत अग्रवाल और बहू संस्थान की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.दोनों ने संस्था के कामों को तकनीक और आधुनिक सेवाओं के साथ आगे बढ़ाया है. चिकित्सा सेवाओं के अलावा वे दिव्यांग जनों के पुनर्वास, शिक्षा, आजीविका और जीवनभर सहयोग की दिशा में भी अहम काम कर रहे हैं.
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संस्थापक के सिद्धांतों पर चलते हुए संस्था का मानना है कि जो भी व्यक्ति यहां एक बार आता है, वह हमेशा इस परिवार का हिस्सा बना रहता है.इलाज के बाद दिव्यांगजन को समाज में आत्मनिर्भर बनाने के लिए ट्रेंनिंग, व्हीलचेयर, कृत्रिम अंग और अन्य सहायक उपकरण भी निःशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं.

संस्था की एक अनूठी पहल निःशुल्क सामूहिक विवाह समारोह भी है, जो वर्षों से लगातार आयोजित किए जा रहे हैं.इन समारोहों के माध्यम से संस्था ने उन परिवारों की मदद की है, जिनके लिए आर्थिक स्थिति या शारीरिक चुनौतियों के कारण विवाह संभव नहीं हो पाता9 यह पहल न सिर्फ दो लोगों का जीवन बदलती है, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश भी देती है.

दिव्यांग जनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संस्था द्वारा चलाए जा रहे स्वरोजगार कार्यक्रम भी काफी सफल रहे हैं. यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर हजारों लोग आज खुद का रोजगार चला रहे हैं और आत्मसम्मान के साथ जीवन जी रहे हैं. संस्था का मानना है कि सही अवसर और सही प्रशिक्षण से दिव्यांग व्यक्ति भी किसी सामान्य व्यक्ति की तरह समाज में योगदान दे सकता है.

संस्थान का बड़ा और दूरगामी लक्ष्य अब देशभर को दिव्यांगजन-friendly बनाना है.संस्था सुगम्यता को लेकर अभियान चला रही है, ताकि स्कूल, अस्पताल, सरकारी दफ्तर, बाजार, सार्वजनिक स्थल और पर्यटन बिंदु हर जगह दिव्यांग लोगों के लिए आसान और सुरक्षित बन सकें.यह मिशन आने वाले समय में लाखों दिव्यांग जनों के जीवन को और सरल बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.
First Published :
December 03, 2025, 10:51 IST
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विश्व दिव्यांग दिवस पर बड़ा ऐलान, उदयपुर की संस्था ने बदली लाखों की किस्मत



